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बस नाम का डिजिटल गांव है बगौटी:
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कॉमन सर्विस सेंटर के चंपावत जिले के प्रबंधक जसवंत सिंह।
- फोटो : CHAMPAWAT
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल इंडिया पर जोर दे रहे है लेकिन उनकी यह योजना चंपावत जिले में धरातल पर नहीं उतर पा रही है। नेटवर्क की दिक्कत के चलते जिले के पहले डिजिटल गांव के बुरे हाल हैं। ऑनलाइन काम होना तो दूर सामान्य नेटवर्क भी ठीक काम नहीं करते हैं।
नेपाल सीमा से लगा 500 की आबादी वाला बगौटी गांव इस साल अप्रैल में जिले का पहला डिजिटल गांव बना। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिक मंत्रालय की डिजिटल ग्राम योजना के तहत लोहाघाट से 32 किमी दूर बगौटी को चंपावत जिले का पहला डिजिटल गांव घोषित किया गया है।
डिजिटल गांव के क्रियान्वयन का काम गांव में स्थापित सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) द्वारा किया जा रहा है। इसके अंतर्गत टेलीपैथी, टैली मेडिसन, ऑनलाइन आवेदन सहित कई सुविधाएं दी जाएंगी।
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इस साल 26 अप्रैल को बगौटी गांव के एक बारातघर में सीएससी का एक बोर्ड लगा दिया गया लेकिन सीएससी खुलने के साढ़े चार माह से अधिक बीतने के बावजूद डिजिटल गांव की सुविधा नहीं मिल पा रही है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य हरीश चंद्र पांडेय का कहना है कि शुभारंभ मौके पर जिन सुविधाओं को देने की बात कही गई थी उनमें ज्यादातर नहीं मिल पा रही है।
उनका कहना है कि जब गांव में इंटरनेट की सुविधा ही ठीक हाल में नहीं है तो इसे डिजिटल गांव बनाना अर्थहीन है। पहले यहां बीएसएनएल की सेवा मिलती थी। उसके बाद कुछ निजी नेटवर्क चले मगर कुछ समय बाद ये बंद हो गए।
इस वक्त यहां छिटपुट बीएसएनएल और ऊंचाई वाली जगहों में एक निजी मोबाइल नेटवर्क के सिगनल ही मिल पाते हैं। सीएससी के जिला प्रबंधक जसवंत सिंह का कहना है कि इसके तहत लोगों को बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित तमाम क्षेत्रों में ऑनलाइन सुविधा दी जानी है।
डिजिटल गांव में सभी काम ई सुविधा से
चंपावत। डिजिटल गांव घोषित होने के बाद बगोटी में तमाम कार्य इलेक्ट्रानिक तरीके से होने चाहिए। ग्रामीणों को पानी-बिजली के बिल जमा करने, आयुष्मान कार्ड बनाने, सेवायोजन पंजीकरण, तहसील से जारी होने वाले सभी प्रमाण पत्रों के अलावा कैशलेस सिस्टम, नेट बैंकिंग, स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर व टेबलेट की सुविधा, गांव में फ्री वाई-फाई आदि सुविधा मिलनी चाहिए। इसके अलावा दस दिन के निशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण के जरिए 14 से 60 साल तक के लोगों को डिजिटल साक्षर किया जाना है।
लोहाघाट विकासखंड की सभी 65 ग्राम पंचायतें भारत नेटवर्क से जुड़ी हुई हैं। बगोटी गांव का चयन प्रदेश स्तर से हुआ है। अभी थ्री-जी सुविधा भी कभी-कभार मिल पा रही है। सभी कॉमन सर्विस सेंटरों को भारत नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद सुविधा बेहतर मिल सकेगी। जसवंत सिंह, जिला प्रभारी, सीएससी, चंपावत
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नेपाल सीमा से लगा 500 की आबादी वाला बगौटी गांव इस साल अप्रैल में जिले का पहला डिजिटल गांव बना। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिक मंत्रालय की डिजिटल ग्राम योजना के तहत लोहाघाट से 32 किमी दूर बगौटी को चंपावत जिले का पहला डिजिटल गांव घोषित किया गया है।
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डिजिटल गांव के क्रियान्वयन का काम गांव में स्थापित सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) द्वारा किया जा रहा है। इसके अंतर्गत टेलीपैथी, टैली मेडिसन, ऑनलाइन आवेदन सहित कई सुविधाएं दी जाएंगी।
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इस साल 26 अप्रैल को बगौटी गांव के एक बारातघर में सीएससी का एक बोर्ड लगा दिया गया लेकिन सीएससी खुलने के साढ़े चार माह से अधिक बीतने के बावजूद डिजिटल गांव की सुविधा नहीं मिल पा रही है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य हरीश चंद्र पांडेय का कहना है कि शुभारंभ मौके पर जिन सुविधाओं को देने की बात कही गई थी उनमें ज्यादातर नहीं मिल पा रही है।
उनका कहना है कि जब गांव में इंटरनेट की सुविधा ही ठीक हाल में नहीं है तो इसे डिजिटल गांव बनाना अर्थहीन है। पहले यहां बीएसएनएल की सेवा मिलती थी। उसके बाद कुछ निजी नेटवर्क चले मगर कुछ समय बाद ये बंद हो गए।
इस वक्त यहां छिटपुट बीएसएनएल और ऊंचाई वाली जगहों में एक निजी मोबाइल नेटवर्क के सिगनल ही मिल पाते हैं। सीएससी के जिला प्रबंधक जसवंत सिंह का कहना है कि इसके तहत लोगों को बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित तमाम क्षेत्रों में ऑनलाइन सुविधा दी जानी है।
डिजिटल गांव में सभी काम ई सुविधा से
चंपावत। डिजिटल गांव घोषित होने के बाद बगोटी में तमाम कार्य इलेक्ट्रानिक तरीके से होने चाहिए। ग्रामीणों को पानी-बिजली के बिल जमा करने, आयुष्मान कार्ड बनाने, सेवायोजन पंजीकरण, तहसील से जारी होने वाले सभी प्रमाण पत्रों के अलावा कैशलेस सिस्टम, नेट बैंकिंग, स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर व टेबलेट की सुविधा, गांव में फ्री वाई-फाई आदि सुविधा मिलनी चाहिए। इसके अलावा दस दिन के निशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण के जरिए 14 से 60 साल तक के लोगों को डिजिटल साक्षर किया जाना है।
लोहाघाट विकासखंड की सभी 65 ग्राम पंचायतें भारत नेटवर्क से जुड़ी हुई हैं। बगोटी गांव का चयन प्रदेश स्तर से हुआ है। अभी थ्री-जी सुविधा भी कभी-कभार मिल पा रही है। सभी कॉमन सर्विस सेंटरों को भारत नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद सुविधा बेहतर मिल सकेगी। जसवंत सिंह, जिला प्रभारी, सीएससी, चंपावत

बगौटी गांव निवासी और पूर्व जिला पंचायत सदस्य हरीश चंद्र पांडेय।- फोटो : CHAMPAWAT

डिजिटल गांव बगौटी में कॉमन सर्विस सेंटर का साइनबोर्ड।- फोटो : CHAMPAWAT