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वक्त पर नहीं मिली आपात सेवा, नवजात की मौत

Tue, 11 Oct 2016 10:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत Updated Tue, 11 Oct 2016 10:23 PM IST
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Emergency services received on time, neonatal death
वक्त पर नहीं मिली आपात सेवा, नवजात की मौत - फोटो : अमर उजाला
वक्त पर आपात चिकित्सा सेवा 108 के नहीं मिलने से एक नवजात की मौत हो गई। गर्भ में पल रहे शिशु की गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल से गर्भवती को हायर सेंटर रेफर किया गया, मगर आपात चिकित्सा सेवा 108 नहीं मिलने से उसे हायर सेंटर नहीं ले जाया जा सका और चंपावत के एक प्राइवेट अस्पताल में महिला ने शिशु को जन्म तो दिया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
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चंपावत के पास के पवैत गांव की गर्भवती नीरू जोशी (20) पत्नी प्रकाश जोशी को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार रात जिला अस्पताल लाया गया। परीक्षण के बाद गर्भ में पल रहे शिशु की नाजुक हालत को देखते हुए उच्च स्वास्थ्य केंद्र हल्द्वानी रेफर किया गया, लेकिन स्टैपनी नहीं होने से 108 सेवा रात में उपलब्ध नहीं हो पाई, इस कारण गर्भवती को आगे नहीं ले जाया जा सका।
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जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डा.आरके जोशी ने बताया कि शिशु के सिर की हड्डियां पूरी तरह विकसित नहीं हुई थी। इसके चलते शिशु का बचना कठिन था। वाहन नहीं मिलने पर परिजन गर्भवती महिला को जिला अस्पताल से एक प्राइवेट अस्पताल ले गए। जहां शिशु तो जन्मा, पर उसे बचाया नहीं जा सका।
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नौ दिन से रात में नहीं चल रही 108
 जिला मुख्यालय की आपात चिकित्सा सेवा 108 के हाल खस्ता हैं। यह सेवा मात्र दिन में चल रही है। 108 सेवा के जिला समन्वयक अमित धारीवाल ने बताया कि चंपावत की आपात सेवा में टायर की कमी की वजह से स्टैपनी नहीं है। इस कारण 3 अक्तूबर से यह सेवा सुबह 8 से रात 8 बजे तक ही संचालित हो पा रही है। रात के वक्त टायर पंक्चर होने के खतरे को देखते हुए रात की सेवा पर ब्रेक लगाया गया है। टायर के लिए धन की स्वास्थ्य महानिदेशक से मांग की गई है। धन मिलने पर सेवा रात में भी सुचारु हो सकेगी।



108 की हीलाहवाली से साढ़े तीन महीने में तीसरी मौत
संकटमोचक मानी जाने वाली आपात सेवा 108 पर अब लगातार सवालिया निशान लग रहे हैं। बीते साढ़े तीन माह में 108 सेवा की हीलाहवाली से तीसरी मौत हो गई है। 28 जून को असम में तैनात फौजी कनलगांव निवासी महेंद्र सिंह बोहरा की हृदयरोग से पीड़ित पत्नी गंगा देवी को वक्त पर आपात सेवा 108 नहीं मिल सकी। तब आपात सेवा 108 की कॉल देहरादून के बजाय लखनऊ रिसीव हो रही थी। इसे दुरुस्त करने में करीब दो घंटे से अधिक का वक्त लगा और खटीमा पहुंचते-पहुंचते महिला की मौत हो गई। 17 सितंबर को नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश के तामली की यशोदा देवी (63) पत्नी प्रेमबल्लभ जोशी अचानक बेहोश हो गई थी। उन्हें जिला अस्पताल लाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया। चंपावत की 108 सेवा ठीक नहीं होने से लंबी कवायद के बाद आपात सेवा लोहाघाट से भेजी गई, लेकिन इस कवायद में तीन घंटे बर्बाद हो गए और रास्ते में बेलखेत के पास महिला ने दम तोड़ दिया।
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