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मोबाइल की रोशनी में घायल को डोली से पहुंचाया
अमर उजाला /ब्यूरो चंपावत।
Updated Mon, 16 Jul 2018 11:49 PM IST
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चंपावत जिले के सीमांत सौराई से घायल को मोबाइल की रोशनी में डोली से लाते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के सीमांत गांवों में आज भी स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। रविवार को एक बार क्षेत्र की बदहाल स्वास्थ्य सेवा का नमूना तब उजागर हुआ जब फिसल कर खाई में गिरे किसान को मोबाइल की रोशनी में डोली के माध्यम से सड़क तक पहुंचाया गया।
सौराई की ग्राम प्रधान धारू देवी ने बताया कि 15 जुलाई की शाम छह बजे के आसपास काश्तकार टेहर सिंह पुत्र स्वर्गीय जोध सिंह पैर फिसलने से खाई में गिर गए थे। जिसके लिए 7 बजकर 27 मिनट पर 108 सेवा को सूचना दी गई। लेकिन रात नौ बजे 108 सेवा की ओर से एंबुलेंस में टायर नहीं होने का हवाला देकर आने से मना कर दिया गया। जिसके बाद ग्रामीणों ने घायल को डोली के माध्यम से दस किमी दूर मंच कस्बे तक पहुंचाया। जहां से निजी वाहन में रात्रि दस बजे चंपावत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से सोमवार को घायल को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। पूर्व प्रधान दान सिंह बोहरा का कहना है कि सीमांत क्षेत्र में सड़क और स्वास्थ्य सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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सौराई की ग्राम प्रधान धारू देवी ने बताया कि 15 जुलाई की शाम छह बजे के आसपास काश्तकार टेहर सिंह पुत्र स्वर्गीय जोध सिंह पैर फिसलने से खाई में गिर गए थे। जिसके लिए 7 बजकर 27 मिनट पर 108 सेवा को सूचना दी गई। लेकिन रात नौ बजे 108 सेवा की ओर से एंबुलेंस में टायर नहीं होने का हवाला देकर आने से मना कर दिया गया। जिसके बाद ग्रामीणों ने घायल को डोली के माध्यम से दस किमी दूर मंच कस्बे तक पहुंचाया। जहां से निजी वाहन में रात्रि दस बजे चंपावत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से सोमवार को घायल को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। पूर्व प्रधान दान सिंह बोहरा का कहना है कि सीमांत क्षेत्र में सड़क और स्वास्थ्य सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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