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बिसारी का चिलिंग प्लांट खेतीखान शिफ्ट करने से रोष
Sat, 22 Jun 2019 10:55 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो पाटी (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो पाटी (चंपावत)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Sat, 22 Jun 2019 10:55 PM IST
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पाटी के बिसारी स्थित दुग्ध संघ के चिलिंग प्लांट में लटका ताला।
- फोटो : अमर उजाला
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पाटी विकासखंड के बिसारी में दुग्ध संघ के वर्षों पूर्व लगे चिलिंग प्लांट को खेतीखान शिफ्ट कर दिया गया है। प्लांट को खेतीखान शिफ्ट करने की भनक लगने से लोगों में गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों ने विधायक और डीएम से चिलिंग प्लांट को बिसारी में ही स्थापित करने की गुहार लगाई है। प्लांट को दोबारा बिसारी में नहीं लगाए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
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दुग्ध संघ ने एक सप्ताह पूर्व बिसारी के चिलिंग प्लांट को खेतीखान में शिफ्ट कर दिया है। संघ के इस कदम की शनिवार को जानकारी मिलने से लोगों में गुस्सा है। ग्रामीण पूरन राम, हीरा बल्लभ, नवीन पचौली, पीतांबर गहतोड़ी, भुवन गडकोटी , गंगा दत्त, रघुवर जोशी, सुरेश, कमला पचौली, जानकी देवी, मुन्नी देवी, राधिका देवी, तुलसी देवी का कहना है पाटी से 5 किलोमीटर दूर बिसारी में लगे दूध के चिलिंग प्लांट को बगैर किसी सूचना के चुपचाप शिफ्ट करना क्षेत्र के दुग्ध उत्पादकों के हितों के खिलाफ है।
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कहा कि इस प्लांट में रोजाना मूलाकोट, पनियां, देवीधुरा, धूनाघाट, खेतीखान, बिसारी, पाटी, मैरोली आदि स्थानों से पिछले माह तक करीब 600 लीटर दूध आता था। प्लांट को शिफ्ट करने से यहां लोगों द्वारा जमा किया गया दूध भी फट गया है। लोगों का कहना है कि दुग्ध संघ द्वारा इस प्लांट को अन्यत्र शिफ्ट करने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है।
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एनएस डुंगरियाल, सहायक निदेशक, दुग्ध सहकारी संघ लिमिटेड ने बताया कि पाटी क्षेत्र से दूध के संग्रहण में काफी कमी आ गई है। जून में अब तक यहां से मात्र 150 लीटर दूध का ही संग्रहण हो रहा है। इस क्षेत्र में दूध की कमी को देखते बिसारी के चिलिंग प्लांट को खेतीखान शिफ्ट किया गया है। दुग्ध संघ पाटी क्षेत्र के लोगों का दूध समितियों के जरिए लेगा।