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ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ शुरू हुआ चैतोला मेला
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
Updated Sun, 25 Mar 2018 10:19 PM IST
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चैतोला मेले में मंदिर की परिक्रमा करते विभिन्न गांवों से जत्थों के रूप में आए लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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गुमदेश के तीन दिनी चैतोला मेला विधि-विधान के साथ शुरू हो गया है। मेले में भाग लेने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में प्रवासी यहां पहुंचे हैं। रविवार को ढोल-नगाड़ों की थाप और पंडित हरीश चंद्र कलौनी, पंडित दीपक कलौनी के धार्मिक मंत्रोच्चारण के साथ मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख योगेश और जिला पंचायत सदस्य मुकेश टम्टा ने मेले का शुभारंभ किया। प्रमुख ने अपनी ओर से 11 हजार रुपये की नकद धनराशि देने के साथ मंदिर सौंदर्यीकरण के लिए एक लाख रुपये देने की घोषणा की। आयोजन समिति के अध्यक्ष शंकर दत्त पांडेय ने मुख्य अतिथि का पगड़ी पहनाकर स्वागत किया।
विभिन्न स्थानों से जत्थों ने बारी-बारी से आकर मंदिर की परिक्रमा की। उसके बाद चमू देवता की जमानी (डोले) को मड़ गांव ले जाया गया। सबसे पहले 2.31 बजे मड़ गांव का जत्था आया, जिसमें ढोल-नगाड़ों की धुन पर ग्रामीण सिर पर पगड़ी और हाथों में डंडे लेकर भगवान चमू देवता की जयकारा कर रहे थे। इसके बाद जिंडी और सीलिंग का संयुक्त जत्था, चौपता, नेवलटुकरा, सिरकोट, जाख, सबसे अंत में 4.31 बजे बसकुनी और नेवलटुकरा के संयुक्त जत्थे ने मंदिर की परिक्रमा की। पांच बजे चमदेवल मंदिर से चमू देवता की खाली जमानी (डोले)को मड़ गांव ले जाया गया।
खीमराज धौनी और हरीश चंद्र कलौनी के संचालन में हुए कार्यक्रम में शिक्षक जोगा सिंह धौनी ने चैतोला मेले मनाने की ऐतिहासिकता की जानकारी दी। आयोजन समिति के विनोद सिंह, खीमराज धौनी, जोगा सिंह, विनोद धौनी, युगल किशोर धौनी, मनमोहन सिंह, राजेंद्र सिंह, बहादुर धौनी, नारायण सिंह, राम सिंह, नर सिंह, मदन कलौनी, दिनेश पुजारी, गोविंद धौनी, चंदन सिंह, मनमोहन सिंह आदि मौजूद थे।
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नामी धावक बहादुर सिंह धौनी का अभिनंदन
चैतोला मेले के उद्घाटन के बाद क्षेत्रीय लोगों ने गुमदेश, उत्तराखंड और देश का नाम रोशन करने वाले अंतरराष्ट्रीय धावक बहादुर सिंह धौनी का स्वागत किया। धौनी ने सेना में भर्ती होने के बाद कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दौड़ में हिस्सा लेकर देश का नाम रोशन किया है। फौज की मैराथन में सात स्वर्ण पदक जीतने वाले बहादुर का क्षेत्रीय लोगों ने स्वागत किया। बहादुर का कहना था कि चौखाम बाबा और क्षेत्रीय लोगों के आशीर्वाद से उन्हें यह मुकाम हासिल हुआ है। सम्मान के लिए उन्होंने सभी का आभार जताया।
मेले का मुख्य आकर्षण शोभायात्रा होगी
सोमवार को मेले का मुख्य आकर्षण मड़ गांव से निकलने वाली चमू देवता की निकलने वाली भव्य शोभा यात्रा होगी। श्रद्धालुओं द्वारा दुर्गम रास्तों को पार करते हुए चौखाम बाबा मंदिर प्रांगण में चमू देवता के डोले को लाया जाएगा। जिसके बाद यहां मेला शुरू हो जाएगा।
विभिन्न स्थानों से जत्थों ने बारी-बारी से आकर मंदिर की परिक्रमा की। उसके बाद चमू देवता की जमानी (डोले) को मड़ गांव ले जाया गया। सबसे पहले 2.31 बजे मड़ गांव का जत्था आया, जिसमें ढोल-नगाड़ों की धुन पर ग्रामीण सिर पर पगड़ी और हाथों में डंडे लेकर भगवान चमू देवता की जयकारा कर रहे थे। इसके बाद जिंडी और सीलिंग का संयुक्त जत्था, चौपता, नेवलटुकरा, सिरकोट, जाख, सबसे अंत में 4.31 बजे बसकुनी और नेवलटुकरा के संयुक्त जत्थे ने मंदिर की परिक्रमा की। पांच बजे चमदेवल मंदिर से चमू देवता की खाली जमानी (डोले)को मड़ गांव ले जाया गया।
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खीमराज धौनी और हरीश चंद्र कलौनी के संचालन में हुए कार्यक्रम में शिक्षक जोगा सिंह धौनी ने चैतोला मेले मनाने की ऐतिहासिकता की जानकारी दी। आयोजन समिति के विनोद सिंह, खीमराज धौनी, जोगा सिंह, विनोद धौनी, युगल किशोर धौनी, मनमोहन सिंह, राजेंद्र सिंह, बहादुर धौनी, नारायण सिंह, राम सिंह, नर सिंह, मदन कलौनी, दिनेश पुजारी, गोविंद धौनी, चंदन सिंह, मनमोहन सिंह आदि मौजूद थे।
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नामी धावक बहादुर सिंह धौनी का अभिनंदन
चैतोला मेले के उद्घाटन के बाद क्षेत्रीय लोगों ने गुमदेश, उत्तराखंड और देश का नाम रोशन करने वाले अंतरराष्ट्रीय धावक बहादुर सिंह धौनी का स्वागत किया। धौनी ने सेना में भर्ती होने के बाद कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दौड़ में हिस्सा लेकर देश का नाम रोशन किया है। फौज की मैराथन में सात स्वर्ण पदक जीतने वाले बहादुर का क्षेत्रीय लोगों ने स्वागत किया। बहादुर का कहना था कि चौखाम बाबा और क्षेत्रीय लोगों के आशीर्वाद से उन्हें यह मुकाम हासिल हुआ है। सम्मान के लिए उन्होंने सभी का आभार जताया।
मेले का मुख्य आकर्षण शोभायात्रा होगी
सोमवार को मेले का मुख्य आकर्षण मड़ गांव से निकलने वाली चमू देवता की निकलने वाली भव्य शोभा यात्रा होगी। श्रद्धालुओं द्वारा दुर्गम रास्तों को पार करते हुए चौखाम बाबा मंदिर प्रांगण में चमू देवता के डोले को लाया जाएगा। जिसके बाद यहां मेला शुरू हो जाएगा।