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चंपावत की ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए दिया पत्र
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चंपावत ब्लॉक प्रमुख रेखा देवी।
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। चंपावत ब्लॉक की राजनीति सरगर्मी बढ़ गई है। ब्लॉक प्रमुख रेखा देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने की कवायद शुरू हो गई है। शुक्रवार को तीन बीडीसी सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव पेश करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए सीडीओ को पत्र भेजा है। इस पत्र के साथ शपथ पत्र और दो-तिहाई सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। अविश्वास प्रस्ताव को पारित करने के लिए न्यूनतम दो-तिहाई सदस्यों का समर्थन आवश्यक है।
अविश्वास प्रस्ताव पेश करने की अनुमति से संबंधित सीडीओ को दिए पत्र में दियूरी के बीडीसी सदस्य सुंदर सिंह बोहरा, शक्तिपुरबुंगा के दीपक कुमार और कांग्रेस नेता और भगीनाभंडारी के बीडीसी सदस्य उमेश खर्कवाल के हस्ताक्षर हैं। पत्र में अविश्वास प्रस्ताव के अनुमोदन के लिए इन तीन बीडीसी सदस्यों को मनोनीत किए जाने के साथ कुल 29 सदस्यों के हस्ताक्षर संयुक्त शपथ पत्र के साथ संलग्न किया गया है।
पत्र में ब्लॉक प्रमुख पर दो आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव लाने की जरूरत बताई गई है। साथ ही चंपावत ब्लॉक के 40 सदस्यीय सदन में अविश्वास प्रस्ताव के लिए जरूरी दो-तिहाई से अधिक सदस्यों के समर्थन का दावा किया गया है। समर्थन करने वालों में बीडीसी सदस्यों के साथ कनिष्ठ उप प्रमुख मोहन चंद भी शामिल हैं। चंद पिछले चुनाव में प्रमुख के साथ थे। सीडीओ राजेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पत्र का अध्ययन कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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ब्लॉक प्रमुख पर लगाए हैं ये दो आरोप:
1.ज्यादातर बीडीसी सदस्यों के क्षेत्रों के विकास कार्यों की उपेक्षा।
2.राज्य वित्त और केंद्र वित्त के धन के आवंटन में वित्तीय अनियमितता।
पत्र में हैं इन 29 सदस्यों के समर्थन का दावा:
कनिष्ठ उप प्रमुख मोहन चंद, राकेश पांडेय, निर्मला धामी, राजेश उप्रेती, विकास धामी, राकेश सिंह, दीपा जोशी, सुंदर राम, होशियार राम, मनोज कुमार जोशी, ललिता देवी, सुंदर सिंह, आशा चंद, निर्मला देवी, सविता देवी, अनीता महरा, तारा देवी, रमेश भट्ट, मनोज सिंह, दीपा देवी, हेम चंद्र, डिकरी देवी, दीपक कुमार, दीपा शर्मा, उमेश खर्कवाल, रवि शंकर, रोमा, सुनीता और कमल रावत।
चार वोट से जीती थीं रेखा
चंपावत। नवंबर 2019 में हुए ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में निर्दलीय रेखा देवी ने भाजपा प्रत्याशी मुकेश महराना को चार वोटों से शिकस्त दी थी। रेखा देवी को 21 और भाजपा उम्मीदवार को 17 वोट मिले थे। दो वोट अवैध हुए थे लेकिन आज दिए गए अविश्वास प्रस्ताव वाले पत्र में मुकेश महराना के हस्ताक्षर नहीं हैं।
