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Champawat News: इतिहास बन जाएगा 63 साल पुराना रोडवेज बस अड्डा
Sun, 02 Apr 2023 11:16 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 02 Apr 2023 11:16 PM IST
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टनकपुर का मौजूदा बस स्टेशन। यहां से शिफ्ट होने के बाद इस जगह का व्यवसायिक इस्तेमाल होगा। संवाद
- फोटो : टनकपुर का मौजूदा बस स्टेशन। यहां से शिफ्ट होने के बाद इस जगह का व्यवसायिक इस्तेमाल होगा। संवाद
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चंपावत। वर्ष 1960 में बना टनकपुर का रोडवेज बस अड्डा अगले दो साल में इतिहास बन जाएगा। यह यहां से एक किलोमीटर दूर रोडवेज कार्यशाला के नजदीक जल निगम की जमीन पर शिफ्ट हो रहा है। मौजूदा बस अड्डे वाली भूमि का व्यवसायिक उपयोग किया जाएगा। इस स्थान का सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) मोड के तहत भूमिगत पार्किंग और मॉल बनाने की योजना है।
टकपुर रोडवेज बस अड्डा कुमाऊं के चारों पर्वतीय जिले में सबसे पुराना और सबसे बड़ा है। बस अड्डे में बमुश्किल 16 बसों को ही खड़ा करने की क्षमता है। इस वजह से न केवल यात्रियों को असुविधा हो रही है, बल्कि जाम की भी समस्या बनी रहती है।
टनकपुर में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) का 15 जनवरी को सीएम पुष्कर सिंह धामी शिलान्यास कर चुके हैं। आईएसबीटी रोडवेज कार्यशाला के पास जल निगम के गोदाम वाले स्थान पर बनेगा। रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक 50 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाले इस बस टर्मिनल में 100 बसों के ठहराव की क्षमता होगी। प्रतीक्षालय, कैंटीन, हाईटेक शौचालय सहित यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी।
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यह भी जानें
रोडवेज कार्यशाला से संबद्ध तीन (टनकपुर, लोहाघाट और पिथौरागढ़) डिपो के अलावा दूसरे डिपो की 200 से अधिक बस सेवाएं पांच हजार से अधिक मुसाफिरों को रोजाना मंजिल तक पहुंचाती हैं।
टनकपुर बस अड्डे को रोडवेज कार्यशाला के पास की जमीन पर स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए जल निगम की 14 बीघा जमीन पर अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके बदले जल निगम को जमीन रोडवेज कार्यशाला में दी जाएगी। आईएसबीटी के पूरा होने के बाद वर्तमान में चल रहे बस अड्डे की भूमि का व्यवसायिक उपयोग किया जाएगा।
-पवन मेहरा, मंडलीय प्रबंधक, रोडवेज, टनकपुर।
टकपुर रोडवेज बस अड्डा कुमाऊं के चारों पर्वतीय जिले में सबसे पुराना और सबसे बड़ा है। बस अड्डे में बमुश्किल 16 बसों को ही खड़ा करने की क्षमता है। इस वजह से न केवल यात्रियों को असुविधा हो रही है, बल्कि जाम की भी समस्या बनी रहती है।
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टनकपुर में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) का 15 जनवरी को सीएम पुष्कर सिंह धामी शिलान्यास कर चुके हैं। आईएसबीटी रोडवेज कार्यशाला के पास जल निगम के गोदाम वाले स्थान पर बनेगा। रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक 50 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाले इस बस टर्मिनल में 100 बसों के ठहराव की क्षमता होगी। प्रतीक्षालय, कैंटीन, हाईटेक शौचालय सहित यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी।
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रोडवेज कार्यशाला से संबद्ध तीन (टनकपुर, लोहाघाट और पिथौरागढ़) डिपो के अलावा दूसरे डिपो की 200 से अधिक बस सेवाएं पांच हजार से अधिक मुसाफिरों को रोजाना मंजिल तक पहुंचाती हैं।
टनकपुर बस अड्डे को रोडवेज कार्यशाला के पास की जमीन पर स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए जल निगम की 14 बीघा जमीन पर अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके बदले जल निगम को जमीन रोडवेज कार्यशाला में दी जाएगी। आईएसबीटी के पूरा होने के बाद वर्तमान में चल रहे बस अड्डे की भूमि का व्यवसायिक उपयोग किया जाएगा।
-पवन मेहरा, मंडलीय प्रबंधक, रोडवेज, टनकपुर।