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:हिम दर्शन से जुड़ी परियोजना भी वक्त पर नहीं हो सकी पूरी
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एबटमाउंट से दिखने वाला पहाड़ी का बेहतरीन नजारा।
- फोटो : CHAMPAWAT
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1700 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एबटमाउंट में ईको फ्रेंडली टूरिज्म के तहत 2013 से शुरू पर्यटन परियोजना हिमालय दर्शन के लिए बेहद मुफीद थी। जिस योजना को जून 2015 में पूरा होना चाहिए था वह नवंबर 2014 से पूरे 52 महीने तक धन नहीं मिलने से लटकी रही। इस साल मार्च में बची रकम मिलने से अब फिर से काम शुरू हो गया है। अधिक वक्त लगने से सैलानियों के आने से होने वाली आय पर मार पड़ी है।
पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र की पर्यटन परियोजना के अंतर्गत एबटमाउंट में 449.10 लाख रुपये से पर्यटन परियोजना के तहत 8 ईको हट और व्यू प्वाइंट बनाए जाने थे।
चारों तरफ हरियाली से घिरे एबटमाउंट से न केवल दिलकश नजारों का लुत्फ उठाया जा सकेगा बल्कि सहज तरीके से हिमालय दर्शन भी हो सकेंगे। ईको हट और बहुउद्देश्यीय हॉल तो नवंबर 2014 में ही बन गया लेकिन इसके बाद से हिम दर्शन कराने वाले दो व्यू प्वाइंट नहीं बनाए जा सके।
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कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के अपर सहायक अभियंता बिजेंद्र सुयाल का कहना है कि इस साल मार्च में 87.49 लाख रुपये रिलीज होने के बाद बचा कार्य शुरू किया गया है। अब अक्तूबर तक इस बचे काम के पूरा होने की विभाग उम्मीद जता रहा है।
खास लकड़ी से बने हैं ईको हट
ईको हटों का निर्माण विशेष किस्म की लकड़ी से किया गया है। हटों का निर्माण यूरोप से मंगाई गई खास लकड़ी से किया गया है। इन हटों को रसायनों में शोधित कर हल्का और काफी टिकाऊ बनाया गया है।
एबटमाउंट की ईको हट पर्यटन परियोजना को इस साल अक्तूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बनने से सैलानियों की आमद भी बढ़ेगी। काम पूरा होने के बाद इसे पर्यटन विभाग को सौंप दिया जाएगा। पर्यटन विभाग निर्धारित किराये की दर पर इसे सैलानियों को उपयोग को देगा। सुरेंद्र नारायण पांडेय, जिलाधिकारी, चंपावत।
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पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र की पर्यटन परियोजना के अंतर्गत एबटमाउंट में 449.10 लाख रुपये से पर्यटन परियोजना के तहत 8 ईको हट और व्यू प्वाइंट बनाए जाने थे।
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चारों तरफ हरियाली से घिरे एबटमाउंट से न केवल दिलकश नजारों का लुत्फ उठाया जा सकेगा बल्कि सहज तरीके से हिमालय दर्शन भी हो सकेंगे। ईको हट और बहुउद्देश्यीय हॉल तो नवंबर 2014 में ही बन गया लेकिन इसके बाद से हिम दर्शन कराने वाले दो व्यू प्वाइंट नहीं बनाए जा सके।
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कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के अपर सहायक अभियंता बिजेंद्र सुयाल का कहना है कि इस साल मार्च में 87.49 लाख रुपये रिलीज होने के बाद बचा कार्य शुरू किया गया है। अब अक्तूबर तक इस बचे काम के पूरा होने की विभाग उम्मीद जता रहा है।
खास लकड़ी से बने हैं ईको हट
ईको हटों का निर्माण विशेष किस्म की लकड़ी से किया गया है। हटों का निर्माण यूरोप से मंगाई गई खास लकड़ी से किया गया है। इन हटों को रसायनों में शोधित कर हल्का और काफी टिकाऊ बनाया गया है।
एबटमाउंट की ईको हट पर्यटन परियोजना को इस साल अक्तूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बनने से सैलानियों की आमद भी बढ़ेगी। काम पूरा होने के बाद इसे पर्यटन विभाग को सौंप दिया जाएगा। पर्यटन विभाग निर्धारित किराये की दर पर इसे सैलानियों को उपयोग को देगा। सुरेंद्र नारायण पांडेय, जिलाधिकारी, चंपावत।

एबट माउंट का इको हट।- फोटो : CHAMPAWAT