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Purnagiri Dham: अंधेरे में जान जाखिम में डालकर आगे बढ़ने के लिए मजबूर श्रद्धालु, वाहन पार्किंग की भी दिक्कत

Tue, 08 Oct 2024 08:36 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, चंपावत
अमर उजाला नेटवर्क, चंपावत Published by: हीरा मेहरा Updated Tue, 08 Oct 2024 08:36 PM IST
सार

शारदीय नवरात्रि में मां पूर्णागिरि धाम में हजारों श्रद्धालुओं का मां के दर्शन के लिए उमड़ने का क्रम मंगलवार को भी जारी रहा। करीब आठ हजार अधिक लोग उमड़ने से जिला पंचायत और प्रशासन की व्यवस्थाएं चरमराने से श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

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Devotees forced to move ahead risking their lives in the dark in Purnagiri Dham
Purnagiri Dham - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

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शारदीय नवरात्रि में मां पूर्णागिरि धाम में हजारों श्रद्धालुओं का मां के दर्शन के लिए उमड़ने का क्रम मंगलवार को भी जारी रहा। करीब आठ हजार अधिक लोग उमड़ने से जिला पंचायत और प्रशासन की व्यवस्थाएं चरमराने से श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। श्रद्धालुओं को रात में अंधेरे में ही जान जोखिम में डालकर आगे बढ़ना पड़ रहा है। पार्किंग शुल्क 177 से 180 रुपये तक वसूलने से श्रद्धालुओं के साथ विवाद आम हो गया है। अव्यवस्थाओं पर श्रद्धालुओं और पुजारियों ने रोष जताया।

मंगलवार को सुबह से ही श्रद्धालुओं के जत्थे मां के जयकारों के साथ आगे बढ़ते रहे। इस बीच श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ उमड़ने पर जिला पंचायत और प्रशासन की पेयजल, पार्किंग और अन्य व्यवस्थाएं चरमराना जारी रहा। श्रद्धालुओं के वाहनों को जबरन ठुलीगाड़ के पास चूका रोड पर ही पार्क करा दिया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं के साथ विवाद भी आम हो गया है।

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यूपी के लखीमपुर खीरी के श्रद्धालु मोहित ने बताया कि वाहन पार्किंग में अधिक वसूली और रात में स्ट्रीट लाइट जलने से दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शाहजहांपुर के श्रद्धालु भोले ने कहा कि रास्ते में पेयजल समेत अन्य अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। बहरहाल, धाम क्षेत्र में अधिक श्रद्धालु उमड़ने से व्यवस्था चरमराने का क्रम जारी है। इसके प्रति शासन प्रशासन उदासीन बना हुआ है।

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मेले तक व्यवस्था पूरी करने की बात धरातल पर नहीं उतरी
पूर्णागिरि मंदिर समिति के उपाध्यक्ष नीरज पांडेय ने कहा कि मेले से पहले कहा गया था कि मेला आने तक सारी व्यवस्था सुचारू हो जाएंगी। वर्ष भर मेला चलाने की बात थी लेकिन यह बात पूरी होती नजर नहीं आ रही है। धरातल पर देखने को मिल रहा है कि बूम से लेकर भैरव मंदिर तक स्ट्रीट लाइट जगह-जगह खराब है जिससे रात में अधेरे में श्रद्धालुओं को आवागमन करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री का क्षेत्र होने के बाद भी व्यवस्थाएं सुचारु नहीं हो रही हैं। एक फार्मासिस्ट बैठती थी, उनका भी पद रिक्त है।

तीन माह कोई देखने नहीं आता है
व्यापारी नेत्र बल्लभ तिवारी ने बताया कि स्ट्रीट लाइट अभी भी खराब हैं। रास्ते में पूरी तरह नहीं चल रही हैं। पानी की व्यवस्था पूरी तरह सुचारू नहीं हुई है। सड़काें पर गड्ढे बने हैं। जिला पंचायत का साल भर मेला चलाने का वायदा है लेकिन तीन माह कोई देखने भी नहीं आता है। मंदिर में साफ-सफाई आदि व्यवस्था समिति की ओर से की जा रही है।

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