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बारिश नहीं होने से दम तोड़ रही हैं किसानों की फसलें

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 21 Apr 2021 12:22 AM IST
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Due to no rain, the crops of farmers are dying
लोहाघाट के रायनगर चौड़ी गांव के सिंचाई लिफ्ट योजना से सिंचाई के लिए लोहावती नदी को बांधते हुए। - फोटो : LOHAGHAT
लोहाघाट (चंपावत)। लंबे समय से क्षेत्र में बारिश न होने से किसानों की फसलें सूख रही हैं। बारिश के कारण स्रोत सूखने के साथ नदी नालों में तब्दील हो गई हैं। किसानों के पास सिंचाई के साधन न होने से उनकी पूरी निर्भरता बारिश पर टिकी रहती है। नदियों में पानी की कमी के कारण सिंचाई लिफ्ट योजनाएं ठप पड़ गई हैं।
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नगर से लगे रायनगर चौड़ी गांव के लिए बनाई गई लघु डाल विभाग की सिंचाई लिफ्ट पेयजल योजना नदी में पानी की भारी कमी के कारण बंद होने की कगार में पहुंच चुकी है। ग्रामीणों की ओर से जन सहयोग से नदी का पानी रोककर जैसे तैसे कामचलाऊ व्यवस्था के चलते अस्थाई तालाब बनाया हुआ है। तालाब में पानी भरने के बाद उसे मशीन से लिफ्ट कर किसानों को सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। पंप ऑपरेटर गणेश दत्त राय का कहना है कि गांव के लिए बनी लिफ्ट सिंचाई योजना लोहावती नदी से संचालित होती है। बारिश न होने से नदी नाले के रूप में तब्दील हो गई है। नदी में पर्याप्त पानी न होने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण भैरव राय, प्रकाश राय, हरीश कापड़ी, बसंत राय, महेश राय, सचिन राय, रितिक राय, राजू राय, सुनील राय आदि ने नदी के पानी को रोककर तालाब बनाया है, जिसमें कुछ समय पानी रोकने के बाद उसे लिफ्ट कर काम चलाया जा रहा है।
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पिथौरागढ़ जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग
पिथौरागढ़। पूर्व जिपं अध्यक्ष किशन भंडारी ने जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है। उनका कहना है कि बारिश नहीं होने के कारण फसलें पूरी तरह चौपट हो गई हैं। इससे किसान परेशान हैं उन्होंने डीएम को पत्र देकर जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
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डीएम को दिए पत्र में उन्होंने कहा कि बारिश नहीं होने के कारण 95 प्रतिशत फसलें प्रभावित हुई हैं। बागवानी पर भी इस व्यापक असर पड़ा है। जिले के 80 प्रतिशत किसानों के पास सिंचाई की उचित व्यवस्था नहीं है। इसके चलते उन्हें फसलों की सिंचाई के लिए बारिश पर ही निर्भर रहना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह पूर्व में भी पत्र दे चुके हैं। इसके बाद भी इस पर कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने किसानों की समस्या को देखते हुए जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है।(संवाद)
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