मुझ पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। कांग्रेस से जुड़े कुछ बीडीसी सदस्यों के साथ मिलकर मुझे हटाने की साजिश की जा रही है। भाजपा में शामिल होने के बाद मैंने अपने समर्थकों के साथ चंपावत उपचुनाव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए काम किया। उपचुनाव में मुख्यमंत्री का खुला विरोध करने वाले कांग्रेसी कार्यकर्ता (जो बीडीसी सदस्य भी हैं) कुछ अन्य दलों के कतिपय सदस्यों के साथ मिलकर साजिश रच रहे हैं। पूरे मामले से भाजपा संगठन और प्रदेश नेतृत्व को अवगत कराया गया है।
रेखा देवी, ब्लॉक प्रमुख, चंपावत।
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अविश्वास प्रस्ताव पेश करने की अनुमति से संबंधित सीडीओ को दिए पत्र में दियूरी के बीडीसी सदस्य सुंदर सिंह बोहरा, शक्तिपुरबुंगा के दीपक कुमार और कांग्रेस नेता और भगीनाभंडारी के बीडीसी सदस्य उमेश खर्कवाल के हस्ताक्षर हैं। पत्र में अविश्वास प्रस्ताव के अनुमोदन के लिए इन तीन बीडीसी सदस्यों को मनोनीत किए जाने के साथ कुल 29 सदस्यों के हस्ताक्षर संयुक्त शपथ पत्र के साथ संलग्न किया गया है।
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पत्र में ब्लॉक प्रमुख पर दो आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव लाने की जरूरत बताई गई है। साथ ही चंपावत ब्लॉक के 40 सदस्यीय सदन में अविश्वास प्रस्ताव के लिए जरूरी दो-तिहाई से अधिक सदस्यों के समर्थन का दावा किया गया है। समर्थन करने वालों में बीडीसी सदस्यों के साथ कनिष्ठ उप प्रमुख मोहन चंद भी शामिल हैं। चंद पिछले चुनाव में प्रमुख के साथ थे। सीडीओ राजेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पत्र का अध्ययन कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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ब्लॉक प्रमुख पर लगाए हैं ये दो आरोप:
1.ज्यादातर बीडीसी सदस्यों के क्षेत्रों के विकास कार्यों की उपेक्षा।
2.राज्य वित्त और केंद्र वित्त के धन के आवंटन में वित्तीय अनियमितता।
पत्र में हैं इन 29 सदस्यों के समर्थन का दावा:
कनिष्ठ उप प्रमुख मोहन चंद, राकेश पांडेय, निर्मला धामी, राजेश उप्रेती, विकास धामी, राकेश सिंह, दीपा जोशी, सुंदर राम, होशियार राम, मनोज कुमार जोशी, ललिता देवी, सुंदर सिंह, आशा चंद, निर्मला देवी, सविता देवी, अनीता महरा, तारा देवी, रमेश भट्ट, मनोज सिंह, दीपा देवी, हेम चंद्र, डिकरी देवी, दीपक कुमार, दीपा शर्मा, उमेश खर्कवाल, रवि शंकर, रोमा, सुनीता और कमल रावत।
चार वोट से जीती थीं रेखा
चंपावत। नवंबर 2019 में हुए ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में निर्दलीय रेखा देवी ने भाजपा प्रत्याशी मुकेश महराना को चार वोटों से शिकस्त दी थी। रेखा देवी को 21 और भाजपा उम्मीदवार को 17 वोट मिले थे। दो वोट अवैध हुए थे लेकिन आज दिए गए अविश्वास प्रस्ताव वाले पत्र में मुकेश महराना के हस्ताक्षर नहीं हैं।
मुझ पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। कांग्रेस से जुड़े कुछ बीडीसी सदस्यों के साथ मिलकर मुझे हटाने की साजिश की जा रही है। भाजपा में शामिल होने के बाद मैंने अपने समर्थकों के साथ चंपावत उपचुनाव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए काम किया। उपचुनाव में मुख्यमंत्री का खुला विरोध करने वाले कांग्रेसी कार्यकर्ता (जो बीडीसी सदस्य भी हैं) कुछ अन्य दलों के कतिपय सदस्यों के साथ मिलकर साजिश रच रहे हैं। पूरे मामले से भाजपा संगठन और प्रदेश नेतृत्व को अवगत कराया गया है।
रेखा देवी, ब्लॉक प्रमुख, चंपावत।