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डॉ. विष्णु दत्त भट्ट सरल के साथ पोस्टकार्ड से करते थे पत्राचार
ब्यूरो् /अमर उजाला, चंपावत।
Updated Sat, 24 Nov 2018 10:22 PM IST
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हिमांशु जोशी
- फोटो : अमर उजाला
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चंपावत। खेतीखान निवासी प्रख्यात लेखक, कथाकार और उपन्यासकार हिमांशु जोशी के निधन पर साहित्यकारों और पत्रकारों ने शोक का इजहार किया है।
साहित्यकार और जीआईसी देवीधुरा के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ.विष्णु दत्त भट्ट सरल ने बताया कि हिमांशु जोशी उनके साथ पोस्टकार्ड के माध्यम से पत्राचार करते थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 में चंपावत जिला मुख्यालय के विभिन्न स्थानों में पहाड़ पत्रिका के रजत जयंती वर्ष समारोह में शामिल होने के दौरान हिमांशु जोशी से उनकी मुलाकात और परिचय हुआ था।
उसके बाद वह पोस्टकार्ड के माध्यम से पत्राचार करते थे। उन्होंने बताया कि वह पोस्टकार्ड का जवाब पोस्टकार्ड के माध्यम से अवश्य देते थे। हिमांशु जोशी ने उन्हें लगातार लिखते रहने के लिए प्रेरित किया। दूसरी ओर हिमांशु जोशी के निधन पर शोक जताने का सिलसिला जारी है।
साहित्यकार डॉ.बीसी जोशी, डॉ.डीडी जोशी, डॉ.टीआर जोशी, राजेंद्र प्रसाद गहतोड़ी, हिमांशु जोशी, डॉ.प्रकाश जोशी, डॉ.एमसी जोशी, प्रो.बीडी सुतेड़ी, डॉ.कीर्तिबल्लभ सक्टा, सुभाष जोशी, मदन सिंह महर, तीलू रौतेली पुरस्कार प्राप्त रीता गहतोड़ी, अंजू पांडेय, अनुराग सिंह, प्रहलाद सिंह, देवेंद्र ओली, हिमेश कलखुड़िया, फणींद्र कुमार पांडेय, पुष्कर सिंह बोहरा, राम प्रसाद, विवेक जोशी, राजेश ओली, दिनेश चंद्र, सतीश जोशी, कैलाश पांडेय, गिरीश बिष्ट, चंद्रशेखर, आदि ने दो मिनट का मौन रखकर हिमांशु जोशी के निधन को साहित्य जगत की अपूरणीय क्षति बताया।
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साहित्यकार और जीआईसी देवीधुरा के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ.विष्णु दत्त भट्ट सरल ने बताया कि हिमांशु जोशी उनके साथ पोस्टकार्ड के माध्यम से पत्राचार करते थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 में चंपावत जिला मुख्यालय के विभिन्न स्थानों में पहाड़ पत्रिका के रजत जयंती वर्ष समारोह में शामिल होने के दौरान हिमांशु जोशी से उनकी मुलाकात और परिचय हुआ था।
उसके बाद वह पोस्टकार्ड के माध्यम से पत्राचार करते थे। उन्होंने बताया कि वह पोस्टकार्ड का जवाब पोस्टकार्ड के माध्यम से अवश्य देते थे। हिमांशु जोशी ने उन्हें लगातार लिखते रहने के लिए प्रेरित किया। दूसरी ओर हिमांशु जोशी के निधन पर शोक जताने का सिलसिला जारी है।
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साहित्यकार डॉ.बीसी जोशी, डॉ.डीडी जोशी, डॉ.टीआर जोशी, राजेंद्र प्रसाद गहतोड़ी, हिमांशु जोशी, डॉ.प्रकाश जोशी, डॉ.एमसी जोशी, प्रो.बीडी सुतेड़ी, डॉ.कीर्तिबल्लभ सक्टा, सुभाष जोशी, मदन सिंह महर, तीलू रौतेली पुरस्कार प्राप्त रीता गहतोड़ी, अंजू पांडेय, अनुराग सिंह, प्रहलाद सिंह, देवेंद्र ओली, हिमेश कलखुड़िया, फणींद्र कुमार पांडेय, पुष्कर सिंह बोहरा, राम प्रसाद, विवेक जोशी, राजेश ओली, दिनेश चंद्र, सतीश जोशी, कैलाश पांडेय, गिरीश बिष्ट, चंद्रशेखर, आदि ने दो मिनट का मौन रखकर हिमांशु जोशी के निधन को साहित्य जगत की अपूरणीय क्षति बताया।
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