{"_id":"5dc6f4da8ebc3e5b550c6b4b","slug":"cultural-champawat-news-hld3634160148","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरी मुखड़ी दिल मां नून पिस्यो सिल मां...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरी मुखड़ी दिल मां नून पिस्यो सिल मां...
विज्ञापन
खालगढ़ा के सीमा क्षेत्रीय दीप महोत्सव में अपने फन का जौहर दिखाते कलाकार।
- फोटो : LOHAGHAT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेपाल सीमा से लगे विकासखंड लोहाघाट के खालगढ़ा में सीमा क्षेत्रीय दीप महोत्सव में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मची हुई है। महोत्सव की दूसरी सांस्कृतिक संध्या कुमाऊं लोक सांस्कृतिक कला दर्पण लोहाघाट के कलाकारों के नाम रही। कड़ाके की ठंड के बावजूद कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा।
शुक्रवार को महोत्सव समिति के अध्यक्ष माधो सिंह अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने किया। उन्होंने महोत्सव को भव्य बनाने को हर संभव प्रयास करने की बात कही। लोहाघाट से भैरव राय के नेतृत्व में आई कुमाऊं लोक सांस्कृतिक कला दर्पण के कलाकारों ने दैंणा होया खोली का गणेशा हो वंदना से कार्यक्रमों की शुरूआत की।
गायक प्रदीप कुमार ने देवी भगवती मैया तू दैंण है जाए, मेरी सरू ली ओ मेरे सरू, गोरी मुखड़ी दिल मा नून पिस्यो सिल मा, कां छ तेरो जलेबी को डाब ओ हिमा जाग, लाल चुन्नी कुरती यो तेली काली, त्वे देखी सीटी ताली बजूंछी पूरी थल की बजारा ने धूम मचा दी। कलाकारों ने कुमाऊंनी, गढ़वाली, नेपाली गीतों की झड़ी लगाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विज्ञापन
संचालन दीपक जोशी, संजय पांडेय ने किया। इस मौके पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष ललित कुंवर, प्रीति पाठक, सुभाष बगौली, मदन कलौनी, महोत्सव समिति के उपाध्यक्ष चांद सिंह बोहरा, राजीव सगटा, मोहित पांडेय, मोहित पाठक, मोनू बिष्ट, शिवराज अधिकारी, खीमराज धौनी, एलएम पांडेय, सरिता अधिकारी, संजय रैसवाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
शुक्रवार को महोत्सव समिति के अध्यक्ष माधो सिंह अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने किया। उन्होंने महोत्सव को भव्य बनाने को हर संभव प्रयास करने की बात कही। लोहाघाट से भैरव राय के नेतृत्व में आई कुमाऊं लोक सांस्कृतिक कला दर्पण के कलाकारों ने दैंणा होया खोली का गणेशा हो वंदना से कार्यक्रमों की शुरूआत की।
विज्ञापन
गायक प्रदीप कुमार ने देवी भगवती मैया तू दैंण है जाए, मेरी सरू ली ओ मेरे सरू, गोरी मुखड़ी दिल मा नून पिस्यो सिल मा, कां छ तेरो जलेबी को डाब ओ हिमा जाग, लाल चुन्नी कुरती यो तेली काली, त्वे देखी सीटी ताली बजूंछी पूरी थल की बजारा ने धूम मचा दी। कलाकारों ने कुमाऊंनी, गढ़वाली, नेपाली गीतों की झड़ी लगाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विज्ञापन
संचालन दीपक जोशी, संजय पांडेय ने किया। इस मौके पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष ललित कुंवर, प्रीति पाठक, सुभाष बगौली, मदन कलौनी, महोत्सव समिति के उपाध्यक्ष चांद सिंह बोहरा, राजीव सगटा, मोहित पांडेय, मोहित पाठक, मोनू बिष्ट, शिवराज अधिकारी, खीमराज धौनी, एलएम पांडेय, सरिता अधिकारी, संजय रैसवाल आदि मौजूद रहे।