फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Corona increased the distance from folk art in Devidhura

बगवाल : लोककला पर लगा विराम, कलाकार कह रहे त्राहि माम

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 22 Aug 2021 11:15 PM IST
विज्ञापन
Corona increased the distance from folk art in Devidhura
देवीधुरा बगवाल देखने को उमड़े दर्शक। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : CHAMPAWAT
पाटी (सुरेंद्र राज लडवाल)। कोरोना ने बगवाल के स्वरूप को बदलने के साथ ही सांस्कृतिक गतिविधियों पर भी विराम लगा दिया है। इसकी वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित लोक कलाकार हुए हैं। नवोदित कलाकारों के साथ ही नामी कलाकारों को भी मंच नहीं मिलने से उनकी आजीविका पर असर पड़ने लगा है। कलाकार सरकार से भी मदद की गुहार लगा रहे हैं।
विज्ञापन

कोरोना से पहले 2019 तक चंपावत जिले से लेकर उत्तराखंड के कई जिलों से नामी सांस्कृतिक दल देवीधुरा के बगवाल मेले में अपनी कला के प्रदर्शन के लिए आते थे। कुमाऊंनी, गढ़वाली और नेपाली लोक कलाओं की छटा ऐसी बिखरती थी कि हर शख्स सम्मोहित हो जाता था। मंच पर नई शैली के कलाकार भी नजर आते थे जो अपनी आधुनिकता से लोगों को रूबरू करते थे। क्षेत्रीय लोगों का जहां इससे मनोरंजन होता था, वहीं सांस्कृतिक दलों को रोजगार भी मिलता था। नामी लोक संस्कृति कर्मी राजेंद्र गहतोड़ी का कहना है कि बीते दो वर्षों से कोरोना की वजह से कला जगत को झटका लगा है। नेहरू युवा सांस्कृतिक लोक कला मंच बानठोक, संस्कार सांस्कृतिक कला केंद्र जैसी कई नामी टीमें आती थीं। साथ ही इंडियन आइडियल के विजेता पवनदीप राजन के पिता सुरेश राजन और भैरव राय के नेतृत्व में कुमाऊं लोककला दर्पण जैसे दल नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करते थे। हालांकि रविवार को कुछ देर के लिए एक व्यक्ति ने शानदार हुड़का प्रदर्शन करके पुराने दिनों की याद जरूर दिलाई।
विज्ञापन

खेल, स्कूली प्रतियोगिताओं पर भी विराम
पाटी (चंपावत)। कोरोना ने बगवाल में होने वाली खेल और स्कूली प्रतियोगिताओं को भी बंद करा दिया है। पिछले दो साल से वॉलीबाल सहित कोई खेल नहीं हो पा रहा है। विद्यार्थियों के बीच होने वाली चित्रकला, पेंटिंग आदि पर भी ब्रेक लग गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

81 साल की उम्र में शीर्षासान कर रहे बची सिंह
पाटी (चंपावत)। बगवाल मैदान पर एक योगी की योग साधना को देखकर हर कोई हैरत में पड़ गया। 81 साल की उम्र पार कर चुके नैनीताल जिले के परबड़ा निवासी बची सिंह लगातार बगवाल में आते हैं। रविवार को उन्होंने शीर्षासन से लेकर कई कठिन आसन का प्रदर्शन भी किया। बची सिंह बताते हैं कि 2015 से पूर्व वे योग का सार्वजनिक प्रदर्शन नहीं करते थे, लेकिन जबसे 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाने लगा, तबसे वे लोगों को इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं।

देवीधुरा में हुड़का कला का प्रदर्शन करते बुजुर्ग बची सिंह।  संवाद न्यूज एजेंसी

देवीधुरा में हुड़का कला का प्रदर्शन करते बुजुर्ग बची सिंह। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : CHAMPAWAT

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed