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समय से पहले गेट न खुलता तो बच जाती दस जिंदगियां

Wed, 07 Feb 2018 11:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूूूूराे चंपावत
अमर उजाला ब्यूूूूराे चंपावत Updated Wed, 07 Feb 2018 11:01 PM IST
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Diez vidas quedan si la puerta no se abre prematuramente
गहरी खाई में लाशों को निकालने में मदद करते स्थानीय लोग। - फोटो : अमर उजाला
 स्वांला में बुधवार को हुई मैक्स (जीप) दुर्घटना में क्षतिग्रस्त वाहन ने एक घंटे से कम समय में 53 किलोमीटर की दूरी कैसे तय कर ली, यह एक अहम सवाल बना हुआ है। पर्वतीय मार्ग होने और वर्तमान में बारहमासी सड़क के निर्माण कार्य के चलते कोई भी वाहन इतने कम समय में 53 किमी की दूरी तय नहीं कर सकता है।
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यदि ककरालीगेट सुबह पांच बजे भी खोला गया था तो दुर्घटनाग्रस्त वाहन टनकपुर से इतनी जल्दी स्वांला कैसे पहुंच गया। इससे साफ जाहिर है कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन को पांच बजे से पहले ही ककरालीगेट से जाने दिया गया था। जानकारों का कहना है कि यदि पुलिस की ओर से टनकपुर के ककरालीगेट को अपने निर्धारित समय सुबह पांच बजे से खोला जाता तो शायद यह दुर्घटना नहीं होती। दुर्घटना में जान गंवा चुके दस लोगों की जिंदगियां बच जाती। पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल का कहना है कि वाहन ककराल गेट से कब निकला, इसकी जांच की जा रही है।
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चल्थी पुलिस चौकी में नहीं हुई वाहन की एंट्री
चंपावत। पुलिस की ओर से चल्थी चौकी में रोडवेज की बसों में बैठी सवारियों की एंट्री रजिस्टर में की जाती है, लेकिन निजी वाहनों की पुलिस चौकी में एंट्री नहीं की जाती है। इस कारण बुधवार को हुई दुर्घटना में मृतकों की संख्या को लेकर संशय रहा। पुलिस की ओर से पहले वाहन में चालक सहित कुल नौ लोगों के सवार होने की बात कही गई थी। वहीं रेस्क्यू अभियान में एक और शव मिलने से मृतकों की संख्या दस हो गई। यदि चल्थी चौकी में यात्रियों की संख्या दर्ज हुई होती तो यात्रियों की संख्या को लेकर संशय नहीं होता।
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पुलिस ने राजमार्ग पर तय किए डेंजर जोन
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान हादसे से बचने के लिए पुलिस की ओर से डेंजर जोन निर्धारित किए गए हैं, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड की ओर से मार्ग पर किसी प्रकार के डेंजर जोन नहीं बनाए गए हैं। पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल का कहना है कि बीते दिनों सिन्याड़ी में रोड कटिंग के दौरान एक पूरी पहाड़ी के टूटकर सड़क पर गिरने के बाद स्वांला के अलावा सिन्याड़ी और अमरूबैंड में सड़क पर डेंजर जोन चिन्हित किए गए हैं। इन तीनों स्थानों पर यातायात पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं।
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