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Champawat News: चार बार निविदा से आगे नहीं बढ़ा चूका पुल निर्माण
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टनकपुर-जौलजीबी सड़क पर चूका में इस जगह बनना है पुल। संवाद
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। नेपाल सीमा से लगी टनकपुर-जौलजीबी (टीजे) सड़क पर आवाजाही का सपना पूरा होना अभी दूर है लेकिन इस रोड पर टनकपुर से रूपालीगाड़ तक की सड़क पर भी आवाजाही नहीं हो पा रही है। इसकी वजह चूका पुल का निर्माण न होना माना जा रहा है। चूका पुल की चार बार निविदा हो चुकी है। फाइनल नहीं होने से अब पांचवीं बार निविदा की प्रक्रिया चल रही है।
132 किमी लंबी टीजे सड़क का निर्माण फिलहाल रूपालीगाड़ तक हो रहा है। प्रस्तावित पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र का सर्वे होने के बाद रूपालीगाड़ से जौलजीबी तक 77 किमी की सड़क का निर्माण मंजूर हुआ था। टनकपुर से शुरुआती 56 किमी में चूका तक सड़क निर्माण में कोई अड़चन नहीं है। टनकपुर से ठुलीगाड़ तक 12 किमी सड़क पहले बन चुकी है जबकि शेष दो पैकेज (ठुलीगाड़ से चूका 18.600 किमी और चूका-रूपालीगाड़ 24.400 किमी) का काम 90 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है लेकिन इस सड़क को जोड़ने के लिए चूका पर लधिया नदी पर स्वीकृत 690 मीटर पुल का काम लटका हुआ है।
सड़क को जोड़ने वाला यह पुल अगले दो साल तक पूरा नहीं हो सकेगा। इसकी वजह चूका पर बनने वाले पुल की निविदा प्रक्रिया का फाइनल न होना है। चार बार निविदा होने के बाद भी पुल का काम शुरू नहीं हो सका और अब पांचवी बार की निविदा की प्रक्रिया चल रही है।
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2016 की दर पर करना है 2022 में पुल का निर्माण
चंपावत। चूका पुल निर्माण की दरें वर्ष 2016 की हैं और काम 2022 में होना है। काम शुरू न होने की असली वजह भी यही है क्योंकि पुल निर्माण की लागत काफी बढ़ चुकी है। चूका पुल का काम 2017 में शुरू हुआ और जून 2019 तक ब्रिडकुल (ब्रिज, रोपवे, टनल एंड अदर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड) को पूरा करना था लेकिन शुरुआती काम के बाद हुआ विवाद अदालत तक जा पहुंचा। दो साल पहले शासन ने पुल का काम ब्रिडकुल से वापस ले लिया। पिछले दो साल में चार बार निविदा निकली लेकिन अनुमोदित बजट से अधिक राशि के चलते हर बार शासन से निविदा खारिज हो जाती है। इस पुल की निर्माण लागत 29 करोड़ स्वीकृत है जो अब बढ़कर करीब 37 करोड़ तक पहुंच गई है लेकिन बढ़ी राशि का अनुमोदन नहीं हो सका है।
पुल में देरी से नहीं मिल रहा लाभ
टनकपुर और रूपालीगाड़ के बीच का सफर अधूरा होने के साथ ही तल्लादेश सहित सीमांत के गांवों के लोगों के अलावा चूका गांव से रूपालीगाड़ के बीच की एसएसबी की चार बार्डर आउटपोस्ट को सड़क बनने का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
चूका के पुल की निविदा की प्रक्रिया चल रही है। 25 नवंबर को तकनीकी निविदा हो चुकी है। निविदा पूरी होने के बाद इसे अनुमोदन के लिए मुख्यालय भेजा जाएगा। मुख्यालय के निर्देश के बाद अगले चरण का काम किया जाएगा।
- आदर्श गोपाल, ईई, पीआईयू, टनकपुर।
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132 किमी लंबी टीजे सड़क का निर्माण फिलहाल रूपालीगाड़ तक हो रहा है। प्रस्तावित पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र का सर्वे होने के बाद रूपालीगाड़ से जौलजीबी तक 77 किमी की सड़क का निर्माण मंजूर हुआ था। टनकपुर से शुरुआती 56 किमी में चूका तक सड़क निर्माण में कोई अड़चन नहीं है। टनकपुर से ठुलीगाड़ तक 12 किमी सड़क पहले बन चुकी है जबकि शेष दो पैकेज (ठुलीगाड़ से चूका 18.600 किमी और चूका-रूपालीगाड़ 24.400 किमी) का काम 90 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है लेकिन इस सड़क को जोड़ने के लिए चूका पर लधिया नदी पर स्वीकृत 690 मीटर पुल का काम लटका हुआ है।
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सड़क को जोड़ने वाला यह पुल अगले दो साल तक पूरा नहीं हो सकेगा। इसकी वजह चूका पर बनने वाले पुल की निविदा प्रक्रिया का फाइनल न होना है। चार बार निविदा होने के बाद भी पुल का काम शुरू नहीं हो सका और अब पांचवी बार की निविदा की प्रक्रिया चल रही है।
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2016 की दर पर करना है 2022 में पुल का निर्माण
चंपावत। चूका पुल निर्माण की दरें वर्ष 2016 की हैं और काम 2022 में होना है। काम शुरू न होने की असली वजह भी यही है क्योंकि पुल निर्माण की लागत काफी बढ़ चुकी है। चूका पुल का काम 2017 में शुरू हुआ और जून 2019 तक ब्रिडकुल (ब्रिज, रोपवे, टनल एंड अदर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड) को पूरा करना था लेकिन शुरुआती काम के बाद हुआ विवाद अदालत तक जा पहुंचा। दो साल पहले शासन ने पुल का काम ब्रिडकुल से वापस ले लिया। पिछले दो साल में चार बार निविदा निकली लेकिन अनुमोदित बजट से अधिक राशि के चलते हर बार शासन से निविदा खारिज हो जाती है। इस पुल की निर्माण लागत 29 करोड़ स्वीकृत है जो अब बढ़कर करीब 37 करोड़ तक पहुंच गई है लेकिन बढ़ी राशि का अनुमोदन नहीं हो सका है।
पुल में देरी से नहीं मिल रहा लाभ
टनकपुर और रूपालीगाड़ के बीच का सफर अधूरा होने के साथ ही तल्लादेश सहित सीमांत के गांवों के लोगों के अलावा चूका गांव से रूपालीगाड़ के बीच की एसएसबी की चार बार्डर आउटपोस्ट को सड़क बनने का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
चूका के पुल की निविदा की प्रक्रिया चल रही है। 25 नवंबर को तकनीकी निविदा हो चुकी है। निविदा पूरी होने के बाद इसे अनुमोदन के लिए मुख्यालय भेजा जाएगा। मुख्यालय के निर्देश के बाद अगले चरण का काम किया जाएगा।
- आदर्श गोपाल, ईई, पीआईयू, टनकपुर।