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सहकारी बैंक दे रहा सिर्फ पांच हजार रुपये
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
Updated Sat, 05 May 2018 10:54 PM IST
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चंपावत भारतीय स्टेट बैंक में लगी लोगों की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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नकदी संकट से जूझ रहे लोगों को अभी और परेशानी झेलनी पड़ सकता है। तमाम कोशिशों के बाद भी मुख्य बैंक एसबीआई को रकम नहीं मिल पा रही है। जिससे अन्य बैंकों को भी दिक्कतें हो रही है। नकदी संकट के चलते सहकारी बैंक ने अब ग्राहकों को दी जाने वाली धनराशि को सीमित कर दिया है। यहां किसी भी ग्राहक को न्यूनतम पांच हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। जिस वजह से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
शादी ब्याह का सीजन है, लेकिन नकदी संकट के चलते लोगों को अपनी ही रकम पाने को पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। रकम की कमी के चलते सहकारी बैंक ने अब ग्राहकों को दी जाने वाली धनराशि को सीमित कर दिया है। जिले में सहकारी बैंक की सभी आठ शाखाओं में तकरीबन 70 हजार खाते हैं। इनमें किसान, ग्रामीण और नौकरीपेशा लोग शामिल हैं। प्रबंधक गजेंद्र सिंह राणा ने बताया कि बैंक में वर्तमान में 13 लाख रुपये ही बचे हैं। जिसके चलते लोगों को दी जाने वाली धनराशि को सीमित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अब ग्राहक को न्यूनतम पांच हजार दिए जा रहे हैं।
शादी ब्याह और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में भी बैंक अधिकतम 20 हजार रुपये की धनराशि ही दे पाने में सक्षम है। हालांकि बैंक ने एक सप्ताह पूर्व मुख्य बैंक एसबीआई से 30 लाख रुपये की मांग की थी। लेकिन बैंक को एक सप्ताह बाद शनिवार को महज चार लाख रुपये ही मिल पाए। बैंक प्रबंधक का कहना है कि यह रकम भी कुछ ही दिनों के लिए पर्याप्त है। यही वजह है कि अब बैंक ने ग्राहकों को दी जाने वाली रकम को सीमित कर दिया है।
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आठ शाखाओं में उपलब्ध रकम की यह है स्थिति
चंपावत। चंपावत जिले में सहकारी बैंक की आठ शाखाएं कार्यरत हैं। टनकपुर को छोड़ अन्य शाखाओं के हाल खराब हैं। शनिवार को सहकारी बैंक की सभी आठ शाखाओं में उपलब्ध धनराशि इतनी थी।
1. चंपावत - 13 लाख रुपये।
2. लोहाघाट - 12 लाख रुपये।
3. पाटी- 1.81 लाख रुपये।
4. बाराकोट - 9 लाख रुपये।
5. किमतोली - 5.50 लाख रुपये।
6. खेतीखान - 6.05 लाख रुपये।
7. टनकपुर - 47 लाख रुपये।
8. बनबसा - 10 लाख रुपये
नकदी नहीं होने से एसबीआई के हाल भी खस्ता
चंपावत। नकदी संकट के चलते भारतीय स्टेट बैंक के भी हाल खस्ता हैं। यहां भी वर्तमान में ढाई करोड़ रुपये ही बचे हैं। हालांकि बैंक ने अभी लोगों को दी जाने वाली नकदी में लिमिट नहीं बांधी है। मुख्य प्रबंधक एनआर जौहरी ने बताया कि शनिवार को ग्रामीण बैंक को पांच लाख और सहकारी बैंक को चार लाख रुपये की धनराशि दी गई। उप प्रबंधक निर्मल भट्ट ने बताया कि वर्तमान में जमा और निकासी तकरीबन 45-45 लाख रुपये है। इस रकम से जैसे तैसे काम चलाया जा रहा है।
एटीएम में नकदी नहीं होने से उठानी पड़ रही है दिक्कत
