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Champawat News: पैर से कमजोर होने के बाद भी नहीं मानी हारं
Sat, 06 Apr 2024 11:17 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 06 Apr 2024 11:17 PM IST
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चंपावत। कलेक्ट्रेट क्षेत्र स्थित सरस बाजार की रेस्टोरेंट संचालिका मंजू अधिकारी ने पैर से कमजोर होने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी। 18 साल पहले एक हादसे में पैर की चोट के कारण उन्हें लंबे समय तक बिस्तर पर रहना पड़ा। इस दौरान उनके मन में कई ख्याल भी आए कि अब आगे का जीवन कैसा होगा। परिवार कैसे पलेगा। चोट से उबरने के बाद उन्होंने परिवार की जिम्मेदारी निभाने के साथ खुद पर विश्वास करते रोजगार की शुरुआत की।
दुर्गा मां स्वयं सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने सरस बाजार में रेस्टोरेंट शुरू किया। शुरुआत में छोटी पूंजी लगाई और स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बनी। उन्होंने अपनी कमजोरी को कभी भी जगह जाहिर नहीं किया। 18 साल पहले हुए हादसे से उबरते हुए उन्होंने तीन साल पहले रेस्टोरेंट संचालन शुरू किया। पैर से कमजोर होने के बाद भी वह नियमित रूप से कलेक्ट्रेट स्थित विभागों के अधिकारियों को पहाड़ी उत्पादों के व्यंजन भरोस रही हैं। हर माह वह छह हजार से अधिक की आय अर्जित करती हैं। उनके परिवार में कुल पांच लोग हैं। वह घर के काम करने के बाद अपने रेस्टोरेंट में सुबह नौ बजे पहुंच जाती हैं और शाम पांच बजे तक रहती हैं। इसके बाद वह घर जाकर अपनी जिम्मेदारियां निभाती हैं। वह ढकना बडोला गांव की रहने वाली हैं। संवाद
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दुर्गा मां स्वयं सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने सरस बाजार में रेस्टोरेंट शुरू किया। शुरुआत में छोटी पूंजी लगाई और स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बनी। उन्होंने अपनी कमजोरी को कभी भी जगह जाहिर नहीं किया। 18 साल पहले हुए हादसे से उबरते हुए उन्होंने तीन साल पहले रेस्टोरेंट संचालन शुरू किया। पैर से कमजोर होने के बाद भी वह नियमित रूप से कलेक्ट्रेट स्थित विभागों के अधिकारियों को पहाड़ी उत्पादों के व्यंजन भरोस रही हैं। हर माह वह छह हजार से अधिक की आय अर्जित करती हैं। उनके परिवार में कुल पांच लोग हैं। वह घर के काम करने के बाद अपने रेस्टोरेंट में सुबह नौ बजे पहुंच जाती हैं और शाम पांच बजे तक रहती हैं। इसके बाद वह घर जाकर अपनी जिम्मेदारियां निभाती हैं। वह ढकना बडोला गांव की रहने वाली हैं। संवाद
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