फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   devotee reached to Maa Poornagiri Dham on tuesday

पूर्णागिरि मेले की रौनक पर पड़ा मौसम का असर

Tue, 16 Apr 2019 10:59 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूरो  टनकपुर (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो  टनकपुर (चंपावत)। Published by: बृजमोहन बृजमोहन Updated Tue, 16 Apr 2019 10:59 PM IST
विज्ञापन
devotee reached to Maa Poornagiri Dham on tuesday
मंगलवार को श्रद्धालुओं की कमी से टनकपुर के शहर मेला बाजार में पसरा सन्नाटा। - फोटो : अमर उजाला

टनकपुर (चंपावत)। मौसम के मिजाज ने मंगलवार को पूर्णागिरि मेले का मिजाज बिगाड़ दिया। मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर सुबह से ही मां के दरबार में श्रद्धालुओं की आवक कम रही जिससे क्षेत्र में मेले की रौनक भी फीकी नजर आई।

विज्ञापन

पूर्णागिरि मेले में भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। हर दिन हजारों की संख्या में भक्तजन देवी मां के दर्शन को दूर-दराज से यहां पहुंच रहे हैं।

इसके चलते क्षेत्र में खासी चहल-पहल बनी हुई है और वातावरण भी भक्तिमय बना हुआ है। वहीं मंगलवार को मौसम के बिगड़े मिजाज ने पूर्णागिरि मेले की रौनक पर असर डाला है। मौसम विभाग की उत्तराखंड में ओलावृष्टि, अंधड़ और बारिश की पूर्व चेतावनी के कारण सुबह से ही मां के धाम में श्रद्धालुओं की आवक कम रही। करीब दस हजार भक्त मां के दरबार में पहुंचे। श्रद्धालुओं की कम आवक का असर पूर्णागिरि धाम के साथ ही बूम, शारदा स्नानघाट और पड़ोसी देश नेपाल के सीमांत बाजारों की रौनक पर भी नजर आया। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय का मानना है कि मौसम के मिजाज और मैदानी क्षेत्रों में गेहूं की फसल की कटाई शुरू होने से अगले कुछ दिन मेलेे में श्रद्धालुओं की आवक कम रह सकती है। 
विज्ञापन



टनकपुर (चंपावत)। ठेकेदार के चलताऊ काम से मां पूर्णागिरि धाम की पेयजल व्यवस्था आए दिन लड़खड़ा रही है। विशेषकर निगालीगाड़ पेयजल योजना की लाइन क्षतिग्रस्त होने से धाम के टुन्यास और सिद्धमोड़ क्षेत्र में पानी का संकट गहराने से श्रद्धालुओं के साथ ही दुकानदारों को भी पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। मेले से पूर्व ही पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन मेला शुरू हुए एक माह पूरा होने को है लेकिन निगालीगाड़ पेयजल योजना से जलापूर्ति की व्यवस्था अब भी कामचलाऊ स्थिति में है। इस लाइन में लाखों का बजट खर्च हो चुका है लेकिन विभाग और ठेकेदार की अनदेखी से लाइन आए दिन क्षतिग्रस्त हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


करीब 11 किमी लंबी लाइन को भूमिगत बिछाने के बजाय कई स्थानों पर लाइन लकड़ी की टेक लगाकर हवा में बिछाई गई है। ऐसी स्थिति में लाइन क्षतिग्रस्त हो जाती है। एक माह की मेला अवधि में यह लाइन चार बार क्षतिग्रस्त हो चुकी है। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय, टुन्यास क्षेत्र के धर्मशाला संचालक प्रकाश चंद्र पांडेय पीपी ने बताया कि कई बार विभाग के अधिकारियों से लाइन को सुधारने का आग्रह किया जा चुका है लेकिन हाल जस के तस हैं। इससे मेले में आ रहे श्रद्धालुओं और दुकानदारों को परेशानी हो रही है। बीएस कुवार्बी, जेई जल संस्थान टनकपुर ने बताया कि निगालीगाड़ पेयजल योजना की लाइन भूमिगत बिछाई गई है। कुछ स्थानों पर ठोस चट्टान होने से लाइन भूमिगत नहीं बिछाई गई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed