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शानदार रहा चंपावत जिले का परीक्षा परिणाम

Wed, 25 May 2016 10:55 PM IST
ब्यूराे/अमर उजाला, चंपावत
ब्यूराे/अमर उजाला, चंपावत Updated Wed, 25 May 2016 10:55 PM IST
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Champawat district of impressive test results
शानदार रहा चंपावत जिले का परीक्षा परिणाम - फोटो : अमर उजाला
 उत्तराखंड बोर्ड के इम्तिहान में इस बार चंपावत जिले ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। मुख्य शिक्षाधिकारी नवीन चंद्र पाठक ने बताया कि हाईस्कूल में 77.81 प्रतिशत और इंटरमीडिएट में 86.79 प्रतिशत अभ्यर्थी पास हुए। जिले में हाईस्कूल के 5404 अभ्यर्थियों में से 4205 और इंटरमीडिएट के 4035 में से 3381 उत्तीर्ण हुए। हाईस्कूल में पिछले साल से 5.31 प्रतिशत और इंटरमीडिएट का नतीजा 17.82 प्रतिशत अधिक रहा। सीईओ श्री पाठक ने बताया कि हाईस्कूल में जिले को प्रदेश में छठा, जबकि इंटरमीडिएट में चौथा स्थान मिला। नतीजा आने के बाद छात्र-छात्राओं की खुशी का ठिकाना न रहा।
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इंजीनियर बनना चाहते हैं दीपक
पाटी (चंपावत)। उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में 92.4 फीसदी अंकों के साथ विवेकानंद विद्यामंदिर इंटर कॉलेज के छात्र दीपक चंद्र ने जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के दीपक हर कक्षा में अव्वल आते रहे हैं। दीपक के पिता सुरेश चंद्र राजकीय पूमावि बुंगाबीड़ में शिक्षक हैं, जबकि माता भगवती देवी गृहणी हैं। दीपक का इरादा इंजीनियर बनने का है। दीपक सफलता का श्रेय गुरुजनों, माता-पिता एवं सहपाठियों को देते हैं। दीपक को मिली इस सफलता पर पाटी क्षेत्र के लोगों ने खुशी जताई है।
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घर में बिजली नहीं, मगर हाईस्कूल में पाए 89.2 प्रतिशत अंक
चंपावत। उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में 89.2 प्रतिशत नंबर हासिल करने वाले अमित सिंह अधिकारी के गांव मोस्टा में बिजली नहीं है। चंपावत विवेकानंद इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले अमित यहां अपने छोटे भाई और दादी के साथ खर्ककार्की गांव में किराए पर रहते हैं। खेतिहर पिता जगत सिंह अधिकारी और कम पढ़ी-लिखी मां सविता की चाहत बेटे को पढ़ा-लिखा कर कामयाब इंसान बनाना है। इसके लिए वे हर माह बेटे पर 8 हजार रुपये खर्च कर रहे हैं। अमित के गांव में न तो बिजली है और न ही रोड है। तल्लादेश के इस गांव में पहुंचने के लिए 35 किलोमीटर रोड के बाद 9 किलोमीटर पैदल दूरी तय करनी होती है। अमित का कहना है कि वह हर रोज सात घंटे तक घर में पढ़ाई करता है। मैथ्स ग्रुप से इंटर करने के बाद अमित की चाहत इंजीनियर बनने की है।
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अनुभा की चाहत इंजीनियर बनने की
लोहाघाट (चंपावत)। विवेकानंद विद्यामंदिर इंटर कॉलेज लोहाघाट की छात्रा अनुभा ओली ने इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में 90.4 फीसदी अंक प्राप्त कर जिले में दूसरा और प्रदेश में 18वां स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। अनुभा के पिता नवीन चंद्र ओली यहां राजकीय अस्पताल में वरिष्ठ सहायक हैं, जबकि मां निर्मला ओली गृहणी हैं। अनुभा का इरादा इंजीनियर बनने का है। अनुभा को पढ़ाई के साथ डांसिंग एवं डिजाइनिंग का शौक है। अनुभा सरस्वती ज्ञान दीप विद्यामंदिर के प्रधानाचार्य नवीन चंद्र जोशी व विवेकानंद विद्यामंदिर के प्रधानाचार्य जगदीश चंद्र पांडेय को अपना प्रेरणास्रोत मानती हैं। उन्होंने इस कामयाबी का श्रेय माता, पिता, गुरुजनों के अलावा अपने सहपाठियों को दिया है। अनुभा की सफलता पर उनके घर में बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। हाईस्कूल में भी अनुभा ने 86.8 प्रतिशत अंक पाए थे।

न्यायिक सेवा है विनीत की पसंद
लोहाघाट (चंपावत)। विवेकानंद इंटर कॉलेज के विनीत कांडपाल ने इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में जिले में तीसरा और प्रदेश में 24वीं रैंक हासिल की है। विनीत ने हाईस्कूल में भी 89.2 फीसदी अंक प्राप्त कर जिले में पहला स्थान प्राप्त किया था। विनीत का इरादा पीसीएस (जे) पास कर न्यायिक सेवा में जाने का है। विनीत विद्यालय के अलावा घर में हर रोज छह घंटे पढ़ाई करते हैं। पढ़ाई के साथ उन्हें संगीत का शौक है। विनीत ने हिंदी में 98, रसायन विज्ञान में 95 तथा भौतिक विज्ञान में 92 अंक प्राप्त किए हैं। विनीत के पिता राजेंद्र प्रसाद कांडपाल कुमाऊं मंडल विकास निगम नैनीताल में कार्यरत हैं, जबकि मां लीला कांडपाल जीजीआईसी लोहाघाट में प्रवक्ता हैं। विनीत अपने बडे भाई वैभव कांडपाल को अपना आदर्श मानते हैं। वैभव ने 2013 की इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया था। वैभव अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को देता है।


सीए बन नाम कमाना चाहती हैं नेहा
लोहाघाट (चंपावत)। विवेकानंद विद्यामंदिर इंटर कॉलेज की छात्रा नेहा सामंत ने 88.6 फीसदी अंक के साथ जिले में चौथा स्थान प्राप्त किया है। तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी नेहा विद्यालय के अतिरिक्त पांच घंटे घर में पढ़ाई करती थी। नेहा का इरादा चार्टेड अकाउंटेंट (सीए) बनना चाहती है। नेहा के पिता उमेद सिंह सामंत पूर्व सैनिक हैं तथा मां-पिता सरिता सामंत गृहणी हैं। नेहा का कहना है कि उसे पढ़ाई के साथ टीवी देखना बहुत पसंद हैं।


मजदूर पिता के बेटे ने पाए 81 फीसदी अंक
चंपावत। मजदूर पिता ईश्वरी दत्त जोशी के बेटे बलदेव जोशी ने इंटरमीडिएट में 81 प्रतिशत अंक हासिल किए। यहां मार्डन स्कूल में पढ़ने वाले बलदेव का इरादा मेहनत कर कामयाबी पाना है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर आगे की राह पकड़ना चाहता है। गरीबी के चलते उसने खुद ट्यूशन कर पढ़ाई को जारी रखा। कामयाबी का श्रेय पिता के अलावा मां कलावती देवी और गुरुजनों को देते हैं। हाईस्कूल में भी बलदेव ने 80 प्रतिशत नंबर हासिल किए थे।
 
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