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पॉजीटिव युवक के घर आते-जाते रहने से सैलानीगोठ में कोरोना का खौफ
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टनकपुर (चंपावत)। कोरोना संक्रमित युवक के क्वारंटीन सेंटर के बजाय घर में रहने का खुलासा होने से सैलानीगोठ गांव में खासा हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने संक्रमित मिले युवक के संपर्क में आई पत्नी, सास-ससुर, साले और प्रधान के पति को संस्थागत क्वारंटीन कर दिया है।
31 मई को सैलानीगोठ जीआईसी में क्वारंटीन एक युवक की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उस वक्त हड़कंप मच गया, जब स्वास्थ्य विभाग की टीम संक्रमित युवक को लेने पहुंची तो पता चला कि क्वारंटीन में रखा गया यह युवक क्वारंटीन सेंटर से अक्सर अपने ससुराल में घर आता-जाता रहता था। दिल्ली से अपने साले के साथ लौटे इस युवक और उसके साले को 31 मई को क्वारंटीन किया गया था। 2 जून को जीजा-साले का सैंपल लिया गया और 5 जून को जीजा की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो खलबली मच गई।
इधर एसडीएम दयानंद सरस्वती ने बताया कि संक्रमित युवक के साथ ही उसके संपर्क में आई पत्नी, साले, सास, ससुर और ग्राम प्रधान के पति को क्वारंटीन किया गया है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि संक्रमित युवक कहीं किसी ओर के भी संपर्क में तो नहीं रहा है।
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पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
कोरोना संक्रमित युवक के क्वारंटीन सेंटर के बजाय घर में रहने के मामले में पुलिस ने युवक और उसके साले के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाल धीरेंद्र कुमार ने बताया कि मामले में आरोपी जीजा-साले के खिलाफ आईपीसी की धारा 188, 269, 270 के अलावा महामारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
लोहाघाट का रहने वाला है संक्रमित युवक
क्वारंटीन सेंटर के बजाय घर में रहने का आरोपी कोरोना संक्रमित युवक लोहाघाट का निवासी है और सैलानीगोठ में उसकी ससुराल है। दिल्ली से वह यहां पहुंचा तो ससुराल का पता बताने पर प्रशासन ने उसे सैलानीगोठ जीआईसी में ही क्वारंटीन कर लिया था।
प्रधान पति बोला, सीएमओ के कहने पर भेजा घर, सीएमओ ने नकारा
प्रधान के पति की मानें तो संक्रमित मिले युवक को सीएमओ के कहने पर ही संस्थागत क्वारंटीन से होम क्वारंटीन पर घर भेजा गया था। उसका कहना है कि शुक्रवार सुबह सीएमओ ने मोबाइल पर कॉल कर बताया था कि संक्रमित युवक की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है, लिहाजा उन्हें होम क्वारंटीन पर घर भेज दिया जाए। जबकि सीएमओ आरपी खंडूरी ने प्रधान पति की बात को झूठ बताया है। सीएमओ का कहना है कि उनकी सैलानीगोठ के प्रधान पति या वहां के क्वारंटीन सेंटर के किसी प्रतिनिधि का उन्हें न तो कॉल आया और न ही इस बारे में उनकी किसी से बात हुई।
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31 मई को सैलानीगोठ जीआईसी में क्वारंटीन एक युवक की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उस वक्त हड़कंप मच गया, जब स्वास्थ्य विभाग की टीम संक्रमित युवक को लेने पहुंची तो पता चला कि क्वारंटीन में रखा गया यह युवक क्वारंटीन सेंटर से अक्सर अपने ससुराल में घर आता-जाता रहता था। दिल्ली से अपने साले के साथ लौटे इस युवक और उसके साले को 31 मई को क्वारंटीन किया गया था। 2 जून को जीजा-साले का सैंपल लिया गया और 5 जून को जीजा की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो खलबली मच गई।
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इधर एसडीएम दयानंद सरस्वती ने बताया कि संक्रमित युवक के साथ ही उसके संपर्क में आई पत्नी, साले, सास, ससुर और ग्राम प्रधान के पति को क्वारंटीन किया गया है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि संक्रमित युवक कहीं किसी ओर के भी संपर्क में तो नहीं रहा है।
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पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
कोरोना संक्रमित युवक के क्वारंटीन सेंटर के बजाय घर में रहने के मामले में पुलिस ने युवक और उसके साले के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाल धीरेंद्र कुमार ने बताया कि मामले में आरोपी जीजा-साले के खिलाफ आईपीसी की धारा 188, 269, 270 के अलावा महामारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
लोहाघाट का रहने वाला है संक्रमित युवक
क्वारंटीन सेंटर के बजाय घर में रहने का आरोपी कोरोना संक्रमित युवक लोहाघाट का निवासी है और सैलानीगोठ में उसकी ससुराल है। दिल्ली से वह यहां पहुंचा तो ससुराल का पता बताने पर प्रशासन ने उसे सैलानीगोठ जीआईसी में ही क्वारंटीन कर लिया था।
प्रधान पति बोला, सीएमओ के कहने पर भेजा घर, सीएमओ ने नकारा
प्रधान के पति की मानें तो संक्रमित मिले युवक को सीएमओ के कहने पर ही संस्थागत क्वारंटीन से होम क्वारंटीन पर घर भेजा गया था। उसका कहना है कि शुक्रवार सुबह सीएमओ ने मोबाइल पर कॉल कर बताया था कि संक्रमित युवक की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है, लिहाजा उन्हें होम क्वारंटीन पर घर भेज दिया जाए। जबकि सीएमओ आरपी खंडूरी ने प्रधान पति की बात को झूठ बताया है। सीएमओ का कहना है कि उनकी सैलानीगोठ के प्रधान पति या वहां के क्वारंटीन सेंटर के किसी प्रतिनिधि का उन्हें न तो कॉल आया और न ही इस बारे में उनकी किसी से बात हुई।