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संयुक्त चिकित्सालय में डॉक्टरों का टोटा, मरीज बेहाल
ब्यूरो/ अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)।
Updated Sun, 07 May 2017 10:33 PM IST
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संयुक्त चिकित्सालय
- फोटो : अमर उजाला
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राज्य में सत्ता बदले करीब डेढ़ माह से अधिक समय बीत गया है, लेकिन अब तक चिकित्सा जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं आ पाया है। जिले के सीमांत मैदानी क्षेत्र के संयुक्त चिकित्सालय में डॉक्टरों की कमी से चिकित्सा व्यवस्था बदहाल है। अस्पताल में महिला चिकित्साधिकारी, सर्जन, अस्थि रोग विशेषज्ञ जैसे जरूरी डॉक्टरों के पद रिक्त हैं। इससे स्वास्थ्य सेवा बुरी तरह चरमराई है। चिकित्सा व्यवस्था के इस हाल पर शासन-प्रशासन की अनदेखी एवं जनप्रतिनिधियों की चुप्पी रोगियों को भारी पड़ रही है।
मैदानी क्षेत्र टनकपुर, बनबसा के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल के रोगियों को राहत देने वाला संयुक्त चिकित्सालय लंबे समय से शासन-प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों की उदासीनता दंश झेलता आ रहा है। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद लोगों को स्वास्थ्य सेवा में सुधार की उम्मीद जगी थी, लेकिन 45 दिनों में बेपटरी चिकित्सा सेवा में कोई बदलाव नहीं आया है। आज भी गंभीर रोगियों को यहां इलाज मिलने के बजाय उन्हें रेफर कर दिया जाता है। अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक समेत डॉक्टरों के 14 पद सृजित हैं, लेकिन वर्तमान में सर्जन समेत दस चिकित्सकों के पद रिक्त पड़े हैं। महिला चिकित्सक तक की नियुक्ति नहीं है, इससे महिला रोगियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सामान्य प्रसव तो स्टाफ नर्सों के भरोसे हो रहे हैं, लेकिन प्रसव के गंभीर मामलों को रेफर कर दिया जाता है। अस्पताल में फिजीशियन, रेडियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट, नेत्र सर्जन, अस्थि रोग विशेषज्ञ, ईएमओ के पद तो रिक्त हैं ही प्रशासनिक अधिकारी तक विभाग तैनात नहीं कर पा रहा है। इतना ही नहीं अस्पताल में चौकीदार का पद भी रिक्त है।
इस बाबत अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. एचएस ह्यांकी ने बताया कि रिक्त पदों पर डॉक्टरों की तैनाती के लिए कई बार विभाग को पत्र भेजा जा चुका है। उन्होंने बताया कि निकट भविष्य में चिकित्सकों के कुछ पद भरे जाने की संभावना है।
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पूर्णागिरि के श्रद्धालुओं को भी नहीं मिल पा रही बेहतर सुविधा
टनकपुर। संयुक्त चिकित्सालय की बदहाल स्वास्थ्य सेवा से मां पूर्णागिरि धाम आ रहे श्रद्धालुओं को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है। भीषण गर्मी में श्रद्धालुओं की तबियत बिगड़ने पर उन्हें संयुक्त चिकित्सालय लाया जाता है, लेकिन चिकित्सकों की कमी के चलते उन्हें रेफर करना अस्पताल प्रशासन की मजबूरी बन गया है। मां पूर्णागिरि मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने कहा कि शासन को शीघ्र संयुक्त चिकित्सालय में सर्जन समेत महत्वपूर्ण डॉक्टरों की नियुक्ति करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस मामले में शीघ्र ही विधायक के साथ मंदिर समिति का प्रतिनिधि मंडल देहरादून जाएगा और मुख्यमंत्री के समक्ष मेले के दौरान पर्याप्त डॉक्टरों की तैनाती की मांग उठाई जाएगी।
मैदानी क्षेत्र टनकपुर, बनबसा के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल के रोगियों को राहत देने वाला संयुक्त चिकित्सालय लंबे समय से शासन-प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों की उदासीनता दंश झेलता आ रहा है। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद लोगों को स्वास्थ्य सेवा में सुधार की उम्मीद जगी थी, लेकिन 45 दिनों में बेपटरी चिकित्सा सेवा में कोई बदलाव नहीं आया है। आज भी गंभीर रोगियों को यहां इलाज मिलने के बजाय उन्हें रेफर कर दिया जाता है। अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक समेत डॉक्टरों के 14 पद सृजित हैं, लेकिन वर्तमान में सर्जन समेत दस चिकित्सकों के पद रिक्त पड़े हैं। महिला चिकित्सक तक की नियुक्ति नहीं है, इससे महिला रोगियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सामान्य प्रसव तो स्टाफ नर्सों के भरोसे हो रहे हैं, लेकिन प्रसव के गंभीर मामलों को रेफर कर दिया जाता है। अस्पताल में फिजीशियन, रेडियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट, नेत्र सर्जन, अस्थि रोग विशेषज्ञ, ईएमओ के पद तो रिक्त हैं ही प्रशासनिक अधिकारी तक विभाग तैनात नहीं कर पा रहा है। इतना ही नहीं अस्पताल में चौकीदार का पद भी रिक्त है।
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इस बाबत अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. एचएस ह्यांकी ने बताया कि रिक्त पदों पर डॉक्टरों की तैनाती के लिए कई बार विभाग को पत्र भेजा जा चुका है। उन्होंने बताया कि निकट भविष्य में चिकित्सकों के कुछ पद भरे जाने की संभावना है।
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पूर्णागिरि के श्रद्धालुओं को भी नहीं मिल पा रही बेहतर सुविधा
टनकपुर। संयुक्त चिकित्सालय की बदहाल स्वास्थ्य सेवा से मां पूर्णागिरि धाम आ रहे श्रद्धालुओं को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है। भीषण गर्मी में श्रद्धालुओं की तबियत बिगड़ने पर उन्हें संयुक्त चिकित्सालय लाया जाता है, लेकिन चिकित्सकों की कमी के चलते उन्हें रेफर करना अस्पताल प्रशासन की मजबूरी बन गया है। मां पूर्णागिरि मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने कहा कि शासन को शीघ्र संयुक्त चिकित्सालय में सर्जन समेत महत्वपूर्ण डॉक्टरों की नियुक्ति करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस मामले में शीघ्र ही विधायक के साथ मंदिर समिति का प्रतिनिधि मंडल देहरादून जाएगा और मुख्यमंत्री के समक्ष मेले के दौरान पर्याप्त डॉक्टरों की तैनाती की मांग उठाई जाएगी।