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Champawat News: सूखीढांग-डांडा-मीडार सड़क पर डामरीकरण शुरू
Sun, 16 Apr 2023 11:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 16 Apr 2023 11:45 PM IST
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सूखीढांग-डांडा-मीडार सड़क के शुरुआती बिंदु की खस्ताहालत। संवाद
- फोटो : सूखीढांग-डांडा-मीडार सड़क के शुरुआती बिंदु की खस्ताहालत। संवाद
छह महीने में चकाचक होगी सड़क
18 करोड़ रुपये से छह पैकेज में 30 किमी सड़क का हो रहा डामर
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। लंबे इंतजार के बाद अब (सूखीढांग-डांडा-मीडार) सड़क पर डामरीकरण शुरू हो गया है। 30 किलोमीटर कच्ची सड़क पर छह माह में डामरीकरण पूरा हो जाएगा। कार्य पूरा होने से लोगों को सुविधा मिलेगी। यह सड़क 21 गांवों की आवाजाही सुगम बनाएगी। इस रूट से विख्यात धर्मस्थल रीठा साहिब गुरुद्वारा तक की दूरी 70 किलोमीटर कम हो जाएगी।
56 किलोमीटर लंबी सड़क की कटिंग दिसंबर 2016 में 15 करोड़ रुपये से पूरी हुई थी। इसके बाद से सड़क के अधिकतर हिस्से पर डामरीकरण नहीं हुआ था। फरवरी 2020 को तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चंपावत के दौरे पर 30 किलोमीटर हिस्से के डामरीकरण करने का एलान किया था। लंबे समय तक काम लटका रहा। शासन की मंजूरी, बजट आवंटन और निविदिा प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब काम शुरू हुआ है। इस वक्त टनकपुर से चंपावत-लोहाघाट होते हुए रीठा साहिब की दूरी 150 किमी है जो एसडीएम सड़क से 70 किमी कम होकर महज 80 किमी रह जाएगी। इस कच्ची सड़क पर 20 फरवरी 2022 को बरात की एक जीप के हादसे में 14 लोगों की जान भी जा चुकी है।
फोटो 16 सीपीटी 02पी
बाक्स
इन ग्रामीण क्षेत्रों की सुगम होगी आवाजाही
सूखीढांग, गेरलेख, चौड़ाकोट, धूरा, पातल, मथियाबांज, तलियाबांज, बकोरिया, बुड़म, कल्लाड़, डांडा, कठौती, ककनई की धार, मल्ली टांण, तल्ली टांण, साल, मछियाड़, तलाड़ी, कुल्यालगांव, चौड़ामेहता और रीठा साहिब के नौ हजार से अधिक लोगों की दिक्कतें कम होंगी।
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डामर होने से होंगे ये लाभ:
1.आवाजाही सुगम और सुविधाजनक होगी।
2.एसडीएम सड़क पर सफर में चार घंटे के बजाय ढाई घंटे में आवाजाही पूरी होगी।
3.कच्ची सड़क होने से किराये की मौजूदा 50 प्रतिशत अधिक दर से निजात मिलेगी।
4.कच्ची सड़क से आपात चिकित्सा सेवा 108 की एंबुलेंस का संचालन हो सकेगा।
सड़क के 30 किलोमीटर के डामरीकरण की निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम शुरू कर दिया गया है। पांच-पांच किमी के छह पैकेज बनाकर काम शुरू किया गया है।
बीसी पंत, ईई, लोक निर्माण विभाग, चंपावत।
डामर उखड़ने से सड़क के बुरे हाल
चंपावत। एसडीएम सड़क के शुरुआती बिंदु सूखीढांग से धूरा तक के पांच किलोमीटर हिस्से में पहले डामरीकरण हुआ था लेकिन डामर के उखड़ने से सड़क बुरे हाल में है। इस पांच किमी हिस्से में 25 से अधिक जगह सड़क की स्थिति ठीक नहीं है। नागरिकों ने खतरे से बचाव के लिए इस सड़क की मरम्मत करने की मांग की है।
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18 करोड़ रुपये से छह पैकेज में 30 किमी सड़क का हो रहा डामर
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। लंबे इंतजार के बाद अब (सूखीढांग-डांडा-मीडार) सड़क पर डामरीकरण शुरू हो गया है। 30 किलोमीटर कच्ची सड़क पर छह माह में डामरीकरण पूरा हो जाएगा। कार्य पूरा होने से लोगों को सुविधा मिलेगी। यह सड़क 21 गांवों की आवाजाही सुगम बनाएगी। इस रूट से विख्यात धर्मस्थल रीठा साहिब गुरुद्वारा तक की दूरी 70 किलोमीटर कम हो जाएगी।
56 किलोमीटर लंबी सड़क की कटिंग दिसंबर 2016 में 15 करोड़ रुपये से पूरी हुई थी। इसके बाद से सड़क के अधिकतर हिस्से पर डामरीकरण नहीं हुआ था। फरवरी 2020 को तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चंपावत के दौरे पर 30 किलोमीटर हिस्से के डामरीकरण करने का एलान किया था। लंबे समय तक काम लटका रहा। शासन की मंजूरी, बजट आवंटन और निविदिा प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब काम शुरू हुआ है। इस वक्त टनकपुर से चंपावत-लोहाघाट होते हुए रीठा साहिब की दूरी 150 किमी है जो एसडीएम सड़क से 70 किमी कम होकर महज 80 किमी रह जाएगी। इस कच्ची सड़क पर 20 फरवरी 2022 को बरात की एक जीप के हादसे में 14 लोगों की जान भी जा चुकी है।
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फोटो 16 सीपीटी 02पी
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इन ग्रामीण क्षेत्रों की सुगम होगी आवाजाही
सूखीढांग, गेरलेख, चौड़ाकोट, धूरा, पातल, मथियाबांज, तलियाबांज, बकोरिया, बुड़म, कल्लाड़, डांडा, कठौती, ककनई की धार, मल्ली टांण, तल्ली टांण, साल, मछियाड़, तलाड़ी, कुल्यालगांव, चौड़ामेहता और रीठा साहिब के नौ हजार से अधिक लोगों की दिक्कतें कम होंगी।
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डामर होने से होंगे ये लाभ:
1.आवाजाही सुगम और सुविधाजनक होगी।
2.एसडीएम सड़क पर सफर में चार घंटे के बजाय ढाई घंटे में आवाजाही पूरी होगी।
3.कच्ची सड़क होने से किराये की मौजूदा 50 प्रतिशत अधिक दर से निजात मिलेगी।
4.कच्ची सड़क से आपात चिकित्सा सेवा 108 की एंबुलेंस का संचालन हो सकेगा।
सड़क के 30 किलोमीटर के डामरीकरण की निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम शुरू कर दिया गया है। पांच-पांच किमी के छह पैकेज बनाकर काम शुरू किया गया है।
बीसी पंत, ईई, लोक निर्माण विभाग, चंपावत।
डामर उखड़ने से सड़क के बुरे हाल
चंपावत। एसडीएम सड़क के शुरुआती बिंदु सूखीढांग से धूरा तक के पांच किलोमीटर हिस्से में पहले डामरीकरण हुआ था लेकिन डामर के उखड़ने से सड़क बुरे हाल में है। इस पांच किमी हिस्से में 25 से अधिक जगह सड़क की स्थिति ठीक नहीं है। नागरिकों ने खतरे से बचाव के लिए इस सड़क की मरम्मत करने की मांग की है।