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राशनकार्डों को बैंक खातों से जोड़ने में चंपावत अव्वल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
Updated Mon, 30 Oct 2017 11:23 PM IST
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राशनकार्डों को बैंक खातों से जोड़ने के मामले में चंपावत जिला अब तक प्रदेश भर में अव्वल स्थान पर है। यहां 57171 राशनकार्डों में 44588 को बैंक खातों से जोड़ दिया गया है, जो कि 77.99 फीसदी है। राशनकार्डों को बैंक खातों से जोड़ने के मामले में उत्तरकाशी जिला दूसरे और बागेश्वर जिला तीसरे स्थान पर शामिल है। इसके ठीक उलट राजधानी देहरादून और वीआईपी नैनीताल तथा चमोली जिले फिसड्डी रहे।
इसके अलावा राशनकार्डों के आधार सीडिंग के मामले में भी चंपावत जिले को शत-प्रतिशत लक्ष्य के सापेक्ष 99 फीसदी लक्ष्य हासिल करने में सफलता मिली है। जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल के अनुसार डायरेक्ट बेनेफिशरी ट्रांसफर लिमिट (डीबीटीएल) के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न प्राप्त करने वाले राशनकार्ड धारकों के आधार सीडिंग के साथ ही बैंक खातों से जोड़े जाने की प्रक्रिया गतिमान है।
इस कार्य में चंपावत जिला प्रदेश भर में अव्वल स्थान पर है। चंपावत के अलावा उत्तरकाशी जिले में 79760 राशनकार्डों के सापेक्ष 55592 तथा बागेश्वर जिले में 66396 राशनकार्डों के सापेक्ष 43785 राशन कार्डों को बैंक खातों से जोड़ा जा चुका है। नैनीताल जिले में 237633 राशनकार्डों में अब तक महज 30123 राशनकार्डों को ही बैंक खातों से लिंक किया जा चुका है। देहरादून जिले में 383268 के सापेक्ष 62260 कार्ड ही बैंक खातों से जुड़ पाएं हैं।
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चमोली जिले में 88538 राशनकार्डों में से 17025 ही बैंक खातों से जुड़ पाएं हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश के अल्मोड़ा जिले में 141540 के सापेक्ष 64712, गढ़वाल में 182808 में से 99877, हरिद्वार में 390568 में 220809, पिथौरागढ़ जिले में 126968 में से 46288, रुद्रप्रयाग में 59676 में 27115, टिहरी में 157934 में से 52767 और ऊधमसिंह नगर जिले में 405963 राशनकार्डों में से 84751 राशनकार्डों को बैंक खातों से जोड़ा जा चुका है।
सस्ते गल्ले की दुकानों में लगेंगी स्वैप मशीनें
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकारी सस्ते गल्ले की सभी दुकानों में उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए स्वैप मशीनें लगाई जाएंगी। जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में सभी जिलों में दो-दो स्वैप मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। चंपावत और लोहाघाट की हर दुकान में स्वैप मशीन का परीक्षण किया जा रहा है। जल्द ही सभी दुकानों को स्वैप मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी।
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इसके अलावा राशनकार्डों के आधार सीडिंग के मामले में भी चंपावत जिले को शत-प्रतिशत लक्ष्य के सापेक्ष 99 फीसदी लक्ष्य हासिल करने में सफलता मिली है। जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल के अनुसार डायरेक्ट बेनेफिशरी ट्रांसफर लिमिट (डीबीटीएल) के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न प्राप्त करने वाले राशनकार्ड धारकों के आधार सीडिंग के साथ ही बैंक खातों से जोड़े जाने की प्रक्रिया गतिमान है।
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इस कार्य में चंपावत जिला प्रदेश भर में अव्वल स्थान पर है। चंपावत के अलावा उत्तरकाशी जिले में 79760 राशनकार्डों के सापेक्ष 55592 तथा बागेश्वर जिले में 66396 राशनकार्डों के सापेक्ष 43785 राशन कार्डों को बैंक खातों से जोड़ा जा चुका है। नैनीताल जिले में 237633 राशनकार्डों में अब तक महज 30123 राशनकार्डों को ही बैंक खातों से लिंक किया जा चुका है। देहरादून जिले में 383268 के सापेक्ष 62260 कार्ड ही बैंक खातों से जुड़ पाएं हैं।
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चमोली जिले में 88538 राशनकार्डों में से 17025 ही बैंक खातों से जुड़ पाएं हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश के अल्मोड़ा जिले में 141540 के सापेक्ष 64712, गढ़वाल में 182808 में से 99877, हरिद्वार में 390568 में 220809, पिथौरागढ़ जिले में 126968 में से 46288, रुद्रप्रयाग में 59676 में 27115, टिहरी में 157934 में से 52767 और ऊधमसिंह नगर जिले में 405963 राशनकार्डों में से 84751 राशनकार्डों को बैंक खातों से जोड़ा जा चुका है।
सस्ते गल्ले की दुकानों में लगेंगी स्वैप मशीनें
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकारी सस्ते गल्ले की सभी दुकानों में उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए स्वैप मशीनें लगाई जाएंगी। जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में सभी जिलों में दो-दो स्वैप मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। चंपावत और लोहाघाट की हर दुकान में स्वैप मशीन का परीक्षण किया जा रहा है। जल्द ही सभी दुकानों को स्वैप मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी।