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खोल दे माता खोल भवानी धार में केवाड़ा...
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दुर्गम खड़ी चढाई पार करते हुए देवीधार मंदिर की आती कलीगांव से माँ भगवती, माँ महाकाली की डोला रथ या?
- फोटो : LOHAGHAT
देवीधार के देवी महोत्सव के पांचवें व अंतिम दिन झमाझम बारिश के बीच रायनगर चौड़ी, कलीगांव और डैंसली से मां भगवती और मां महाकाली की डोला रथ यात्राएं निकलीं। इस दौरान महिलाओं ने ‘खोल दे माता खोल भवानी धार में केवाड़ा’ आदि गीतों से मां का गुणगान किया।
डोला रथ यात्राओं के मंदिर की परिक्रमा करने के साथ ही पांच दिनी देवी महोत्सव का समापन हो गया। हजारों की संख्या में आए श्रद्धालु मां की डोला रथ यात्राओं के साक्षी बने और उन्होंने मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। भारी वर्षा के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। तीनों रथ यात्राओं के मंदिर परिसर में पहुंचते ही पूरा मंदिर प्रांगण नरमुंडों से भर गया।
मंगलवार सुबह से ही श्रद्धालुओं का देवीधार मंदिर की ओर जाने का क्रम शुरू हो गया था। सबसे पहले दो किमी लंबे दुर्गम रास्तों को पार करता हुआ 3.08 बजे रायनगर चौड़ी का देव रथ देवीधार मंदिर में पहुंचा जिसमें महाकाली के रूप में राधिका देवी रथ में सवार होकर आशीर्वाद दे रही थीं।
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3.35 बजे दुर्गम खड़ी चढ़ाई पार करता हुआ कलीगांव का डोला पहुंचा जिसमें भगवती के रूप में संजय पुजारी और महाकाली के रूप में हरूली देवी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए चल रही थीं। 3.40 बजे डैंसली गांव का डोला मंदिर में पहुंचा जिसमें मां भगवती के रूप में नारायण सिंह बिष्ट और महाकाली के रूप में रतन सिंह सवार होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दे रहे थे।
तीनों ही रथों के पीछे महिलाएं ‘खोल दे माता खोल भवानी धार में केवाड़ा’ आदि गीतों से मां का गुणगान कर चल रही थीं। तीनों रथों के मंदिर की परिक्रमा करने के बाद महोत्सव का समापन हुआ। मेले में लोगों ने जमकर खरीदारी की। मेले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसपी ददन पाल के नेतृत्व में एसओ मनीष खत्री, एसआई हेमंत कठैत, एसआई देवेंद्र मेहता की देखरेख में पुलिस टीम दल बल के साथ डटी रही।
देवीधार सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष जीवन मेहता, सचिव प्रकाश राय, उपाध्यक्ष शिवराज सिंह, कोषाध्यक्ष भैरव राय, सलाहकार नरेश राय ने महोत्सव में सहयोग के लिए सभी सहयोगियों और पुलिस, आईटीबीपी के प्रति आभार व्यक्त किया।
डोले के नीचे से गुजरीं निसंतान महिलाएं
लोहाघाट(चंपावत)। निसंतान महिलाएं पुत्र प्राप्ति के लिए मां भगवती के डोले के नीचे से गुजरीं। मान्यता है कि सच्चे मन से मां के डोला रथ यात्रा के नीचे से गुजरने वाली निसंतान महिलाओं की मुराद पूरी कर मां उनकी कोख भरती हैं।
मां उल्का देवी और महाकाली की रथ यात्राएं निकलीं
लोहाघाट (चंपावत)। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मां अखिलतारिणी मंदिर में मां उल्का देवी और मां महाकाली की देवी रथ यात्राएं निकलीं जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। देव रथों में सवार लोक देवताओं ने श्रद्धालुओं को अपना आशीर्वाद दिया। मेले में क्षेत्र के लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं ने मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। खिलबीती, मानाढूंगा, पोखरीबोरा, मढ़चमार, बुंगा, पीलखी, पलनों कमलेड़ी, बांकू आदि गांवों के अलावा चंपावत, लोहाघाट, टनकपुर नायकगोठ, हल्द्वानी से आए श्रद्धालु मां भगवती की डोला रथ यात्रा में शामिल हुए।
भारी बारिश के कारण निराश रहे व्यापारी
लोहाघाट (चंपावत)। भारी वर्षा के चलते मेले में आए व्यापारियों को काफी निराश होना पड़ा। वर्षा के चलते उनका पूरा कारोबार मंद रहा। सबसे अधिक नुकसान झूले, ऊंट लेकर आए व्यापारियों को उठाना पड़ा। दिन भर भारी वर्षा के कारण उनके झूले ठप रहे। बरेली, खटीमा, मुरादाबाद, लखनऊ, हल्द्वानी से कपड़े, खिलौने, प्लास्टिक के बर्तन, कॉस्मेटिक सामान लेकर आए व्यापारी अपना अधिकतर सामान वापस लेकर लौटे जिन्हें काफी निराश होना पड़ा।
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डोला रथ यात्राओं के मंदिर की परिक्रमा करने के साथ ही पांच दिनी देवी महोत्सव का समापन हो गया। हजारों की संख्या में आए श्रद्धालु मां की डोला रथ यात्राओं के साक्षी बने और उन्होंने मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। भारी वर्षा के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। तीनों रथ यात्राओं के मंदिर परिसर में पहुंचते ही पूरा मंदिर प्रांगण नरमुंडों से भर गया।
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मंगलवार सुबह से ही श्रद्धालुओं का देवीधार मंदिर की ओर जाने का क्रम शुरू हो गया था। सबसे पहले दो किमी लंबे दुर्गम रास्तों को पार करता हुआ 3.08 बजे रायनगर चौड़ी का देव रथ देवीधार मंदिर में पहुंचा जिसमें महाकाली के रूप में राधिका देवी रथ में सवार होकर आशीर्वाद दे रही थीं।
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3.35 बजे दुर्गम खड़ी चढ़ाई पार करता हुआ कलीगांव का डोला पहुंचा जिसमें भगवती के रूप में संजय पुजारी और महाकाली के रूप में हरूली देवी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए चल रही थीं। 3.40 बजे डैंसली गांव का डोला मंदिर में पहुंचा जिसमें मां भगवती के रूप में नारायण सिंह बिष्ट और महाकाली के रूप में रतन सिंह सवार होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दे रहे थे।
तीनों ही रथों के पीछे महिलाएं ‘खोल दे माता खोल भवानी धार में केवाड़ा’ आदि गीतों से मां का गुणगान कर चल रही थीं। तीनों रथों के मंदिर की परिक्रमा करने के बाद महोत्सव का समापन हुआ। मेले में लोगों ने जमकर खरीदारी की। मेले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसपी ददन पाल के नेतृत्व में एसओ मनीष खत्री, एसआई हेमंत कठैत, एसआई देवेंद्र मेहता की देखरेख में पुलिस टीम दल बल के साथ डटी रही।
देवीधार सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष जीवन मेहता, सचिव प्रकाश राय, उपाध्यक्ष शिवराज सिंह, कोषाध्यक्ष भैरव राय, सलाहकार नरेश राय ने महोत्सव में सहयोग के लिए सभी सहयोगियों और पुलिस, आईटीबीपी के प्रति आभार व्यक्त किया।
डोले के नीचे से गुजरीं निसंतान महिलाएं
लोहाघाट(चंपावत)। निसंतान महिलाएं पुत्र प्राप्ति के लिए मां भगवती के डोले के नीचे से गुजरीं। मान्यता है कि सच्चे मन से मां के डोला रथ यात्रा के नीचे से गुजरने वाली निसंतान महिलाओं की मुराद पूरी कर मां उनकी कोख भरती हैं।
मां उल्का देवी और महाकाली की रथ यात्राएं निकलीं
लोहाघाट (चंपावत)। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मां अखिलतारिणी मंदिर में मां उल्का देवी और मां महाकाली की देवी रथ यात्राएं निकलीं जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। देव रथों में सवार लोक देवताओं ने श्रद्धालुओं को अपना आशीर्वाद दिया। मेले में क्षेत्र के लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं ने मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। खिलबीती, मानाढूंगा, पोखरीबोरा, मढ़चमार, बुंगा, पीलखी, पलनों कमलेड़ी, बांकू आदि गांवों के अलावा चंपावत, लोहाघाट, टनकपुर नायकगोठ, हल्द्वानी से आए श्रद्धालु मां भगवती की डोला रथ यात्रा में शामिल हुए।
भारी बारिश के कारण निराश रहे व्यापारी
लोहाघाट (चंपावत)। भारी वर्षा के चलते मेले में आए व्यापारियों को काफी निराश होना पड़ा। वर्षा के चलते उनका पूरा कारोबार मंद रहा। सबसे अधिक नुकसान झूले, ऊंट लेकर आए व्यापारियों को उठाना पड़ा। दिन भर भारी वर्षा के कारण उनके झूले ठप रहे। बरेली, खटीमा, मुरादाबाद, लखनऊ, हल्द्वानी से कपड़े, खिलौने, प्लास्टिक के बर्तन, कॉस्मेटिक सामान लेकर आए व्यापारी अपना अधिकतर सामान वापस लेकर लौटे जिन्हें काफी निराश होना पड़ा।

देवीधार मंदिर की ओर रवाना होती डैंसली गांव की रथ यात्रा।- फोटो : LOHAGHAT

माँ महाकाली की रथ यात्रा को देवीधार मंदिर की ओर ले जाते रायनगर चौड़ी के श्रद्घालु।- फोटो : LOHAGHAT

दुर्गम चढाई को पार करते हुए कलीगांव से देवीधार की ओर रवाना होती देवी रथ यात्रा।- फोटो : LOHAGHAT