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बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापारी और प्रतिनिधि भड़के
Tue, 16 Apr 2019 10:44 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत।
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Tue, 16 Apr 2019 10:44 PM IST
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जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर सीएमएस डॉ.आरके जोशी से वार्ता करते नगर पालिकाध्यक्ष।
- फोटो : अमर उजाला
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अस्पताल के वार्ड के बजाय अस्पताल परिसर में पर्ची काउंटर के पास शिशु को जन्म देने की घटना से नगरपालिका प्रतिनिधि और व्यापार संघ आहत है। उन्होंने मामले को लेकर अस्पताल की संवेदनशीलता पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की।
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मंगलवार को चेयरमैन विजय वर्मा और व्यापार संघ अध्यक्ष अमरनाथ सक्टा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चिकित्साधीक्षक से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार की जरूरत है।
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16 डॉक्टर होने के बावजूद गर्भवती महिला ने अस्पताल परिसर में पर्ची काउंटर के पास खुले में शिशु को जन्म दिया। प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल से पर्याप्त दवाएं नहीं मिलने, एक खास मेडिकल स्टोर से दवा लाने के लिए दबाव डालने, बेवजह रेफर करने के साथ ही निजी अस्पताल में जाने को दबाव डाले जाने का भी आरोप लगाया। कहा कि अगर अस्पताल के हालात नहीं सुधरे तो क्षेत्र के लोग आंदोलन करेंगे।
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प्रतिनिधिमंडल में चंपावत विकास एवं संघर्ष समिति के अध्यक्ष बसंत तड़ागी, सभासद रोहित बिष्ट, ललित मोहन भट्ट आदि थे। बता दें कि बुड़ाखेत गांव की गर्भवती महिला भवानी देवी (35) पत्नी दिनेश राम ने सोमवार को जिला अस्पताल में पर्ची काउंटर के नजदीक खुले में बेटे को जन्म दिया था।
इधर सीएमएस डॉ. आरके जोशी ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि अस्पताल का स्टाफ अपने संसाधनों का मरीजों के इलाज में उपयोग कर रहा है। अस्पताल में उपलब्ध दवाएं मरीजों को दी जा रही हैं। किसी मेडिकल स्टोर से दवा लाने या किसी निजी अस्पताल में जाने की बात नहीं कही जा रही है। उन्होंने कहा कि गायनाकोलॉजिस्ट नहीं होने से जटिल प्रसव के मामलों में खतरा रहता है इसलिए ऐसे मामलों को रेफर किया जाता है।
जिले की स्वास्थ्य सेवा सबसे बुरे हाल में है। जटिल मामलों को तो छोड़िए सामान्य इलाज भी सरकारी अस्पतालों में जन सामान्य को कम ही मिल पाता है। नारायण दत्त जोशी (16 सीपीटी 06पी)
- जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की बहुत जरूरत है लेकिन अस्पतालों की व्यवस्था को बेहतर करने जैसे मसलों को लोकसभा चुनाव में भी किसी ने नहीं उठाया। आशीष बोहरा (16 सीपीटी 07पी)
- सरकारी अस्पतालों में महिलाओं के उपचार की खास व्यवस्था नहीं है। ज्यादातर महिलाओं को निजी अस्पतालों में धन खर्च करना पड़ता है। रेखा राय (16 सीपीटी 08पी)
- महिला स्वास्थ्य जिले की बड़ी चुनौती है लेकिन इस ओर न अधिकारी ध्यान देते हैं और न ही जन प्रतिनिधि। जिला अस्पताल में सोमवार को हुई घटना से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की अनदेखी का पता चलता है। कमला पंत (16 सीपीटी 09पी)
-चंपावत जिले की स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए बड़े ऑपरेशन की जरूरत है। लोगों को मामूली इलाज के लिए भी हल्द्वानी, बरेली और दिल्ली की दौड़ लगानी पड़ रही है। मंदीप ढेक (16 सीपीटी 10पी) चंपावत।
विधायक ने अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया
विधायक कैलाश गहतोड़ी ने बुड़ाखेत गांव की महिला भवानी देवी द्वारा जिला अस्पताल के पर्ची काउंटर के पास शिशु जन्म देने को गंभीर बताया है। कहा कि वे पूरे मामले की जानकारी लेकर जरूरी कार्यवाही करेंगे। वहीं उन्हें जिले में गायनाकोलोजिस्ट के नहीं होने की जानकारी नहीं थी। विधायक का कहना है कि उनकी जानकारी के मुताबिक जिले में दो गायनाकोलोजिस्ट हैं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उन्हें गायनाकोलॉजिस्ट नहीं होने की जानकारी नहीं दी है। इसके लिए विधायक ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है। कहा कि अस्पतालों के संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर मरीजों का इलाज किया जाए। साथ ही गायनाकोलोजिस्ट की तैनाती के लिए पहल करने की बात भी कही है।