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ब्लड स्टोरेज लगाएगा अकाल मौतों पर ब्रेक

Fri, 10 Jun 2016 10:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत Updated Fri, 10 Jun 2016 10:28 PM IST
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Blood storage will break on famine deaths
चंपावत जिला अस्पताल परिसर में बना ब्लड बैंक भवन। - फोटो : अमर उजाला
चंपावत जिले में ब्लड बैंक की कमी अकाल मौतों का कारण बन रही है। राज्य मानवाधिकार आयोग के नोटिस और लोगों के गुस्से के बावजूद जिले में अगले कुछ महीनों तक ब्लड बैंक का साकार होना मुमकिन नहीं लगता। लेकिन तात्कालिक राहत के लिए ब्लड स्टोरेज मददगार हो सकता है।
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पिथौरागढ़ ब्लड बैंक प्रभारी डा.नरेंद्र चंद्र शर्मा का कहना है कि ब्लड स्टोरेज तात्कालिक तौर पर चंपावत की जरूरत को पूरा कर सकता है। इसके लिए कतिपय सामान्य औपचारिकता के अलावा डीप-फ्रीजर, माइक्रोस्कोप, लैब तकनीशियन की जरूरत है। इस फ्रीजर में रक्त की सप्लाई हल्द्वानी बेस अस्पताल की एसी ब्लड वैन से नियमित अंतराल में की जाती है। चंपावत जिला अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर आरपी खंडूरी ने बताया कि फिलहाल चंपावत में डीप-फ्रीजर नहीं है। डीप-फ्रीजर में सभी चारों गु्रपों के एक-एक रैक होते हैं। प्रत्येक में 50 खाने होते हैं। इनमें रक्त के 50 बैग रखे जा सकते हैं। रक्त रखने के लिए तापमान दो से 8 डिग्री तक होता है। जबकि सीरम, प्लाजमा आदि माइनस 20 से माइनस 70 तक के तापमान में रखा जाता है।
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चंपावत के विधायक हेमेश खर्कवाल का कहना है कि वे ब्लड स्टोरेज के लिए शासन पर दबाव बनाए हुए हैं। उनकी कोशिश विश्व रक्तदाता दिवस (14 जून) तक इस सुविधा को उपलब्ध कराना है। उधर, सीएमओ डा.विनोद टोलिया का कहना है कि केंद्रीय टीम के मुआयने, जरूरी उपकरण और पदों के सृजन के बाद ब्लड बैंक शुरू हो सकेगा।
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