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तल्लादेश में शुरू हुई पानी की किल्लत
Sun, 10 Mar 2019 10:25 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत।
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Sun, 10 Mar 2019 10:25 PM IST
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ग्राम प्रधान दान सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश के कई गांवों में लोगों को गर्मी शुरू होने से पहले ही पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। यहां के लोग पानी भरने के लिए रातजगा कर रहे हैं। ग्रामीणों नेे जल्द ही पेयजल आपूर्ति ठीक नहीं होने पर लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है।
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तल्लादेश क्षेत्र के तामली, पोलप, रमेला, रायलगांव, कारी, सौराई सहित कई ग्राम पंचायतों में इन दिनों लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। पेयजल लाइन में पानी नहीं आने से ग्रामीण एक से दो किलोमीटर दूर गधेरे से पानी ढोने को मजबूर हैं। रमेला गांव से 800 दूर स्थित नल से पानी के लिए लंबी लाइन के चलते कई लोग रात में पानी भरने को मजबूर हैं।
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ग्रामीणों का आरोप है कि कई महीनों से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को ठीक नहीं करने से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्राम प्रधान राजेश सिंह, सुनीता देवी, ईश्वरी देवी, कमल सिंह, विक्रम सिंह, सुरेश बोहरा, हयात राम, हेतराम ने कहा कि बरकुम, सियासी, धूरा, ल्वार्की में पेयजल किल्लत बनी हुई है। कई बार जन प्रतिनिधियों को बताने के बावजूद हालत में सुधार नहीं हो सका है।
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जिला पंचायत सदस्य बसंत पुनेठा ने कहा कि क्षेत्र में आठ महीने पहले पेयजल लाइनों की मरम्मत की गई थी। इसके बाद बरसात में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण नलों में पानी नहीं आ रहा है। ग्रामीण गधेरों से पानी पीने को मजबूर हैं। अब यहां के लोग चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दे रहे हैं।
धूरा तोक में दो साल से खराब पड़ा है हैंडपंप
धूरा तोक में लगा हैंडपंप दो साल से खराब पड़ा है। हैंडपंप खराब होने की शिकायत ग्रामीणों ने तीन-चार बार कर दी है। हैंडपंप ठीक नहीं होने से ग्रामीणों को पानी के लिए समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
तल्लादेश क्षेत्र की कई पेयजल लाइन बरसात के बाद से खराब हैं। लाइनों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। लाइनें ठीक होने तक पेयजल किल्लत वाले स्थानों पर वैकल्पिक उपाय किए जाएंगे।
किशोर पंत, अपर सहायक अभियंता, जल संस्थान।
पेयजल संकट सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों की उपेक्षा का नमूना है। यहां के लोग न केवल जिला मुख्यालय से दूर हैं बल्कि पानी जैसी बुनियादी जरूरत की आवाज भी मुख्यालय तक नहीं पहुंच रही है।
भुवन जोशी दुकानदार।
गांव के लोग पानी के लिए समस्याएं उठा रहे हैं। इसे लेकर कई बार गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन हर स्तर से अनसुनी हो रही है। अगर जल्द हालात न सुधरे तो लोग चुनाव बहिष्कार करेंगे।
दान सिंह ग्राम प्रधान।