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क्षेत्र तो सिमटा पर चुनौतियां बढ़ गईं
अमर उजाला ब्यूरो, लोहाघाट (चंपावत)।
Updated Fri, 10 Nov 2017 10:15 PM IST
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लोहाघाट का आदर्श थाना भवन।
- फोटो : अमर उजाला
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2004 तक जिले के पहाड़ी क्षेत्र का अकेला थाना रहे लोहाघाट थाने का भौगोलिक दायरा बेशक कम हो गया है, लेकिन उसकी चुनौतियां कम नहीं हुई है। अब आदर्श थाना बन चुका यह थाना पुलिस कर्मियों की भारी कमी से जूझ रहा है। थाने में पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी न होने से कार्य संचालन में भारी दिक्कतें आ रही है। आए दिन नगर और आसपास क्षेत्र में हो रही आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाना पुलिस के चुनौती बना हुआ है। थाने में स्टाफ की कमी से पुलिस कर्मियों पर काम का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
लोहाघाट थाना चंपावत जिले में 2004 तक पर्वतीय क्षेत्र अकेला थाना था। लोहाघाट थाने के मातहत जिला मुख्यालय के अलावा पाटी, बाराकोट, लोहाघाट विकासखंड का समूचा हिस्सा और लोहाघाट से करीब 82 किलोमीटर दूर बस्टिया गांव तक का क्षेत्र आता था। पिछले 13 वर्षों में चंपावत, पंचेश्वर, तामली, रीठा साहिब व पाटी थाने बने। इस वजह से लोहाघाट थाने का क्षेत्र कम जरूर हुआ। लेकिन यहां स्टाफ की कमी केे चलते चुनौतियां पहले की अपेक्षा काफी बढ़ गई है।
इस वक्त लोहाघाट थाने के अंतर्गत पाटी व बाराकोट विकासखंड के गांवों सहित कुल 86 गांवों की सुरक्षा का जिम्मा है। थानाध्यक्ष व चार दरोगा के अलावा हेड कांस्टेबल व कांस्टेबलों के 20 पद स्वीकृत हैं। लेकिन 15 कांस्टेबल ही तैनात हैं। जिनमें से 5 कांस्टेबल कार्यालय के कार्यों को देख रहे हैं। ये कर्मी कार्यालय के काम के अलावा सुरक्षा, मुकदमों की तफ्तीश, वाहनों की चेकिंग आदि देख रहे हैं। पुलिस कर्मियों की भारी कमी के कारण रात्रि गश्त भी प्रभावित हो रही है। पूर्व में पर्याप्त पुलिस स्टाफ होने के चलते 7 अलग-अलग जगह रात की गश्त होती थी। लेकिन वर्तमान में बमुश्किल दो से तीन जगह ही रात की गश्त हो पा रही हैं। कर्मियों की कमी के कारण रात्रि गश्त में जाने वाले पुलिस कर्मियों को दिन में भी ड्यूटी को मजबूर हो रहे हैं।
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थानाध्यक्ष बीएस बृजवाल का कहना है कि पुलिस कर्मियों की कमी के चलते कार्य संचालन में काफी परेशानियां हो रही हैं। रात को मुश्किल से दो या तीन गश्त हो पा रही हैं। स्टाफ की कमी के चलते हो रही दिक्कतों को उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया जा चुका है। शीघ्र ही थाने में और पुलिस कर्मियों की तैनाती होने की संभावना है।
आवासीय कलोनी में पानी की भारी कमी
आदर्श थाना लोहाघाट में अपने बच्चों के साथ आवासीय भवनों में रहने वाले पुलिस कर्मियों को पानी की विकराल समस्या से जूझना पड़ रहा है। आवासीय कालोनी में पेयजल की भारी कमी के चलते उन्हें हैंडपंपों से पानी ढोने को मजबूर होना पड़ रहा है। यहां की आवासीय कालोनी में करीब 20 आवासीय क्वाटर हैं, जिनमें 16 परिवार रह रहे हैं।
कोट
लोहाघाट थाने में पुलिस कर्मियों की कमी को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। शीघ्र ही अन्य स्थानों से कांस्टेबल लोहाघाट थाने में भेजे जाएंगे।
पीएस कफलिया
पुलिस क्षेत्राधिकारी, चंपावत।
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लोहाघाट थाना चंपावत जिले में 2004 तक पर्वतीय क्षेत्र अकेला थाना था। लोहाघाट थाने के मातहत जिला मुख्यालय के अलावा पाटी, बाराकोट, लोहाघाट विकासखंड का समूचा हिस्सा और लोहाघाट से करीब 82 किलोमीटर दूर बस्टिया गांव तक का क्षेत्र आता था। पिछले 13 वर्षों में चंपावत, पंचेश्वर, तामली, रीठा साहिब व पाटी थाने बने। इस वजह से लोहाघाट थाने का क्षेत्र कम जरूर हुआ। लेकिन यहां स्टाफ की कमी केे चलते चुनौतियां पहले की अपेक्षा काफी बढ़ गई है।
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इस वक्त लोहाघाट थाने के अंतर्गत पाटी व बाराकोट विकासखंड के गांवों सहित कुल 86 गांवों की सुरक्षा का जिम्मा है। थानाध्यक्ष व चार दरोगा के अलावा हेड कांस्टेबल व कांस्टेबलों के 20 पद स्वीकृत हैं। लेकिन 15 कांस्टेबल ही तैनात हैं। जिनमें से 5 कांस्टेबल कार्यालय के कार्यों को देख रहे हैं। ये कर्मी कार्यालय के काम के अलावा सुरक्षा, मुकदमों की तफ्तीश, वाहनों की चेकिंग आदि देख रहे हैं। पुलिस कर्मियों की भारी कमी के कारण रात्रि गश्त भी प्रभावित हो रही है। पूर्व में पर्याप्त पुलिस स्टाफ होने के चलते 7 अलग-अलग जगह रात की गश्त होती थी। लेकिन वर्तमान में बमुश्किल दो से तीन जगह ही रात की गश्त हो पा रही हैं। कर्मियों की कमी के कारण रात्रि गश्त में जाने वाले पुलिस कर्मियों को दिन में भी ड्यूटी को मजबूर हो रहे हैं।
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थानाध्यक्ष बीएस बृजवाल का कहना है कि पुलिस कर्मियों की कमी के चलते कार्य संचालन में काफी परेशानियां हो रही हैं। रात को मुश्किल से दो या तीन गश्त हो पा रही हैं। स्टाफ की कमी के चलते हो रही दिक्कतों को उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया जा चुका है। शीघ्र ही थाने में और पुलिस कर्मियों की तैनाती होने की संभावना है।
आवासीय कलोनी में पानी की भारी कमी
आदर्श थाना लोहाघाट में अपने बच्चों के साथ आवासीय भवनों में रहने वाले पुलिस कर्मियों को पानी की विकराल समस्या से जूझना पड़ रहा है। आवासीय कालोनी में पेयजल की भारी कमी के चलते उन्हें हैंडपंपों से पानी ढोने को मजबूर होना पड़ रहा है। यहां की आवासीय कालोनी में करीब 20 आवासीय क्वाटर हैं, जिनमें 16 परिवार रह रहे हैं।
कोट
लोहाघाट थाने में पुलिस कर्मियों की कमी को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। शीघ्र ही अन्य स्थानों से कांस्टेबल लोहाघाट थाने में भेजे जाएंगे।
पीएस कफलिया
पुलिस क्षेत्राधिकारी, चंपावत।