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हुजूर झूठे आश्वासन नहीं हमें नलों में पानी चाहिए
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Demand For Drinking Water in Lohaghat
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लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड बाराकोट के पम्दा गांव में एक महीने से अधिक समय से पेयजल आपूर्ति न होने पर गांव में पेयजल संकट गहराया है। लड़ीधुरा शैक्षिक एवं सांस्कृतिक मंच, ग्रामीणों ने पेयजल आपूर्ति बाधित होने पर गहरी नाराजगी जताई है। डीएम के आश्वासन के बावजूद समस्या न सुलझने पर उन्होंने रोष जताया।
लड़ीधुरा शैक्षिक एवं सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष नगेंद्र कुमार जोशी का कहना है कि उनके गांव में करीब एक महीने से भी अधिक समय से नल सूखे हैं। गांव की क्षतिग्रस्त पेयजल योजना चालू नहीं हो पा रही है। जोशी ने बताया कि पेयजल समस्या के समाधान के लिए 14 जनवरी को पूर्व सैनिक गिरीश चंद्र जोशी के नेतृत्व में डीएम को ज्ञापन सौंपा था।
जोशी ने बताया कि डीएम की ओर से तीन दिन के भीतर पेयजल आपूर्ति सुचारु करने का आश्वासन दिया गया था लेकिन डीएम का आश्वासन भी पूरा नहीं हो सका। जोशी का कहना है कि चुनाव आचार संहिता के कारण जनप्रतिनिधियों से भी कोई उम्मीद नहीं है।
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पेयजल किल्लत से जूझ रहीं महिलाओं ने बृहस्पतिवार को सूखे नलों की आरती उतारकर अपना विरोध जताया था। समस्या का जल्द समाधान न होने पर ग्रामीणों ने जल संस्थान का पुतला दहन कर विरोध जताने का निर्णय लिया है।
खुले टैंक का दूषित पानी पी रहे ईड़ाकोटवासी
लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड के ईड़ाकोट गांव में दूषित पानी पीने से संक्रामक रोगों का खतरा बना है। ग्रामीणों ने जल संस्थान पर लापरवाही का आरोप लगा खुले टैंक को बंद करने की मांग की है। समस्या का जल्द समाधान न होने पर चुनाव के बाद आंदोलन की चेतावनी दी।
ग्रामीण हिमांशु तिवारी, पारस तिवारी, पवन उप्रेती, राहुल तिवारी, शंकर दत्त तिवारी आदि का कहना है कि गांव के लिए बनाई गई पेयजल योजना के टैंक को जल संस्थान ने खुला छोड़ दिया है। इस कारण पेयजल दूषित हो रहा है। खुले टैंक में चूहे, छिपकली, चमगादड़ों के कंकाल दिख रहे हैं। ग्रामीणों ने श्रमदान कर टैंक की सफाई कर खुले ढक्कन को बंद करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि दूषित पानी पीने से ग्रामीण पीलिया, टाइफाइड की चपेट में आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जल संस्थान को इसकी शिकायत करने के बावजूद विभाग कोई संज्ञान नहीं ले रहा है। जल्द समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। जल संस्थान के एई पवन बिष्ट ने बताया कि टैंक में ढक्कन लगा कर योजना को ठीक कर दिया जाएगा।
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लड़ीधुरा शैक्षिक एवं सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष नगेंद्र कुमार जोशी का कहना है कि उनके गांव में करीब एक महीने से भी अधिक समय से नल सूखे हैं। गांव की क्षतिग्रस्त पेयजल योजना चालू नहीं हो पा रही है। जोशी ने बताया कि पेयजल समस्या के समाधान के लिए 14 जनवरी को पूर्व सैनिक गिरीश चंद्र जोशी के नेतृत्व में डीएम को ज्ञापन सौंपा था।
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जोशी ने बताया कि डीएम की ओर से तीन दिन के भीतर पेयजल आपूर्ति सुचारु करने का आश्वासन दिया गया था लेकिन डीएम का आश्वासन भी पूरा नहीं हो सका। जोशी का कहना है कि चुनाव आचार संहिता के कारण जनप्रतिनिधियों से भी कोई उम्मीद नहीं है।
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पेयजल किल्लत से जूझ रहीं महिलाओं ने बृहस्पतिवार को सूखे नलों की आरती उतारकर अपना विरोध जताया था। समस्या का जल्द समाधान न होने पर ग्रामीणों ने जल संस्थान का पुतला दहन कर विरोध जताने का निर्णय लिया है।
खुले टैंक का दूषित पानी पी रहे ईड़ाकोटवासी
लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड के ईड़ाकोट गांव में दूषित पानी पीने से संक्रामक रोगों का खतरा बना है। ग्रामीणों ने जल संस्थान पर लापरवाही का आरोप लगा खुले टैंक को बंद करने की मांग की है। समस्या का जल्द समाधान न होने पर चुनाव के बाद आंदोलन की चेतावनी दी।
ग्रामीण हिमांशु तिवारी, पारस तिवारी, पवन उप्रेती, राहुल तिवारी, शंकर दत्त तिवारी आदि का कहना है कि गांव के लिए बनाई गई पेयजल योजना के टैंक को जल संस्थान ने खुला छोड़ दिया है। इस कारण पेयजल दूषित हो रहा है। खुले टैंक में चूहे, छिपकली, चमगादड़ों के कंकाल दिख रहे हैं। ग्रामीणों ने श्रमदान कर टैंक की सफाई कर खुले ढक्कन को बंद करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि दूषित पानी पीने से ग्रामीण पीलिया, टाइफाइड की चपेट में आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जल संस्थान को इसकी शिकायत करने के बावजूद विभाग कोई संज्ञान नहीं ले रहा है। जल्द समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। जल संस्थान के एई पवन बिष्ट ने बताया कि टैंक में ढक्कन लगा कर योजना को ठीक कर दिया जाएगा।