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Champawat News: जलवायु परिवर्तन का असर, जनवरी में खिल गया बुरांश का फूल
Sun, 02 Feb 2025 12:13 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 02 Feb 2025 12:13 AM IST
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चंपावत। जिला मुख्यालय के राजकीय फल संरक्षक केंद्र में जनवरी में ही बुरांश के फूल का जूस बनने के लिए आना शुरू हो गया है। पहाड़ में अक्सर फरवरी से मार्च में खिलने वाला बुरांश का फूल इस बार बेमौसम में ही खिल गया।
इस साल शीतकालीन बारिश और बर्फबारी में कम होने कारण तापमान में बढ़ोतरी हुई है। इसकी वजह से चंपावत के मंच, ललुआपानी, नरसिंह डांडा सहित गर्म घाटियों से बुरांश के फूल का जूस बनने के लिए आने लग गया है।
प्रभारी खाद्य निरीक्षक दिनेश बिष्ट ने बताया कि बुरांश का फूल जूस बनाने के लिए खरीदा जाने लगा है। पहली बार जनवरी में लोग बुरांश के फूल का जूस बनाने के लिए केंद्र में आ रहे हैं। अमूमन फूल फरवरी के अंत और मार्च तक जूस बनाने के लिए लोग लाते थे।
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जलवायु में बदलाव के कारण समय से पहले बुरांश का फूल खिलकर तैयार हो गया है। तापमान में बढ़ोतरी होने से हिमालय में भी बर्फ अधिक देर तक नहीं टिक पा रही है। - डॉ. बीपी ओली, विभागाध्यक्ष वनस्पति विज्ञान।
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इस साल शीतकालीन बारिश और बर्फबारी में कम होने कारण तापमान में बढ़ोतरी हुई है। इसकी वजह से चंपावत के मंच, ललुआपानी, नरसिंह डांडा सहित गर्म घाटियों से बुरांश के फूल का जूस बनने के लिए आने लग गया है।
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प्रभारी खाद्य निरीक्षक दिनेश बिष्ट ने बताया कि बुरांश का फूल जूस बनाने के लिए खरीदा जाने लगा है। पहली बार जनवरी में लोग बुरांश के फूल का जूस बनाने के लिए केंद्र में आ रहे हैं। अमूमन फूल फरवरी के अंत और मार्च तक जूस बनाने के लिए लोग लाते थे।
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जलवायु में बदलाव के कारण समय से पहले बुरांश का फूल खिलकर तैयार हो गया है। तापमान में बढ़ोतरी होने से हिमालय में भी बर्फ अधिक देर तक नहीं टिक पा रही है। - डॉ. बीपी ओली, विभागाध्यक्ष वनस्पति विज्ञान।