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प्रसव के लिए 64 किमी की दौड़ 

Tue, 10 Jan 2017 10:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीरीठा साहिब/चंपावत।
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीरीठा साहिब/चंपावत। Updated Tue, 10 Jan 2017 10:37 PM IST
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Delivery of the 64 km race
प्रसव के लिए 64 किमी की दौड़  - फोटो : अमर उजाला
लधिया घाटी क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को हो रही है। श्रीरीठा साहिब (चौड़ापिता) में अस्पताल, मातृ शिशु एवं परिवार कल्याण उपकेंद्र होने के बावजूद प्रसव तक की सुविधा नहीं है। अस्पताल में न डॉक्टर हैं और न ही एएनएम। उपकेंद्र में तो तीन साल से ताला लगा है। इसके चलते यहां की महिलाओं को प्रसव के लिए 64 किमी दूर लोहाघाट की दौड़ लगानी पड़ती है।
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लधिया क्षेत्र की महिलाओं और शिशुओं के स्वास्थ्य के प्रति सियासत उदासीन है। 2014 से उप केंद्र का ताला न खुलने से महिलाओं, शिशुओं को टीकाकरण में परेशानी हो रही है। गर्भवती महिलाओं का नियमित रूप से परीक्षण, टीकाकरण नहीं हो पाता है। उप केंद्र बंद रहने की वजह यहां तैनात एएनएम का बगैर प्रतिस्थानी के दूसरे जिले में तबादला होना है। ऐसे में इस उप केंद्र पर आश्रित रहने वाले परेवा, चौड़ामेहता, चौड़ापित्ता, कुलियालगांव, मछियाड़, साल, टांण, बिनवालगांव, रमक, मंगललेख, वारसी आदि इलाकों के लोगों को लोहाघाट या पाटी जाने को मजबूर होना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि इसके चलते यहां के लोगों को दूसरे अस्पताल में जाने पर धन, समय भी खर्च करना होता है।
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कई बार तो गर्भवती महिलाओं की जान पर भी बन आती है। सीएमओ डॉ. डीएल साह का कहना है कि श्रीरीठा साहिब उप केंद्र में एएनएम की तैनाती का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर भिंगराड़ा की एएनएम को यहां की व्यवस्था देखने को कहा गया है।
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श्रीरीठा साहिब अस्पताल में भी डॉक्टर नहीं
श्रीरीठा साहिब में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) तो है, लेकिन काफी वक्त से यहां एक भी डॉक्टर नहीं है। संविदा में तैनात एलोपैथिक डॉक्टर सात महीनों से नहीं है। कुछ महीने पूर्व तक यहां की व्यवस्था आयुर्वेदिक डॉक्टर चला रहा था, मगर उनके बागेश्वर में तबादला होने से अस्पताल पूरी तरह डॉक्टरविहीन हो गया है।

 
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