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पावर स्टेशन का विद्युत उत्पादन छह दिनों से ठप
अमर उजाला ब्यूरो बनबसा (चंपावत)।
Updated Thu, 02 Aug 2018 12:30 AM IST
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एनएचपीसी के टनकपुर पावर स्टेशन का सिल्ट इजेक्टर।
- फोटो : अमर उजाला
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शारदा नदी में अत्यधिक मलबा आने से एनएचपीसी की पावर चैनल की जलापूर्ति 27 जुलाई से बंद है। इस कारण छह दिनों से टनकपुर पावर स्टेशन का विद्युत उत्पादन ठप है। मलबे से पावर चैनल के हापर चोक हो गए हैं, जिनकी सफाई चल रही है।
एनएचपीसी प्रशासन नदी के पानी में पीपीएम (पार्ट पर मिनट) का अधिक होना बता रहा है। बारहमासी सड़क निर्माण का मलबा नदी में बहकर आने से नदी का पीपीएम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
पावर स्टेशन के महाप्रबंधक रईस मियां ने बताया कि चोक हापरों के खुलने पर ही पावर चैनल में पानी छोड़ा जाएगा। बताया कि नदी में 5000 पीपीएम (नदी के पानी में मलबे की मात्रा) से अधिक होने पर पावर चैनल की जलापूर्ति बंद कर दी जाती है।
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इन दिनों नदी में मलबे की मात्रा करीब सात हजार पीपीएम तक है। महाप्रबंधक ने बताया कि बुधवार को एनएचपीसी मुख्यालय फरीदाबाद से डिजाइन विभाग की तकनीकी टीम ने भी पावर चैनल का निरीक्षण किया। पावर स्टेशन के मुख्य अभियंता (विद्युत) अमिताभ झा ने बताया कि जलापूर्ति बंद करने से पहले पावर हाउस में 98 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा था। नदी में साफ पानी मिलने से पावर हाउस का देय विद्युत उत्पादन लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
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एनएचपीसी प्रशासन नदी के पानी में पीपीएम (पार्ट पर मिनट) का अधिक होना बता रहा है। बारहमासी सड़क निर्माण का मलबा नदी में बहकर आने से नदी का पीपीएम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
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पावर स्टेशन के महाप्रबंधक रईस मियां ने बताया कि चोक हापरों के खुलने पर ही पावर चैनल में पानी छोड़ा जाएगा। बताया कि नदी में 5000 पीपीएम (नदी के पानी में मलबे की मात्रा) से अधिक होने पर पावर चैनल की जलापूर्ति बंद कर दी जाती है।
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इन दिनों नदी में मलबे की मात्रा करीब सात हजार पीपीएम तक है। महाप्रबंधक ने बताया कि बुधवार को एनएचपीसी मुख्यालय फरीदाबाद से डिजाइन विभाग की तकनीकी टीम ने भी पावर चैनल का निरीक्षण किया। पावर स्टेशन के मुख्य अभियंता (विद्युत) अमिताभ झा ने बताया कि जलापूर्ति बंद करने से पहले पावर हाउस में 98 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा था। नदी में साफ पानी मिलने से पावर हाउस का देय विद्युत उत्पादन लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।