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Champawat News: पुरानी पेंशन बहाली के लिए गरजे कर्मचारी-शिक्षक
Sun, 16 Apr 2023 11:26 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 16 Apr 2023 11:26 PM IST
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चंपावत। पुरानी पेंशन बहाली की मांग के लिए रविवार को चंपावत में कर्मचारी-शिक्षकों का सैलाब उमड़ा। उन्होंने पुरानी पेंशन को 60 साल की सेवा के बाद अपना सांविधानिक अधिकार बताया।
एनएमओपीएस (पुरानी पेंशन योजना के लिए राष्ट्रीय आंदोलन) संगठन के बैनर तले गोरलचौड़ मैदान में सभा में कर्मचारी-शिक्षकों ने पुरानी पेंशन को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए अनिवार्य बताया। सभा से हुंकार भरने के बाद शहर में 400 मीटर लंबी रैली निकाली गई। बाद में स्टेशन में तहसीलदार ज्योति धपवाल के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा गया। एनएमओपीएस जिलाध्यक्ष गोविंद मेहता की अध्यक्षता और महामंत्री प्रकाश तड़ागी के संचालन में हुई सभा में वक्ताओं ने 2005 से शुरू की गई नई पेंशन को निरस्त कर पुरानी पेंशन बहाली के आड़े आने वाले दलों और सरकार को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी। वक्ताओं ने सवाल उठाया कि अगर राजकोषीय घाटा सचमुच इतना बड़ा मामला है तो सांसद, विधायकों, मंत्रियों को मोटी पेंशन क्यों दी जा रही है। कर्मचारियों के एकजुट संघर्ष से पांच राज्य अब फिर से पुरानी पेंशन योजना लागू कर रहे हैं।
सभा को प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह बोहरा, जिला मंत्री बंशीधर थ्वाल, मिनिस्टीरियल फेडरेशन जिला महामंत्री जीवन चंद्र ओली, राजकीय शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष जगदीश अधिकारी, पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संघ अध्यक्ष नगेंद्र कुमार जोशी, डिप्लोमा फार्मासिस्ट संघ महामंत्री सतीश पांडेय, उपाध्यक्ष सुरेश जोशी, डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ जिलाध्यक्ष गोपाल कालाकोटी, संजय कुमार, मदन मोहन बिष्ट, मोनू देउपा, हिमानी पोखरिया, गीता जोशी, किशोर पंगरिया, उत्तम गोस्वामी आदि ने एकजुटता के साथ भविष्य में होने वाले आंदोलनों में कंधे से कंधा मिलाने का संकल्प लिया।
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फोटो 16 सीपीटी 10पी से 13पीआर तक
सभा और रैली में मौजूद थे ये शिक्षक-कर्मी:
मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन जिलाध्यक्ष मिंटू सिंह राणा, राजकीय शिक्षक संघ महामंत्री इंदुवर जोशी, सामश्रवा आर्य, कोषागार संगठन अध्यक्ष प्रकाश ढेक, मंत्री अनिल कुमार, प्राथमिक शिक्षक संघ चंपावत के अध्यक्ष मुकेश वर्मा, बाराकोट के अध्यक्ष राम प्रसाद कालाकोटी, लोहाघाट के अध्यक्ष कैलाश फर्त्याल, पाटी के अध्यक्ष कमल जोशी, सतीश जोशी, कवींद्र तड़ागी, कुंवर पृथोली, जीवन मेहता, सुनील मेहरा, श्याम सिंह महर, रमेश थ्वाल, पुष्कर नाथ, मोहित मेहता, राजीव मेहरा, अमित सीपाल, रबीश पचौली, एमपी जोशी, शंकर नाथ महंत, मालविका पंत, भूपेश जोशी, जीवर राय, सुभाष सामंत, मुकेश शर्मा, बंशीधर गड़कोटी, उमेश जोशी, राजेंद्र सामंत, बसंती गोस्वामी, बबली राणा, शैलजा लोहनी, दीप चंद, केशव राम, पुष्कर शर्मा, रंजीत राणा, सतीश पंगरिया, नवीन जोशी, मंजू जोशी, रेनु मेहता, ललित जोशी, रमेश रावत, हरक सिंह बिष्ट, महेश सिंह, निर्मला भट्ट, श्वेता शर्मा, चंपा नरियाल आदि।
