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वनकर्मी ने किया पूर्णागिरि मेले में आई महिला से रेप, गिरफ्तार

Sun, 22 May 2016 10:22 PM IST
ब्यूराे/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)।
ब्यूराे/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)। Updated Sun, 22 May 2016 10:22 PM IST
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The woman came to the fair forest guard Purnagiri rape, arrested
आरोपी को जेल भेज दिया गया - फोटो : अमर उजाला

 चंपावत वन प्रभाग में वन कर्मी ने मां पूर्णागिरि मेले में परिजनों से भटकी नवविवाहिता को अपनी हवस का शिकार बना डाला। पुलिस ने आरोपी वन कर्मी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। महिला और आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है। इस घटना ने मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, घटना से पुलिस और मेला प्रशासन में खासा हड़कंप मचा है।

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पुलिस के मुताबिक शाहजहांपुर जिले के एक गांव की नवविवाहिता अपने पति, ससुर और जेठ के साथ मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए शनिवार रात यहां पहुंची थी। टनकपुर से ठुलीगाड़ पहुंचने के बाद आगे के पैदल मार्ग पर पति-पत्नी साथ आए ससुर और जेठ से बिछड़ गए। भैरव मंदिर के पास स्थित वन विभाग की चौकी के पास रात करीब 11 बजे सड़क किनारे पैराफिट में बैठकर जब पति-पत्नी परिजनों से बिछड़ने पर रोने लगे तो वन चौकी में मौजूद चंपावत वन प्रभाग के बूम रेंज के जड़ियाखाल बीट में तैनात अल्मोड़ा जिले के मिरौली लमगड़ा निवासी बीट रक्षक अमर सिंह (52) ने पहले तो उनके पास जाकर रोने की वजह पूछी और फिर बिछड़े परिजनों को सुबह मिलाने का भरोसा देकर उन्हें वन चौकी में सोने के लिए जगह दी।
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रात करीब साढ़े बारह बजे पति-पत्नी के सोने पर वह उनके कमरे में घुसा और महिला का मुंह दबाकर उसे हवस का शिकार बना डाला। इसी बीच, महिला के पति की नींद टूटी तो उसने पहले पत्नी के साथ दुराचार कर रहे वन कर्मी को उठाकर पटका और फिर पति-पत्नी ने भैरव मंदिर पुलिस चौकी जाकर पुलिस को घटना के बारे में बताया। भैरव मंदिर थानाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह बिष्ट ने मामला ठुलीगाड़ थाने के सुपुर्द किया। पता चलने पर कोतवाल वीसी शर्मा भी फौरन ठुलीगाड़ पहुंचे और घटना के बारे में जानकारी लेकर घटनास्थल का मुआयना किया। ठुलीगाड़ थानाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह खड़ायत ने बताया कि आरोपी वन कर्मी के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ित महिला और आरोपी का संयुक्त चिकित्सालय में मेडिकल परीक्षण कर जांच के लिए स्लाइड प्रयोगशाला भेजी गई है। 
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डेढ़ माह पहले ही हुई थी शादी
पीड़ित नव विवाहिता का करीब डेढ़ माह पहले 26 मार्च को ही विवाह हुआ है। रस्म के मुताबिक वह शादी के बाद मायके में रही और पति के साथ दांपत्य जीवन की शुरुआत करने से पहले मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए यहां आई थी, लेकिन मां पूर्णागिरि के दर्शन से पहले ही आरोपी वन कर्मी ने उसे हवस का शिकार बना दिया।

बाक्स 
तैनाती स्थल के बजाय सेलागाड़ वन चौकी में डेरा जमाए रहता था आरोपी
बलात्कार का आरोपी वन कर्मी अमर सिंह मां पूर्णागिरि धाम से करीब पांच किमी दूर बूम रेंज के जड़िया खाल बीट में तैनात है, लेकिन वह अपने तैनाती स्थल में न जाकर ज्यादातर सैलागाड़ वन चौकी में डेरा जमाए रहता था। विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने भी कभी तैनाती स्थल में उसकी गैर मौजूदगी पर ध्यान नहीं दिया। 

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
मां पूर्णागिरि धाम में महिलाओं की आबरू से खिलवाड़ की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी मेला अवधि में ऐसी घटनाएं होती रही हैं, लेकिन यह पहला मामला है जो पुलिस के रिकॉर्ड में पंजीकृत हुआ है। बता दें कि वर्ष 2001 में मेला अवधि के दौरान ठुलीगाड़ पुलिस चौकी के पास स्थापित चिकित्सा कैंप में तैनात एक फार्मेसिस्ट ने महिला से अभद्रता की थी, लेकिन तब पुलिस ने आरोपी फार्मेसिस्ट की इस बेरहमी से पिटाई कर दी थी कि पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय समझौता करा मामले को रफा-दफा कराना पड़ा था। इसके बाद वर्ष 2003 में ठुलीगाड़ क्षेत्र मेें एक युवती से दुराचार का मामला प्रकाश में आया था, लेकिन तब भी पुलिस ने आनन-फानन में पीड़िता को गंतव्य को रवाना कर घटना को दबा दिया था। 



महिलाओं की सुरक्षा के दिए निर्देश
मां पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में महिला से बलात्कार की घटना गंभीर है। पुलिस को मेला क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेषतौर पर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। रात के वक्त मेला क्षेत्र में गश्त बढ़ाने एवं अकेले आवाजाही कर रही महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा पर नजर रखने को कहा गया है। इसके अलावा धर्मशालाएं और मेला क्षेत्र के दुकानदारों को उनके यहां विश्राम के लिए ठहरने वाली महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा पर ध्यान देने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। -नरेश दुर्गापाल, मेला मजिस्ट्रेट, एसडीएम टनकपुर।

 

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