लोहाघाट (चंपावत)। रीड्स संस्था की ओर से संचालित चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और गीतांजलि सेवा समिति नेपाल सीमा से लगे कायल गांव के अनाथ बच्चों के लिए सहारा बनकर सामने आई है। रीड्स संस्था को प्राप्त फोन कॉल के आधार पर चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम लोहाघाट के कायल गांव पहुंची। इस गांव में कविता अपने तीन छोटे भाई बहनों के साथ अकेले जीवन यापन करते मिली।
कविता के पिता की पांच वर्ष पहले और मां की पांच माह पूर्व मौत हो चुकी है। तब से यह चारों बच्चे अकेले जीवन व्यतीत कर रहे हैं। चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने लोहाघाट के गीतांजलि सेवा समिति के अध्यक्ष सतीश पांडेय से संपर्क किया और उन्हें बच्चों से मिलाया। सतीश पांडे को कविता, भूपेंद्र, किरन, शिवानी ने अपनी व्यथा बताई। बच्चों ने बताया कि उनका राशन कार्ड भी नहीं बन पाया, जिसके चलते उन्हें राशन आदि भी नहीं मिल रहा। पांडेय ने चाइल्ड हेल्पलाइन के अनुरोध पर बच्चों को राशन, कपड़े, आर्थिक सहायता प्रदान की और बच्चों के नाम 2000 रुपये प्रति माह पोस्ट ऑफिस में खाता खोलने की स्वीकृति दी। 1098 टीम ने अपनी ओर से कपड़े एवं खाद्य सामग्री प्रदान की। सभी बच्चों ने चाइल्ड हेल्प लाइन टीम और सतीश पांडेय का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह, मोहन भट्ट, दलीप सिंह, चाइल्ड लाइन समन्वयक संतोषी, कॉउंसलर पूजा लोहनी, सीमा देवी, अनीता, कविता बोहरा, नारायण गिरी आदि मौजूद रहे।