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भिंगराड़ा में अधिकारियों से वार्ता नाकाम, आंदोलन में डटे हैं ग्रामीण
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भिंगराड़ा जीआईसी में खाली पदों को भरने की मांग को लेकर धरना देते ग्रामीण। फोटो: संवाद न्यूज एजेंस
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। जीआईसी भिंगराड़ा में शिक्षकों के खाली पदों को भरने के लिए ग्रामीण आठ अक्तूबर से धरना दे रहे हैं। आंदोलनकारियों से अधिकारियों की वार्ता से भी समस्या नहीं सुलझ सकी। ग्रामीणों ने कहा कि शिक्षकों की तैनाती पर ही वह आंदोलन खत्म करेंगे।
शिक्षकों की तैनाती की मांग के लिए अभिभावक शिक्षक संघ (पीटीए) और ग्रामीण आठ अक्तूबर से भिंगराड़ा के ऐड़ी देवता मंदिर परिसर में धरना दे रहे हैं। वह प्रधानाचार्य समेत रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान, गणित, संस्कृत के प्रवक्ता, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान विषय के सहायक शिक्षकों के खाली पद भरने की मांग कर रहे हैं।
पीटीए अध्यक्ष सतीश चंद्र भट्ट के नेतृत्व में सामाजिक कार्यकर्ता पूरन चंद्र शर्मा, चंद्रशेखर जोशी, उमेश चंद्र भट्ट, देवकीनंदन भट्ट, शेखर भट्ट, विपिन भट्ट, दीपक चंद्र ने शुक्रवार को धरना दिया।
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पाटी के तहसीलदार सचिन कुमार और खंड शिक्षा अधिकारी भानु प्रताप ने ग्रामीणों से वार्ता की। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर खाली पदों पर तैनाती का आश्वासन दिया, जिसे आंदोलनकारियों ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले खाली पदों पर शिक्षकों की तैनाती की जाए, उसके बाद ही आंदोलन खत्म किया जाएगा।
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शिक्षकों की तैनाती की मांग के लिए अभिभावक शिक्षक संघ (पीटीए) और ग्रामीण आठ अक्तूबर से भिंगराड़ा के ऐड़ी देवता मंदिर परिसर में धरना दे रहे हैं। वह प्रधानाचार्य समेत रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान, गणित, संस्कृत के प्रवक्ता, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान विषय के सहायक शिक्षकों के खाली पद भरने की मांग कर रहे हैं।
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पीटीए अध्यक्ष सतीश चंद्र भट्ट के नेतृत्व में सामाजिक कार्यकर्ता पूरन चंद्र शर्मा, चंद्रशेखर जोशी, उमेश चंद्र भट्ट, देवकीनंदन भट्ट, शेखर भट्ट, विपिन भट्ट, दीपक चंद्र ने शुक्रवार को धरना दिया।
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पाटी के तहसीलदार सचिन कुमार और खंड शिक्षा अधिकारी भानु प्रताप ने ग्रामीणों से वार्ता की। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर खाली पदों पर तैनाती का आश्वासन दिया, जिसे आंदोलनकारियों ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले खाली पदों पर शिक्षकों की तैनाती की जाए, उसके बाद ही आंदोलन खत्म किया जाएगा।