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वन रक्षक की संदिग्ध मौत की सीबीआई से कराई जाए जांच
Updated Sat, 25 Nov 2017 11:42 PM IST
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चंपावत। जिले के कठनौली निवासी व रामनगर में तैनात वन रक्षक हरीश भट्ट की 17 नवंबर को रामनगर कार्बेट पार्क में हुई संदिग्ध हालत में मौत की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग उनके परिजनों ने की है। परिजनों का कहना है कि वन विभाग मौत को आत्महत्या बता रहा है, लेकिन शरीर पर मिले चोटों के निशान और अन्य परिस्थितियों के मद्देनजर ये हत्या का मामला लग रहा है।
परिजन कृष्ण चंद्र भट्ट, पीतांबर भट्ट, जीवन भट्ट, बसंत भट्ट, दिनेश भट्ट, सुरेश भट्ट, प्रकाश भट्ट आदि ने वन मंत्री और वन अधिकारियों को पत्र लिख मामले की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। आरोप लगाया कि वन विभाग भी मामले में लीपापोती करने में लगा है। उल्लेखनीय है कि वन रक्षक हरीश भट्ट का शव 17 नवंबर को रामनगर के कार्बेट पार्क के जंगल के एक पेड़ में लटका मिला था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस और वन विभाग ने परिजनों की अनुमति के बगैर ही फौरन शव का पोस्टमार्टम करा दिया। साथ ही शरीर पर चोटों के कई जगह निशान है। इन हालातों के मद्देनजर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। परिवार के लोगों ने सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर वन मंत्री व वनाधिकारियों को पत्र लिखा है।
परिजन कृष्ण चंद्र भट्ट, पीतांबर भट्ट, जीवन भट्ट, बसंत भट्ट, दिनेश भट्ट, सुरेश भट्ट, प्रकाश भट्ट आदि ने वन मंत्री और वन अधिकारियों को पत्र लिख मामले की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। आरोप लगाया कि वन विभाग भी मामले में लीपापोती करने में लगा है। उल्लेखनीय है कि वन रक्षक हरीश भट्ट का शव 17 नवंबर को रामनगर के कार्बेट पार्क के जंगल के एक पेड़ में लटका मिला था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस और वन विभाग ने परिजनों की अनुमति के बगैर ही फौरन शव का पोस्टमार्टम करा दिया। साथ ही शरीर पर चोटों के कई जगह निशान है। इन हालातों के मद्देनजर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। परिवार के लोगों ने सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर वन मंत्री व वनाधिकारियों को पत्र लिखा है।
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