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खतरे जद में आए मकान का मुआवजा दिलाएं
Mon, 24 Jun 2019 11:44 PM IST
kamlesh kamlesh
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Mon, 24 Jun 2019 11:44 PM IST
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गिंदा में आवासीय मकान के आंगन में आई दरार दिखाता पूर्व सैनिक।
- फोटो : AMAR UJALA
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बारहमासी सड़क कटिंग के कार्य के दौरान खतरे की जद में आए मकान से चिंतित जिले सिंगदा घाट निवासी पूर्व फौजी ने केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भेज कर मुआवजे की मांग की है। पूर्व फौजी ने न्याय न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है।
नाइन कुमांऊ से रिडायर्ड पूर्व फौजी तेज सिंह सौन का कहना है कि बारहमासी सड़क के निर्माण के दौरान उनके दो मंजिला मकान में दरारें आ गयी हैं। निर्माण कार्य कराने वाली कंपनी ने मकान को बचाने के लिए सुरक्षा दीवार तक नहीं बनाई है। उन्होंने बताया कि उनके दो मंजिला भवन में पांच लोगों का का परिवार रहता है, जिसमें वह स्वयं और उनके बेटे भगवान सिंह, संजय सिंह, रमेश सिंह, चंचल सिंह का परिवार रहता है। एनएच की अधिकारियों और चंपावत पिथौरागढ़ जिला प्रशासन को कई बार ज्ञापन दे चुके हैं, परंतु अभी तक किसी ने सुध नहीं ली। हल्की सी बारिश में भवन के जमींदोज होने का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि वह जिला प्रशासन और एनएच के अधिकारियों को पत्र लिख कर थक चुके हैं। उन्होंने भवन को हुए नुकशान की एसआईटी जांच के साथ शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है।
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नाइन कुमांऊ से रिडायर्ड पूर्व फौजी तेज सिंह सौन का कहना है कि बारहमासी सड़क के निर्माण के दौरान उनके दो मंजिला मकान में दरारें आ गयी हैं। निर्माण कार्य कराने वाली कंपनी ने मकान को बचाने के लिए सुरक्षा दीवार तक नहीं बनाई है। उन्होंने बताया कि उनके दो मंजिला भवन में पांच लोगों का का परिवार रहता है, जिसमें वह स्वयं और उनके बेटे भगवान सिंह, संजय सिंह, रमेश सिंह, चंचल सिंह का परिवार रहता है। एनएच की अधिकारियों और चंपावत पिथौरागढ़ जिला प्रशासन को कई बार ज्ञापन दे चुके हैं, परंतु अभी तक किसी ने सुध नहीं ली। हल्की सी बारिश में भवन के जमींदोज होने का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि वह जिला प्रशासन और एनएच के अधिकारियों को पत्र लिख कर थक चुके हैं। उन्होंने भवन को हुए नुकशान की एसआईटी जांच के साथ शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है।
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