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राम को वनवास और राजा दशरथ मरण की लीला देख भाव-विभोर हुए दर्शक
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टनकपुर की रामलीला में राजा दशरथ-कैकइ संवाद की लीला पेश करते कलाकार।
- फोटो : TANAKPUR
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शहर के गांधी मैदान में नवयुवक रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला में हर दिन बड़ी संख्या में दर्शकों की भीड़ उमड़ रही है। पांचवें दिन मंथरा-कैकई संवाद, राम वनवास, राजा दशरथ-कैकई संवाद और राजा दशरथ मरण तक की लीला का सुंदर मंचन हुआ। राम वनवास और राजा दशरथ मरण की लीला देख दर्शक भाव-विभोर हुए।
पांचवें दिन की दासी मंथरा ने रानी कैकई को राजा दशरथ से राम को वनवास और भरत को राज गद्दी का वन मांगने के लिए उकसाया। दासी के सिखाने पर रानी कैकई ने राजा दशरथ से वर मांगा। राम के वनवास जाते ही राजा दशरथ ने वियोग में अपने प्राण त्याग दिए।
संचालन आयोजक कमेटी के सचिव नीरज सिंह द्वारा किया जा रहा है। कमेटी के संरक्षक संजय अग्रवाल, अध्यक्ष प्रतिभा अग्रवाल, मनोज प्रजापति, ओमकार सिंह, राजीव सक्सेना, नितिन गुप्ता आदि आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं।
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पांचवें दिन की दासी मंथरा ने रानी कैकई को राजा दशरथ से राम को वनवास और भरत को राज गद्दी का वन मांगने के लिए उकसाया। दासी के सिखाने पर रानी कैकई ने राजा दशरथ से वर मांगा। राम के वनवास जाते ही राजा दशरथ ने वियोग में अपने प्राण त्याग दिए।
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संचालन आयोजक कमेटी के सचिव नीरज सिंह द्वारा किया जा रहा है। कमेटी के संरक्षक संजय अग्रवाल, अध्यक्ष प्रतिभा अग्रवाल, मनोज प्रजापति, ओमकार सिंह, राजीव सक्सेना, नितिन गुप्ता आदि आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं।
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