पुरानी पेंशन बहाली के लिए आगामी कार्यक्रम:
1 जून: दिल्ली में पुरानी पेंशन रथ निकाला जाएगा।
1 अगस्त से 9 अगस्त: पुरानी पेंशन बहाली के लिए घंटी बजाओ कार्यक्रम होगा।
1 अक्तूबर: पुरानी पेंशन योजना के लिए शंखनाद रैली।
कोट
पुरानी पेंशन राशि आमतौर पर कर्मचारी के अंतिम वेतन की 50 प्रतिशत होती थी। नई पेंशन योजना से मिलने वाली राशि आर्थिक सुरक्षा तो दूर न्यूनतम गुजरबसर के लायक भी नहीं है।
गोविंद मेहता, जिलाध्यक्ष, एनएमओपीएस, चंपावत। (16 सीपीटी 14पी)
कोट
कर्मियों के लिए पेंशन बुढ़ापे की लाठी है लेकिन नई पेंशन योजना उससे उसका सहारा छीन रही है। नई पेंशन योजना से बेहद कम रुपये पेंशन के रूप में मिल रहे हैं।
दुर्गेश जोशी, बाराकोट। (16 सीपीटी 15पी)
कोट
पुरानी पेंशन बहाली की मांग के लिए चंपावत की सड़कों पर कर्मियों और शिक्षकों का सैलाब ऐतिहासिक रहा। धीरे-धीरे ये पेंशन प्रकरण आम लोगों का आंदोलन बनने की राह पर है। खीम सिंह बिष्ट, चंपावत। (16 सीपीटी 16पी)
कोट
नई पेंशन कर्मचारियों के मुंह पर तमाचा है। सेवा काल का ये कैसा इनाम। 60 साल बाद जब सेवारत व्यक्ति कुछ करने की स्थिति में नहीं होता है तब उसकी आर्थिक सुरक्षा छीनी जा रही है।
हिमानी पोखरियाल,
जिलाध्यक्ष, मातृ शिशु कल्याण संघ, चंपावत। (16 सीपीटी 17पी)
कोट
सेवानिवृत्ति के बाद शिक्षक-कर्मचारी का पेंशन अकेला सहारा है। नई पेंशन योजना उसके इस सहारे पर हमला है। आज की सफल रैली से पुरानी पेंशन योजना की वापसी की आस बढ़ी है।
मोनू देउपा, अध्यक्ष, एनएमओपीएस, टनकपुर। (16 सीपीटी 18पी)
कोट
एनपीएस के निष्कर्ष बेहद निराशाजनक हैं। वेतन के सापेक्ष नई योजना के तहत मिलने वाली पेंशन नाकाफी है। इसमें संशोधन भी जरूरी है।
शंकर सिंह अधिकारी, लोहाघाट। (16 सीपीटी 19पीआर)
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एनएमओपीएस (पुरानी पेंशन योजना के लिए राष्ट्रीय आंदोलन) संगठन के बैनर तले गोरलचौड़ मैदान में सभा में कर्मचारी-शिक्षकों ने पुरानी पेंशन को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए अनिवार्य बताया। सभा से हुंकार भरने के बाद शहर में 400 मीटर लंबी रैली निकाली गई। बाद में स्टेशन में तहसीलदार ज्योति धपवाल के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा गया। एनएमओपीएस जिलाध्यक्ष गोविंद मेहता की अध्यक्षता और महामंत्री प्रकाश तड़ागी के संचालन में हुई सभा में वक्ताओं ने 2005 से शुरू की गई नई पेंशन को निरस्त कर पुरानी पेंशन बहाली के आड़े आने वाले दलों और सरकार को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी। वक्ताओं ने सवाल उठाया कि अगर राजकोषीय घाटा सचमुच इतना बड़ा मामला है तो सांसद, विधायकों, मंत्रियों को मोटी पेंशन क्यों दी जा रही है। कर्मचारियों के एकजुट संघर्ष से पांच राज्य अब फिर से पुरानी पेंशन योजना लागू कर रहे हैं।
