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जिला योजना : लक्ष्य हासिल करने के लिए हर दिन खर्चने होंगे 28.66 लाख
Sat, 09 Dec 2023 10:13 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 09 Dec 2023 10:13 PM IST
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चंपावत। वित्त वर्ष 2023-24 में दो तिहाई से अधिक समय बीत चुका है लेकिन जिला योजना के खर्च की गति काफी ढीली है। आठ माह में सिर्फ 40 प्रतिशत राशि खर्च हो सकी है अब बचे हुए चार माह में कुल अनुमोदित राशि का 60 प्रतिशत (3238.96 लाख रुपये) खर्च करने की चुनौती है। 10 दिसंबर से 31 मार्च 2024 तक वित्तीय वर्ष के खत्म होने में 113 दिन शेष हैं, इस हिसाब से सरकारी विभागों को हर दिन 28.66 लाख रुपये के कार्य कराने होंगे, तब जाकर लक्ष्य पूरा होगा।
वर्तमान वित्त वर्ष में 5401.87 लाख रुपये की जिला योजना है। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी दीप्तकीर्ति तिवारी का कहना है कि शासन से जिला योजना की अनुमोदित राशि की शत-प्रतिशत राशि अवमुक्त हो चुकी है। इस राशि में से चंपावत की जिला योजना में से नवंबर तक 2162.91 (40.04 प्रतिशत) लाख रुपये ही खर्च हो सके हैं।
अब अगले साल मार्च तक चार माह से कम समय में 3238.96 लाख रुपये खर्च करने होंगे। धन के खर्च होने में देरी का मुख्य कारण विभागों को बजट अवमुक्त होने में अधिक समय लगना है। उन्होंने बताया कि अब सभी विभागों को 99 प्रतिशत से अधिक राशि दी जा चुकी है। इन विभागों के अधिकारियों का कहना है कि काम की गति में तेजी लाई जा रही है। दो महीने में अधिकांश धन का उपयोग हो जाएगा। बता दें कि कम समय में धन को खर्च करने के दबाव में काम को जल्दबाजी में पूरा कराने से गुणवत्ता पर असर पड़ने की आशंका रहती है।
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कोट
जिला योजना के सभी काम चल रहे हैं। कोई तकनीकी अड़चन नहीं है। काम की प्रगति में देरी की वजह विभागों को दूसरी किस्त के अवमुक्त होने में समय लगना है। नवंबर में शत-प्रतिशत राशि विभागों को दी जा चुकी है। सभी योजनाएं निर्धारित समय के भीतर पूरी कर ली जाएंगी। - नवनीत पांडे, डीएम, चंपावत।
कमजोर प्रदर्शन करने वाले विभाग
विभाग अनुमोदित राशि (लाख रुपये में) व्यय राशि
उद्यान 345.77- 73.79
कृषि 127.00- 33.05
मत्स्य पालन 125.42- 41.00
उरेडा 100.00- 10.71
पंचायतीराज 370.50- 119.00
पर्यटन एवं साहसिक कार्य 350.56 - 94.00
सामुदायिक विकास एवं विकासखंडों को अनुदान 60.50 - 15.00
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राज्य सेक्टर और केंद्र योजना की गति है तेज
जिला योजना के विपरीत राज्य सेक्टर और केंद्र पोषित योजना में जिले ने बेहतर किया है। राज्य सेक्टर में 15,599.63 लाख रुपये में से 10,638.61 लाख (68.20 प्रतिशत) और केंद्र पोषित योजना में 13,782.77 लाख में से 12,685.67 लाख (99.74 प्रतिशत) रुपये पहले आठ माह में खर्च किए जा चुके हैं।
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वर्तमान वित्त वर्ष में 5401.87 लाख रुपये की जिला योजना है। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी दीप्तकीर्ति तिवारी का कहना है कि शासन से जिला योजना की अनुमोदित राशि की शत-प्रतिशत राशि अवमुक्त हो चुकी है। इस राशि में से चंपावत की जिला योजना में से नवंबर तक 2162.91 (40.04 प्रतिशत) लाख रुपये ही खर्च हो सके हैं।
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अब अगले साल मार्च तक चार माह से कम समय में 3238.96 लाख रुपये खर्च करने होंगे। धन के खर्च होने में देरी का मुख्य कारण विभागों को बजट अवमुक्त होने में अधिक समय लगना है। उन्होंने बताया कि अब सभी विभागों को 99 प्रतिशत से अधिक राशि दी जा चुकी है। इन विभागों के अधिकारियों का कहना है कि काम की गति में तेजी लाई जा रही है। दो महीने में अधिकांश धन का उपयोग हो जाएगा। बता दें कि कम समय में धन को खर्च करने के दबाव में काम को जल्दबाजी में पूरा कराने से गुणवत्ता पर असर पड़ने की आशंका रहती है।
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जिला योजना के सभी काम चल रहे हैं। कोई तकनीकी अड़चन नहीं है। काम की प्रगति में देरी की वजह विभागों को दूसरी किस्त के अवमुक्त होने में समय लगना है। नवंबर में शत-प्रतिशत राशि विभागों को दी जा चुकी है। सभी योजनाएं निर्धारित समय के भीतर पूरी कर ली जाएंगी। - नवनीत पांडे, डीएम, चंपावत।
कमजोर प्रदर्शन करने वाले विभाग
विभाग अनुमोदित राशि (लाख रुपये में) व्यय राशि
उद्यान 345.77- 73.79
कृषि 127.00- 33.05
मत्स्य पालन 125.42- 41.00
उरेडा 100.00- 10.71
पंचायतीराज 370.50- 119.00
पर्यटन एवं साहसिक कार्य 350.56 - 94.00
सामुदायिक विकास एवं विकासखंडों को अनुदान 60.50 - 15.00
राज्य सेक्टर और केंद्र योजना की गति है तेज
जिला योजना के विपरीत राज्य सेक्टर और केंद्र पोषित योजना में जिले ने बेहतर किया है। राज्य सेक्टर में 15,599.63 लाख रुपये में से 10,638.61 लाख (68.20 प्रतिशत) और केंद्र पोषित योजना में 13,782.77 लाख में से 12,685.67 लाख (99.74 प्रतिशत) रुपये पहले आठ माह में खर्च किए जा चुके हैं।