चंपावत। एटीएम में रकम नहीं होने से गोरलचौड़ निवासी अमित जोशी शनिवार को खासे परेशान रहे। छह मई को अमित के बहिन की शादी है। जिसके लिए उन्होंने एसबीआई के सभी एटीएम, पीएनबी, एक्सिस बैंक, यूको बैंक के एटीएम के चक्कर लगाए। लेकिन कहीं से रकम नहीं मिल सकी। थक हार कर अमित ने एसबीआई के मुख्य प्रबंधक एनआर जौहरी को समस्या बताई। तब कहीं जाकर अमित को ग्रीन चैनल काउंटर से रकम मिल सकी।
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शादी ब्याह का सीजन है, लेकिन नकदी संकट के चलते लोगों को अपनी ही रकम पाने को पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। रकम की कमी के चलते सहकारी बैंक ने अब ग्राहकों को दी जाने वाली धनराशि को सीमित कर दिया है। जिले में सहकारी बैंक की सभी आठ शाखाओं में तकरीबन 70 हजार खाते हैं। इनमें किसान, ग्रामीण और नौकरीपेशा लोग शामिल हैं। प्रबंधक गजेंद्र सिंह राणा ने बताया कि बैंक में वर्तमान में 13 लाख रुपये ही बचे हैं। जिसके चलते लोगों को दी जाने वाली धनराशि को सीमित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अब ग्राहक को न्यूनतम पांच हजार दिए जा रहे हैं।
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शादी ब्याह और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में भी बैंक अधिकतम 20 हजार रुपये की धनराशि ही दे पाने में सक्षम है। हालांकि बैंक ने एक सप्ताह पूर्व मुख्य बैंक एसबीआई से 30 लाख रुपये की मांग की थी। लेकिन बैंक को एक सप्ताह बाद शनिवार को महज चार लाख रुपये ही मिल पाए। बैंक प्रबंधक का कहना है कि यह रकम भी कुछ ही दिनों के लिए पर्याप्त है। यही वजह है कि अब बैंक ने ग्राहकों को दी जाने वाली रकम को सीमित कर दिया है।
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आठ शाखाओं में उपलब्ध रकम की यह है स्थिति
चंपावत। चंपावत जिले में सहकारी बैंक की आठ शाखाएं कार्यरत हैं। टनकपुर को छोड़ अन्य शाखाओं के हाल खराब हैं। शनिवार को सहकारी बैंक की सभी आठ शाखाओं में उपलब्ध धनराशि इतनी थी।
1. चंपावत - 13 लाख रुपये।
2. लोहाघाट - 12 लाख रुपये।
3. पाटी- 1.81 लाख रुपये।
4. बाराकोट - 9 लाख रुपये।
5. किमतोली - 5.50 लाख रुपये।
6. खेतीखान - 6.05 लाख रुपये।
7. टनकपुर - 47 लाख रुपये।
8. बनबसा - 10 लाख रुपये
नकदी नहीं होने से एसबीआई के हाल भी खस्ता
चंपावत। नकदी संकट के चलते भारतीय स्टेट बैंक के भी हाल खस्ता हैं। यहां भी वर्तमान में ढाई करोड़ रुपये ही बचे हैं। हालांकि बैंक ने अभी लोगों को दी जाने वाली नकदी में लिमिट नहीं बांधी है। मुख्य प्रबंधक एनआर जौहरी ने बताया कि शनिवार को ग्रामीण बैंक को पांच लाख और सहकारी बैंक को चार लाख रुपये की धनराशि दी गई। उप प्रबंधक निर्मल भट्ट ने बताया कि वर्तमान में जमा और निकासी तकरीबन 45-45 लाख रुपये है। इस रकम से जैसे तैसे काम चलाया जा रहा है।
एटीएम में नकदी नहीं होने से उठानी पड़ रही है दिक्कत
चंपावत। एटीएम में रकम नहीं होने से गोरलचौड़ निवासी अमित जोशी शनिवार को खासे परेशान रहे। छह मई को अमित के बहिन की शादी है। जिसके लिए उन्होंने एसबीआई के सभी एटीएम, पीएनबी, एक्सिस बैंक, यूको बैंक के एटीएम के चक्कर लगाए। लेकिन कहीं से रकम नहीं मिल सकी। थक हार कर अमित ने एसबीआई के मुख्य प्रबंधक एनआर जौहरी को समस्या बताई। तब कहीं जाकर अमित को ग्रीन चैनल काउंटर से रकम मिल सकी।