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वन विभाग और वन पंचायत की टीम का संयुक्त मुआयना
Wed, 24 Apr 2019 11:19 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूूराे चंपावत
अमर उजाला ब्यूूराे चंपावत
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Wed, 24 Apr 2019 11:19 PM IST
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अवैध कटान की जांच करती वन विभाग और वन पंचायत की टीम।
- फोटो : अमर उजाला
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चंपावत विकासखंड की बगेड़ी वन पंचायत में अवैध रूप से एक भी पेड़ नहीं कटा है। कुछ लोगों द्वारा लगाए आरोप के बाद बुधवार को वन पंचायत और वन विभाग की संयुक्त टीम के मौका मुआयने के बाद ये तस्वीर उजागर हुई है। कहा कि वन पंचायत क्षेत्र के सघन मुआयने के बाद एक भी अवैध ठूंठ नहीं मिला। वहीं अब विभाग अज्ञात लोगों द्वारा की गई झूठी शिकायत पर भी कार्यवाही की बात कह रहा है।
चंपावत के वन क्षेत्राधिकारी कैलाश चंद्र तिवारी ने बताया कि बगेड़ी वन पंचायत में अवैध रूप से कुछ पेड़ों के काटे जाने के कतिपय अज्ञात लोगों के आरोपों की वन पंचायत से मंगलवार को कराई जांच के एक दिन बाद वन विभाग और वन पंचायत की संयुक्त टीम ने मौका मुआयना किया। वन पंचायत के स्थलीय निरीक्षण के बाद संयुक्त जांच दल ने अवैध पेड़ों के कटे होने के आरोप को खारिज किया।
बुधवार को वन बीट अधिकारी प्रकाश गोस्वामी के नेतृत्व में गए जांच दल में ग्राम प्रधान प्रेमबल्लभ, वन पंचायत के ईश्वरी दत्त, रमेश चंद्र, पीतांबर, शिवदत्त, चंद्रमणि, तिलोमणि शामिल थे। वन बीट अधिकारी का कहना है कि जांच रिपोर्ट को विभागीय अधिकारियों को भेजा जाएगा। वन पंचायत की सरपंच ईश्वरी देवी ने बताया कि मिश्रित (साल, शीशम, टुन, चीड़) जंगल वाले 2200 हेक्टेयर की वन पंचायत की हिफाजत के लिए पंचायत अपने स्तर से भी प्रयास कर रहा है। यह वन पंचायत सड़क से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर है।
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चंपावत के वन क्षेत्राधिकारी कैलाश चंद्र तिवारी ने बताया कि बगेड़ी वन पंचायत में अवैध रूप से कुछ पेड़ों के काटे जाने के कतिपय अज्ञात लोगों के आरोपों की वन पंचायत से मंगलवार को कराई जांच के एक दिन बाद वन विभाग और वन पंचायत की संयुक्त टीम ने मौका मुआयना किया। वन पंचायत के स्थलीय निरीक्षण के बाद संयुक्त जांच दल ने अवैध पेड़ों के कटे होने के आरोप को खारिज किया।
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बुधवार को वन बीट अधिकारी प्रकाश गोस्वामी के नेतृत्व में गए जांच दल में ग्राम प्रधान प्रेमबल्लभ, वन पंचायत के ईश्वरी दत्त, रमेश चंद्र, पीतांबर, शिवदत्त, चंद्रमणि, तिलोमणि शामिल थे। वन बीट अधिकारी का कहना है कि जांच रिपोर्ट को विभागीय अधिकारियों को भेजा जाएगा। वन पंचायत की सरपंच ईश्वरी देवी ने बताया कि मिश्रित (साल, शीशम, टुन, चीड़) जंगल वाले 2200 हेक्टेयर की वन पंचायत की हिफाजत के लिए पंचायत अपने स्तर से भी प्रयास कर रहा है। यह वन पंचायत सड़क से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर है।
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