{"_id":"5ae20f804f1c1b86098b6b50","slug":"141524764544-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाबालिग को परिजन अब नहीं भेजेंगे हरियाणा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नाबालिग को परिजन अब नहीं भेजेंगे हरियाणा
Updated Thu, 26 Apr 2018 11:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंपावत। कथित रूप से विवाह के लिए हरियाणा भेजी जा रही एक नाबालिग बालिका के प्रकरण का बृहस्पतिवार देर शाम पटाक्षेप हो गया। पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल, महिला प्रकोष्ठ और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने घंटों तक बालिका के माता-पिता और हरियाणा से आए रिश्तेदारों से पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि नाबालिग को उनके रिश्तेदार विवाह के लिए नहीं, बल्कि पढ़ाने के लिए ले जा रहे थे। अलबत्ता अब माता-पिता ने बालिका को हरियाणा न भेज गांव में ही पढ़ाने का फैसला किया है। शैक्षिक अभिलेखों के मुताबिक बालिका की उम्र 13 वर्ष होने की पुष्टि भी हुई।
बुधवार को यहां से करीब 64 किमी दूर चौड़ाख्याली गांव में एक नाबालिग बालिका के विवाह होने की महिला प्रकोष्ठ को फोन से सूचना मिली। दरोगा विजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और नाबालिग का विवाह नहीं करने और बालिका के बालिग होने या नहीं होने की पुष्टि के लिए शैक्षिक अभिलेखों के साथ पुलिस कार्यालय पहुंचे की हिदायत दी। बृहस्पतिवार को नाबालिग बालिका के परिजन और हरियाणा से आए रिश्तेदार से एसपी और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने विस्तृत पूछताछ की। एसपी गुंज्याल ने बताया कि नाबालिग की रिश्तेदार बालिका को किसी गैर कानूनी इरादे से हरियाणा नहीं ले जा रही थी, बल्कि उनकी मंशा गरीबी के मद्देनजर बालिका को वहां पढ़ाने की थी। अलबत्ता अब नाबालिग के माता-पिता ने 13 साल की आठवीं में पढ़ने वाली बालिका को हरियाणा नहीं भेजने और गांव में ही पढ़ाने की बात कही है। इसी के साथ इस मामले का पटाक्षेप हो गया है।
बुधवार को यहां से करीब 64 किमी दूर चौड़ाख्याली गांव में एक नाबालिग बालिका के विवाह होने की महिला प्रकोष्ठ को फोन से सूचना मिली। दरोगा विजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और नाबालिग का विवाह नहीं करने और बालिका के बालिग होने या नहीं होने की पुष्टि के लिए शैक्षिक अभिलेखों के साथ पुलिस कार्यालय पहुंचे की हिदायत दी। बृहस्पतिवार को नाबालिग बालिका के परिजन और हरियाणा से आए रिश्तेदार से एसपी और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने विस्तृत पूछताछ की। एसपी गुंज्याल ने बताया कि नाबालिग की रिश्तेदार बालिका को किसी गैर कानूनी इरादे से हरियाणा नहीं ले जा रही थी, बल्कि उनकी मंशा गरीबी के मद्देनजर बालिका को वहां पढ़ाने की थी। अलबत्ता अब नाबालिग के माता-पिता ने 13 साल की आठवीं में पढ़ने वाली बालिका को हरियाणा नहीं भेजने और गांव में ही पढ़ाने की बात कही है। इसी के साथ इस मामले का पटाक्षेप हो गया है।
विज्ञापन