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विस्थापन की मांग को प्रदर्शन किया
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
Updated Wed, 05 Jul 2017 10:37 PM IST
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प्रदर्शन करते खिद्दारी के ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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वनरावत बाहुल्य गांव खिरद्वारी में लोग दैवी आपदा से सहमे हुए हैं। बरसात में भूस्खलन व नाले नेे उनकी नींद उड़ाई है। विस्थापन की यहां के ग्रामीण लंबे समय से मांग करते रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों की लगातार अनसुनी होती रही है। ग्रामीणों ने एक बार फिर इस मामले को लेकर डीएम से मुलाकात की। साथ ही जिला मुख्यालय में सांकेतिक प्रदर्शन भी किया।
जोत सिंह रजवार के नेतृत्व में मीना देवी, भाना देवी, सुनीता देवी, कलावती देवी ने 51 किलोमीटर दूर आकर यहां प्रदर्शन किया। कहा कि नाले और भूस्खलन से यहां के कई मकान खतरे की जद में हैं। ग्रामीणों ने खिरद्वारी के खतरे वाली जगह के बदले चंपावत या ऊधमसिंह नगर जिले में जमीन आवंटित करने की मांग की है।
कहा कि मामले को लेकर पिछले साल नवंबर में यहां के एक प्रतिनिधिमंडल ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी के नेतृत्व में देहरादून जाकर मुख्यमंत्री के सामने मामले को उठाया। लेकिन फिर भी कोई राहत नहीं हुई। थकहार कर इन ग्रामीणों ने अब अपनी व्यथा जिलाधिकारी के सामने रखी। डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय व टनकपुर के एसडीएम एके चन्याल को स्थलीय मुआयना करने के निर्देश दिए। मौका मुआयना के बाद विस्थापन की कार्यवाही की जाएगी।
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जोत सिंह रजवार के नेतृत्व में मीना देवी, भाना देवी, सुनीता देवी, कलावती देवी ने 51 किलोमीटर दूर आकर यहां प्रदर्शन किया। कहा कि नाले और भूस्खलन से यहां के कई मकान खतरे की जद में हैं। ग्रामीणों ने खिरद्वारी के खतरे वाली जगह के बदले चंपावत या ऊधमसिंह नगर जिले में जमीन आवंटित करने की मांग की है।
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कहा कि मामले को लेकर पिछले साल नवंबर में यहां के एक प्रतिनिधिमंडल ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी के नेतृत्व में देहरादून जाकर मुख्यमंत्री के सामने मामले को उठाया। लेकिन फिर भी कोई राहत नहीं हुई। थकहार कर इन ग्रामीणों ने अब अपनी व्यथा जिलाधिकारी के सामने रखी। डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय व टनकपुर के एसडीएम एके चन्याल को स्थलीय मुआयना करने के निर्देश दिए। मौका मुआयना के बाद विस्थापन की कार्यवाही की जाएगी।
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