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पानी ढोने को मजबूर बच्चे
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
Updated Sun, 23 Apr 2017 11:08 PM IST
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चंपावत में रविवार के अवकाश के दौरान खेलकूद के बजाय पानी भरते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
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पेयजल संकट के कारण जिला मुख्यालय के बच्चे खेलकूद के बजाय पानी ढोने पर मजबूर हैं। इन दिनों मल्लीहाट के बच्चे हाथों में बर्तन लिए पानी लेने के लिए जाते हुए दिख जाते हैं। जिला मुख्यालय में लगातार पानी की कमी हो रही है। जल स्रोतों में 60 प्रतिशत पानी की कमी हो गई है। जल संस्थान के जेई एसएस थापा का कहना है कि चंपावत में हर रोज 1.10 एमएलडी पानी की जरूरत के सापेक्ष उपलब्धता मात्र 0.24 एमएलडी ही है। चंपावत के कनलगांव, जीआईसी रोड, गोरलचौड़ रोड, भैरवा, तल्लीहाट, मल्लीहाट और तल्ली मादली में पेयजल संकट ज्यादा है। इन पेयजल संकटग्रस्त इलाकों में विभाग टैंकरों के जरिए पानी बांट रहा है। कक्षा एक में पढ़ने वाले मल्लीहाट के युवराज साह, अंशु, सोनू, भानु, हिमांशु और लब्बू रविवार को मौज मस्ती के बजाय पानी भर रहे थे।