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चौड़ाराजपुरा ग्राम पंचायत में होगी स्वैच्छिक चकबंदी
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चंपावत। चंपावत जिले में स्वैच्छिक चकबंदी शुरू की जा रही है। इसके लिए जिले की एक ग्राम पंचायत को चयनित किया गया है। इस पंचायत में चकबंदी की प्रक्रिया को शुरू करने के लिए मंगलवार को ऊधमसिंह नगर जिले की चकबंदी टीम पहुंच गई है।
डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने बताया कि जिले में स्वैच्छिक चकबंदी के लिए चौड़ाराजपुरा ग्राम पंचायत को चयनित किया गया है। इसके लिए ऊधमसिंह नगर जिले के सहायक चकबंदी अधिकारी एनके जैन के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम मंगलवार को चंपावत पहुंची। यह टीम दो दिन तक चौड़ाराजपुरा ग्राम पंचायत के मौका मुआयना करने के साथ ग्रामीणों से वार्ता कर चकबंदी की प्रक्रिया को पूरा करेगी। इसके लिए चंपावत के दो राजस्व उपनिरीक्षक इस टीम की मदद करेंगे। टीम स्वैच्छिक चकबंदी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला प्रशासन को रिपोर्ट सौंपेगी।
स्वैच्छिक चकबंदी के लिए जरूरी है कि ग्राम पंचायत के एक-चौथाई लोग इस प्रक्रिया के पक्ष में हों। इस रिपोर्ट को डीएम अपनी संस्तुति के साथ चकबंदी की इस रिपोर्ट को चकबंदी आयुक्त को भेजेंगे। अगर स्वैच्छिक चकबंदी प्रयोग सफल रहा, तो इसे अन्य ग्राम पंचायतों में भी अजमाया जाएगा। चकबंदी के जरिए गांव के लोग आपसी सहमति से दूरदराज और बिखरे खेतों को अदल-बदल कर एक स्थान पर ले सकते हैं।
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डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने बताया कि जिले में स्वैच्छिक चकबंदी के लिए चौड़ाराजपुरा ग्राम पंचायत को चयनित किया गया है। इसके लिए ऊधमसिंह नगर जिले के सहायक चकबंदी अधिकारी एनके जैन के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम मंगलवार को चंपावत पहुंची। यह टीम दो दिन तक चौड़ाराजपुरा ग्राम पंचायत के मौका मुआयना करने के साथ ग्रामीणों से वार्ता कर चकबंदी की प्रक्रिया को पूरा करेगी। इसके लिए चंपावत के दो राजस्व उपनिरीक्षक इस टीम की मदद करेंगे। टीम स्वैच्छिक चकबंदी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला प्रशासन को रिपोर्ट सौंपेगी।
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स्वैच्छिक चकबंदी के लिए जरूरी है कि ग्राम पंचायत के एक-चौथाई लोग इस प्रक्रिया के पक्ष में हों। इस रिपोर्ट को डीएम अपनी संस्तुति के साथ चकबंदी की इस रिपोर्ट को चकबंदी आयुक्त को भेजेंगे। अगर स्वैच्छिक चकबंदी प्रयोग सफल रहा, तो इसे अन्य ग्राम पंचायतों में भी अजमाया जाएगा। चकबंदी के जरिए गांव के लोग आपसी सहमति से दूरदराज और बिखरे खेतों को अदल-बदल कर एक स्थान पर ले सकते हैं।
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