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Champawat News: धरसों गांव में सड़क न होने से बर्बाद हो रहे सिटरस फल

Tue, 09 Jan 2024 10:41 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Tue, 09 Jan 2024 10:41 PM IST
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Citrus fruits getting ruined due to lack of road in Dharson village
चंपावत जिले के पाटी विकासखंड के धरोंज में उत्पादित सिटरस फल। संवाद
सतीश जोशी सत्तू
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चंपावत। जिले के पाटी विकासखंड के दूरस्थ गांव धरसों में सड़क न होने से काश्तकारों को यहां होने वाले सिटरस फलों के उचित दाम नही मिल पा रहे हैं। सड़क न होने से बड़ी मात्रा में नींबू माल्टा, संतरे सहित अन्य फलों की पैदावार बर्बाद भी हो रही है।
धरसों गांव में आजादी के बाद से सड़क सुविधा की राह देख रहे ग्रामीणों की आस आज तक भी पूरी नहीं हुई है। गांव में बड़ी मात्रा में सिटरस फालों का उत्पादन होता है लेकिन सड़क सुविधा नहीं होने से क्षेत्र के लोगों को विभिन्न प्रकार की पैदावार का उचित बाजार नही मिल पाता है। गांव में हर सीजन में प्रत्येक परिवार खेतों में 15 से 20 क्विंटल संतरे, माल्टा और नींबू का उत्पादन करता है लेकिन सड़क नहीं होने से वे फसल को समय पर नहीं बेच पाते हैं।
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हर साल सीजन में ग्रामीण सिटरस फलों की 15 से 20 ट्रक की पैदावार को खच्चरों के माध्यम से हल्द्वानी या फिर चंपावत के बाजारों में भेजते हैं जिसमें लागत काफी बढ़ जाती है और मुनाफा कम हो जाता है। ग्रामीणों को कहना है कि सड़क सुविधा के लिए कई बार जिला प्रशासन से लेकर मंत्रियों तक अवगत कराया गया है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में वैसे तो अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं लेकिन सड़क सुविधा नहीं होने से अब गांव से पलायन भी शुरू हो गया है। संवाद
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क्या बोले ग्रामीण
क्षेत्र की बड़ी आबादी को आज भी सड़क सुविधा से वंचित है जो एक बहुत बड़ा विषय है। काश्तकार अगर खेती करे भी तो किस उद्देश्य से, जब उसको इसका उचित दाम तक नहीं मिल पाता है। - मोहन नाथ, काश्तकार।
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वर्तमान समय में इस क्षेत्र में काफी बड़ी मात्रा में सिटरस फलों की पैदावार होती है जिससे लोग आज भी अपनी आजीविका चलाते हैं। अफसोस कि हमारा काफी पैसा तो ढुलान में ही खर्च ही जाता है। - बची नाथ, काश्तकार।
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सड़क के लिए कई बार जिला प्रशासन और मंत्रियों को अवगत कराया गया है लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। क्षेत्र में सबसे अधिक मात्रा में सिटरस फलों की पैदावार होती है। सड़क बन जाए तो राहत मिले। - माधवी देवी, ग्राम प्रधान।

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गांव में सड़क सुविधा को देखने में पूरी जिंदगी गुजर गई है लेकिन आज तक सड़क नहीं मिल पाई है। हमारी एक ही मांग जिला प्रशासन से है कि गांव को सड़क सुविधा से जोड़ा जाए। - कृष्ण राम, काश्तकार।
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