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सभा को प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह बोहरा, जिला मंत्री बंशीधर थ्वाल, मिनिस्टीरियल फेडरेशन जिला महामंत्री जीवन चंद्र ओली, राजकीय शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष जगदीश अधिकारी, पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संघ अध्यक्ष नगेंद्र कुमार जोशी, डिप्लोमा फार्मासिस्ट संघ महामंत्री सतीश पांडेय, उपाध्यक्ष सुरेश जोशी, डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ जिलाध्यक्ष गोपाल कालाकोटी, संजय कुमार, मदन मोहन बिष्ट, मोनू देउपा, हिमानी पोखरिया, गीता जोशी, किशोर पंगरिया, उत्तम गोस्वामी आदि ने एकजुटता के साथ भविष्य में होने वाले आंदोलनों में कंधे से कंधा मिलाने का संकल्प लिया।
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फोटो 16 सीपीटी 10पी से 13पीआर तक
सभा और रैली में मौजूद थे ये शिक्षक-कर्मी:
मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन जिलाध्यक्ष मिंटू सिंह राणा, राजकीय शिक्षक संघ महामंत्री इंदुवर जोशी, सामश्रवा आर्य, कोषागार संगठन अध्यक्ष प्रकाश ढेक, मंत्री अनिल कुमार, प्राथमिक शिक्षक संघ चंपावत के अध्यक्ष मुकेश वर्मा, बाराकोट के अध्यक्ष राम प्रसाद कालाकोटी, लोहाघाट के अध्यक्ष कैलाश फर्त्याल, पाटी के अध्यक्ष कमल जोशी, सतीश जोशी, कवींद्र तड़ागी, कुंवर पृथोली, जीवन मेहता, सुनील मेहरा, श्याम सिंह महर, रमेश थ्वाल, पुष्कर नाथ, मोहित मेहता, राजीव मेहरा, अमित सीपाल, रबीश पचौली, एमपी जोशी, शंकर नाथ महंत, मालविका पंत, भूपेश जोशी, जीवर राय, सुभाष सामंत, मुकेश शर्मा, बंशीधर गड़कोटी, उमेश जोशी, राजेंद्र सामंत, बसंती गोस्वामी, बबली राणा, शैलजा लोहनी, दीप चंद, केशव राम, पुष्कर शर्मा, रंजीत राणा, सतीश पंगरिया, नवीन जोशी, मंजू जोशी, रेनु मेहता, ललित जोशी, रमेश रावत, हरक सिंह बिष्ट, महेश सिंह, निर्मला भट्ट, श्वेता शर्मा, चंपा नरियाल आदि।
पुरानी पेंशन बहाली के लिए आगामी कार्यक्रम:
1 जून: दिल्ली में पुरानी पेंशन रथ निकाला जाएगा।
1 अगस्त से 9 अगस्त: पुरानी पेंशन बहाली के लिए घंटी बजाओ कार्यक्रम होगा।
1 अक्तूबर: पुरानी पेंशन योजना के लिए शंखनाद रैली।
कोट
पुरानी पेंशन राशि आमतौर पर कर्मचारी के अंतिम वेतन की 50 प्रतिशत होती थी। नई पेंशन योजना से मिलने वाली राशि आर्थिक सुरक्षा तो दूर न्यूनतम गुजरबसर के लायक भी नहीं है।
गोविंद मेहता, जिलाध्यक्ष, एनएमओपीएस, चंपावत। (16 सीपीटी 14पी)
कोट
कर्मियों के लिए पेंशन बुढ़ापे की लाठी है लेकिन नई पेंशन योजना उससे उसका सहारा छीन रही है। नई पेंशन योजना से बेहद कम रुपये पेंशन के रूप में मिल रहे हैं।
दुर्गेश जोशी, बाराकोट। (16 सीपीटी 15पी)
कोट
पुरानी पेंशन बहाली की मांग के लिए चंपावत की सड़कों पर कर्मियों और शिक्षकों का सैलाब ऐतिहासिक रहा। धीरे-धीरे ये पेंशन प्रकरण आम लोगों का आंदोलन बनने की राह पर है। खीम सिंह बिष्ट, चंपावत। (16 सीपीटी 16पी)
कोट
नई पेंशन कर्मचारियों के मुंह पर तमाचा है। सेवा काल का ये कैसा इनाम। 60 साल बाद जब सेवारत व्यक्ति कुछ करने की स्थिति में नहीं होता है तब उसकी आर्थिक सुरक्षा छीनी जा रही है।
हिमानी पोखरियाल,
जिलाध्यक्ष, मातृ शिशु कल्याण संघ, चंपावत। (16 सीपीटी 17पी)
कोट
सेवानिवृत्ति के बाद शिक्षक-कर्मचारी का पेंशन अकेला सहारा है। नई पेंशन योजना उसके इस सहारे पर हमला है। आज की सफल रैली से पुरानी पेंशन योजना की वापसी की आस बढ़ी है।
मोनू देउपा, अध्यक्ष, एनएमओपीएस, टनकपुर। (16 सीपीटी 18पी)
कोट
एनपीएस के निष्कर्ष बेहद निराशाजनक हैं। वेतन के सापेक्ष नई योजना के तहत मिलने वाली पेंशन नाकाफी है। इसमें संशोधन भी जरूरी है।
शंकर सिंह अधिकारी, लोहाघाट। (16 सीपीटी 19पीआर)