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लाइन में लगे बगैर प्रत्याशी को चुनेंगे बुजुर्ग वोटर
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Elderly voters will choose the candidate without standing in line
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चंपावत। बुजुर्ग मतदाताओं को अब मतदान के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। 80 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोग घर से ही लोकतंत्र के महापर्व का जश्न मना सकेंगे। बस इसके लिए उन्हें एक फार्म भरना होगा, ताकि वे डाक मतपत्र (पोस्टल बैलेट) के जरिए अपने पसंदीदा प्रत्याशी को वोट दे सकें। इस व्यवस्था का लाभ बुजुर्ग और बीमार लोगों के अलावा पहाड़ी क्षेत्रों के दुर्गम इलाकों को मिलेगा। जहां मतदान केंद्र एक से दो किमी दूर होने के साथ आवाजाही भी खासी दुरूह और कष्टप्रद होती है।
दो विधानसभा सीट वाले चंपावत जिले में कुल 197373 (लोहाघाट में 103386 और चंपावत में 93987) मतदाता हैं। इनमें से 3644 (लोहाघाट में 1429 और चंपावत में 2215) मतदाता 80 और उससे अधिक उम्र के हैं। विधानसभा के 2017 में हुए चुनाव में कुल 61.65 प्रतिशत मतदान हुआ। इनमें बुजुर्ग लोगों का मतदान प्रतिशत 21 प्रतिशत से भी कम रहा था। अलबत्ता अब इन बुजुर्ग मतदाताओं को जनवरी-फरवरी की कड़ाके की ठंड में मतदान केंद्र जाने के लिए पैदल दौड़ नहीं लगानी होगी। उन्हें घर में ही मतदान की सुविधा दी जा रही है। सेवानिवृत्त कमांडर त्रिलोक सिंह बोहरा सहित ज्यादातर बुजुर्ग लोग इस फैसले से उत्साहित हैं।
ऐसे मिलेगी ये सुविधा
चंपावत। जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी नैन सिंह माहरा ने बताया कि बुजर्ग मतदाताओं को बूथ लेवल अधिकारी के माध्यम से 12 घ प्रपत्र भरना होगा। सहायक निर्वाचन अधिकारी इसका सत्यापन करेंगे। और उसके बाद चुनाव प्रक्रिया के दौरान विधानसभा के निर्वाचन अधिकारी (आरओ) डाक मतपत्र जारी करेंगे। बुजुर्ग मतदाता के घर से ही मतपत्र सीलबंद लिफाफे में जमा कराए जाएंगे। मतगणना के दौरान सर्विस वोटरों के मतों की तरह ही इनकी भी ईवीएम के साथ गिनती होगी।
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दिव्यांग और कोविड संक्रमित मरीज को भी मिलेगी खास सुविधा
चंपावत। मतदान के लिए बुजुर्ग मतदाताओं की तरह ही दिव्यांग लोगों को भी ये सुविधा दी जाएगी। चंपावत जिले में इस वक्त कुल 1580 (लोहाघाट में 619 और चंपावत में 961) दिव्यांग मतदाता दर्ज हैं। इसके अलावा चुनाव प्रक्रिया के दौरान कोविड संक्रमण से अस्पताल में भर्ती मरीज के लिए भी मतदान की इसी तरह की व्यवस्था की जा रही है।
केंद्रीय निर्वाचन आयोग की इस नई पहल से बुजुर्ग मतदाताओं को न केवल सुविधा मिलेगी, बढ़ेगी मतदान करने वालों की संख्या भी बढ़ेगी। इस प्रक्रिया की जानकारी को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। - विनीत तोमर, जिला निर्वाचन अधिकारी, चंपावत।
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दो विधानसभा सीट वाले चंपावत जिले में कुल 197373 (लोहाघाट में 103386 और चंपावत में 93987) मतदाता हैं। इनमें से 3644 (लोहाघाट में 1429 और चंपावत में 2215) मतदाता 80 और उससे अधिक उम्र के हैं। विधानसभा के 2017 में हुए चुनाव में कुल 61.65 प्रतिशत मतदान हुआ। इनमें बुजुर्ग लोगों का मतदान प्रतिशत 21 प्रतिशत से भी कम रहा था। अलबत्ता अब इन बुजुर्ग मतदाताओं को जनवरी-फरवरी की कड़ाके की ठंड में मतदान केंद्र जाने के लिए पैदल दौड़ नहीं लगानी होगी। उन्हें घर में ही मतदान की सुविधा दी जा रही है। सेवानिवृत्त कमांडर त्रिलोक सिंह बोहरा सहित ज्यादातर बुजुर्ग लोग इस फैसले से उत्साहित हैं।
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ऐसे मिलेगी ये सुविधा
चंपावत। जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी नैन सिंह माहरा ने बताया कि बुजर्ग मतदाताओं को बूथ लेवल अधिकारी के माध्यम से 12 घ प्रपत्र भरना होगा। सहायक निर्वाचन अधिकारी इसका सत्यापन करेंगे। और उसके बाद चुनाव प्रक्रिया के दौरान विधानसभा के निर्वाचन अधिकारी (आरओ) डाक मतपत्र जारी करेंगे। बुजुर्ग मतदाता के घर से ही मतपत्र सीलबंद लिफाफे में जमा कराए जाएंगे। मतगणना के दौरान सर्विस वोटरों के मतों की तरह ही इनकी भी ईवीएम के साथ गिनती होगी।
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दिव्यांग और कोविड संक्रमित मरीज को भी मिलेगी खास सुविधा
चंपावत। मतदान के लिए बुजुर्ग मतदाताओं की तरह ही दिव्यांग लोगों को भी ये सुविधा दी जाएगी। चंपावत जिले में इस वक्त कुल 1580 (लोहाघाट में 619 और चंपावत में 961) दिव्यांग मतदाता दर्ज हैं। इसके अलावा चुनाव प्रक्रिया के दौरान कोविड संक्रमण से अस्पताल में भर्ती मरीज के लिए भी मतदान की इसी तरह की व्यवस्था की जा रही है।
केंद्रीय निर्वाचन आयोग की इस नई पहल से बुजुर्ग मतदाताओं को न केवल सुविधा मिलेगी, बढ़ेगी मतदान करने वालों की संख्या भी बढ़ेगी। इस प्रक्रिया की जानकारी को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। - विनीत तोमर, जिला निर्वाचन अधिकारी, चंपावत।