{"_id":"628537f5bfc3ac62181cd2fb","slug":"civic-aminities-champawat-news-hld4630639107","type":"story","status":"publish","title_hn":"इलाज के उजाले की चाह में अंधेरे का दर्द सहने की मजबूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इलाज के उजाले की चाह में अंधेरे का दर्द सहने की मजबूरी
विज्ञापन
बिजली विहीन टांण का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : CHAMPAWAT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंपावत। पाटी तहसील के दूरदराज के अस्पतालों में न तो इलाज की सुविधा है और न ही आधारभूत सुविधाएं मिल पाती हैं। हाल इस कदर खराब हैं कि कहीं अस्पताल भवन में बिजली नहीं है तो कहीं अस्पताल के लिए अपना भवन नहीं है। कहीं स्वास्थ्य केंद्र पर दूसरा विभाग काबिज है।
देवीधुरा, टांण, भिंगराड़ा के अलावा पाटी तहसील की सीमा पर चंपावत तहसील के डांडा स्वास्थ्य केंद्र सहित आसपास के अस्पताल सिर्फ इलाज के लिए नहीं तरस रहे हैं, बल्कि यहां इलाज लायक बुनियादी ढांचा भी नहीं है। सिर्फ देवीधुरा का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इस मामले में अपवाद है।
बाकी तीन स्वास्थ्य केंद्रों में कहीं बिजली, तो कहीं भवन की दिक्कत है। टांण पीएचएसी में अस्पताल और आवासीय दोनों भवन हैं लेकिन बिजली का कनेक्शन नहीं होने से यहां आवासों का उपयोग नहीं हो पाता है। इसी तरह भिंगराड़ा अस्पताल के संचालन के लिए भवन नहीं है और अस्पताल का संचालन एएनएम केंद्र से चल रहा है।
विज्ञापन
यहां से 51 किमी दूर डांडा के एएनएम केंद्र के कुछ कमरों में तो पुलिस चौकी बनी है। चौकी के संचालन के लिए दो कमरे दिए जाने से बाकी दो कमरों में स्वास्थ्य केंद्र किसी तरह टीकाकरण और अन्य व्यवस्था कर रहा है। संवाद
इन स्वास्थ्य केंद्रों में आधारभूत ढांचों की कमी
टांण अस्पताल: बिजली का कनेक्शन नहीं।
भिंगराड़ा अस्पताल: भवन नहीं होने से एएनएम केंद्र में संचालित है। डांडा एएनएम केंद्र: इस केंद्र के भवन के दो कमरों में पुलिस चौकी का संचालन हो रहा है।
लोगों की पीड़ा
डांडा में स्वास्थ्य सुविधाएं नाममात्र की भी नहीं है। ले देकर एक एएनएम केंद्र है लेकिन उसमें भी गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण और अन्य सुविधाएं कम ही मिल पाती है।
सीता देवी, डांडा।
इस पिछड़े क्षेत्र में सुविधाओं का अकाल है। एएनएम केंद्र का उच्चीकरण कर अस्पताल बनाने के बजाय केंद्र के कमरों में ही पुलिस की चौकी चल रही है।
सविता देवी, डांडा।
सीएमओ का पक्ष
टांण अस्पताल में बिजली के कनेक्शन की प्रक्रिया चल रही है। डांडा के एएनएम केंद्र के जो कमरे पुलिस चौकी को दिए गए हैं, वह पुलिस चौकी का भवन बनने के बाद वापस मिल जाएंगे। अस्पतालों के आधारभूत ढांचे में सुधार के लिए निदेशालय पत्र भेजेंगे।
डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।
विधायक विधानसभा में उठाएंगे मामला
क्षेत्र के दूरदराज के कई अस्पताल सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ से लेकर भवन और अन्य बुनियादी सुविधाओं को दूर करने के लिए विधानसभा में मुखरता से आवाज उठाई जाएगी।
-खुशाल सिंह अधिकारी, विधायक, लोहाघाट।
विज्ञापन
देवीधुरा, टांण, भिंगराड़ा के अलावा पाटी तहसील की सीमा पर चंपावत तहसील के डांडा स्वास्थ्य केंद्र सहित आसपास के अस्पताल सिर्फ इलाज के लिए नहीं तरस रहे हैं, बल्कि यहां इलाज लायक बुनियादी ढांचा भी नहीं है। सिर्फ देवीधुरा का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इस मामले में अपवाद है।
विज्ञापन
बाकी तीन स्वास्थ्य केंद्रों में कहीं बिजली, तो कहीं भवन की दिक्कत है। टांण पीएचएसी में अस्पताल और आवासीय दोनों भवन हैं लेकिन बिजली का कनेक्शन नहीं होने से यहां आवासों का उपयोग नहीं हो पाता है। इसी तरह भिंगराड़ा अस्पताल के संचालन के लिए भवन नहीं है और अस्पताल का संचालन एएनएम केंद्र से चल रहा है।
विज्ञापन
यहां से 51 किमी दूर डांडा के एएनएम केंद्र के कुछ कमरों में तो पुलिस चौकी बनी है। चौकी के संचालन के लिए दो कमरे दिए जाने से बाकी दो कमरों में स्वास्थ्य केंद्र किसी तरह टीकाकरण और अन्य व्यवस्था कर रहा है। संवाद
इन स्वास्थ्य केंद्रों में आधारभूत ढांचों की कमी
टांण अस्पताल: बिजली का कनेक्शन नहीं।
भिंगराड़ा अस्पताल: भवन नहीं होने से एएनएम केंद्र में संचालित है। डांडा एएनएम केंद्र: इस केंद्र के भवन के दो कमरों में पुलिस चौकी का संचालन हो रहा है।
लोगों की पीड़ा
डांडा में स्वास्थ्य सुविधाएं नाममात्र की भी नहीं है। ले देकर एक एएनएम केंद्र है लेकिन उसमें भी गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण और अन्य सुविधाएं कम ही मिल पाती है।
सीता देवी, डांडा।
इस पिछड़े क्षेत्र में सुविधाओं का अकाल है। एएनएम केंद्र का उच्चीकरण कर अस्पताल बनाने के बजाय केंद्र के कमरों में ही पुलिस की चौकी चल रही है।
सविता देवी, डांडा।
सीएमओ का पक्ष
टांण अस्पताल में बिजली के कनेक्शन की प्रक्रिया चल रही है। डांडा के एएनएम केंद्र के जो कमरे पुलिस चौकी को दिए गए हैं, वह पुलिस चौकी का भवन बनने के बाद वापस मिल जाएंगे। अस्पतालों के आधारभूत ढांचे में सुधार के लिए निदेशालय पत्र भेजेंगे।
डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।
विधायक विधानसभा में उठाएंगे मामला
क्षेत्र के दूरदराज के कई अस्पताल सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ से लेकर भवन और अन्य बुनियादी सुविधाओं को दूर करने के लिए विधानसभा में मुखरता से आवाज उठाई जाएगी।
-खुशाल सिंह अधिकारी, विधायक, लोहाघाट।