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सुखाए जा रहे देवदार, सोया है पहरेदार
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट
Updated Sun, 06 Dec 2015 10:01 PM IST
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बहुमूल्य प्रजाति के देवदार वृक्षों के कारण लोहाघाट नगर एवं इसके आसपास के क्षेत्रों की अपनी अलग पहचान बनी है। इन्हीं वृक्षों के कारण यहां पर्यटन विकास की सोच पैदा की जाती है, लेकिन इस प्रजाति पर जिस प्रकार से हमले किए जा रहे हैं, उससे एक विकट स्थिति पैदा होती जा रही है।
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एसएसबी के पूर्व अधिकारी आरपी ओली देवदार वृक्षों के विनाश से काफी आहत हैं। उन्हें इस बात पर हैरानी है कि समाचार पत्रों में लगातार देवदार वृक्ष के विनाश की खबरें प्रकाशित होने के बावजूद जिला प्रशासन और वन महकमा हरकत में क्यों नहीं आता है। उनका कहना है कि नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में जिस प्रकार पेड़ों को सुखाने का काम किया जा रहा है, इसे देखने के बावजूद वन महकमा सोया पड़ा हुआ है। चेयरमैन लता वर्मा के अनुसार उनके स्तर से लगातार वन विभाग को सूचित किया जाता रहा है। देवदार वृक्ष नगर की शान हैं। इनको पूरी तरह सुरक्षित रखने की आवश्यकता है। इसके लिए विभाग को विशेष कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए।
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