{"_id":"645fd19c9a77fb2c970f36f6","slug":"cultural-programme-orgnised-in-champawat-champawat-news-c-8-1-139083-2023-05-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: दिगालीचौड़ के मानाकोट मंदिर में संत समागम के दौरान रामलीला मंचन शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: दिगालीचौड़ के मानाकोट मंदिर में संत समागम के दौरान रामलीला मंचन शुरू
Sat, 13 May 2023 11:36 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 13 May 2023 11:36 PM IST
विज्ञापन
लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड के नेपाल सीमा से लगे दिगालीचौड़ के मां भगवती मंदिर मानाकोट में नौ दिनी श्रीराम महाज्ञान यज्ञ, श्रीमद्भागवत कथा श्रीरामलीला और संत समागम जारी है। समागम के दौरान दिन में श्रीमद्भागवत और रात को रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। रामलीला में वृंदावन से आए कलाकारों की ओर से अभिनय किया जा रहा है।
शुक्रवार देर रात रामलीला में कलाकारों की टीम ने रावण, विभीषण, कुंभकर्ण के तपस्या कर वरदान मांगने की लीला का मंचन किया। शनिवार को दोपहर बाद कथा का वाचन करते हुए श्रीश्री 108 बालयोगेश्वर ब्रह्मऋषि राम चरण दास महाराज ने प्रवचन करते हुए बताया कि भगवान की कथा विचार, वैराग्य, ज्ञान और हरि से मिलने का मार्ग बता देती है। राजा परीक्षित के कारण भागवत कथा पृथ्वी के लोगों को सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। समाज की ओर से बनाए गए नियम गलत हो सकते हैं लेकिन भगवान के नियम न तो गलत हो सकते हैं और न ही बदले जा सकते हैं। यज्ञाचार्य पंकज शास्त्री, रमाकांत शास्त्री, अंकित शास्त्री, श्रीराम शास्त्री, विवेक शास्त्री, गौतम शास्त्री ने पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। भगवती मंदिर समिति के अध्यक्ष मनोहर जोशी, ग्राम प्रधान मोनू बिष्ट, पुष्कर सिंह बोहरा, चंद्रशेखर जोशी, चंद्रमोहन सिंह, मुकेश रंसवाल आदि व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।
विज्ञापन
शुक्रवार देर रात रामलीला में कलाकारों की टीम ने रावण, विभीषण, कुंभकर्ण के तपस्या कर वरदान मांगने की लीला का मंचन किया। शनिवार को दोपहर बाद कथा का वाचन करते हुए श्रीश्री 108 बालयोगेश्वर ब्रह्मऋषि राम चरण दास महाराज ने प्रवचन करते हुए बताया कि भगवान की कथा विचार, वैराग्य, ज्ञान और हरि से मिलने का मार्ग बता देती है। राजा परीक्षित के कारण भागवत कथा पृथ्वी के लोगों को सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। समाज की ओर से बनाए गए नियम गलत हो सकते हैं लेकिन भगवान के नियम न तो गलत हो सकते हैं और न ही बदले जा सकते हैं। यज्ञाचार्य पंकज शास्त्री, रमाकांत शास्त्री, अंकित शास्त्री, श्रीराम शास्त्री, विवेक शास्त्री, गौतम शास्त्री ने पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। भगवती मंदिर समिति के अध्यक्ष मनोहर जोशी, ग्राम प्रधान मोनू बिष्ट, पुष्कर सिंह बोहरा, चंद्रशेखर जोशी, चंद्रमोहन सिंह, मुकेश रंसवाल आदि व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।
विज्ञापन